कसौली के चाबल धार जंगल में आग का कहर, लोगों और वन्यजीवों पर मंडराया खतरा
कसौली के चाबल धार जंगल में आग का कहर, लोगों और वन्यजीवों पर मंडराया खतरा

Post by : Himachal Bureau

June 29, 2026 11:50 a.m. 1262

हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले के कसौली क्षेत्र में स्थित चाबल धार के जंगल में शनिवार को अचानक भीषण आग लगने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। तेज गर्मी और सूखे मौसम के बीच भड़की इस आग ने कुछ ही समय में बड़ा रूप ले लिया। आग की लपटें तेजी से जंगल के बड़े हिस्से में फैल गईं, जिससे आसपास के गांवों के लोगों में चिंता बढ़ गई। आग के कारण पूरे क्षेत्र में धुएं का घना गुबार छा गया, जिससे लोगों को सांस लेने में भी परेशानी का सामना करना पड़ा।

किन गांवों पर सबसे ज्यादा असर पड़ा?

जानकारी के अनुसार यह आग चाबल और बांजणी गांव के समीप स्थित जंगल में लगी। देखते ही देखते आग तेजी से फैलने लगी और जंगल का बड़ा हिस्सा इसकी चपेट में आ गया। आग के कारण आसपास रहने वाले लोगों में डर का माहौल बन गया। धुएं के कारण दृश्यता भी प्रभावित हुई, जबकि जंगल में रहने वाले वन्यजीवों के लिए भी यह आग बड़ा खतरा बन गई। स्थानीय लोगों ने समय रहते इसकी सूचना संबंधित विभागों को दी।

वन विभाग ने तुरंत शुरू किया राहत और बचाव कार्य

घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई। कर्मचारियों ने बिना समय गंवाए आग बुझाने का अभियान शुरू किया। टीम लगातार कई घंटों तक आग पर काबू पाने के प्रयास में जुटी रही। अधिकारियों का मुख्य उद्देश्य आग को रिहायशी इलाकों और आसपास के महत्वपूर्ण क्षेत्रों तक पहुंचने से रोकना था। आग को फैलने से रोकने के लिए वन विभाग ने पूरी सतर्कता के साथ राहत कार्य चलाया।

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डगशाई कैंट क्षेत्र को सुरक्षित रखने के लिए विशेष प्रयास

वन विभाग और प्रशासन ने विशेष रूप से इस बात का ध्यान रखा कि आग ऐतिहासिक डगशाई कैंट क्षेत्र तक न पहुंचे। यदि आग आगे बढ़ती तो इससे बड़े नुकसान की आशंका थी। इसी कारण अधिकारियों ने युद्ध स्तर पर कार्रवाई करते हुए आग की दिशा को नियंत्रित करने का प्रयास किया। लगातार निगरानी रखी गई ताकि स्थिति और गंभीर न हो।

प्रशासन ने लोगों और पर्यटकों को क्या सलाह दी?

प्रशासन ने स्थानीय लोगों और पर्यटकों से अपील की है कि वे फिलहाल जंगल की ओर जाने से बचें। साथ ही लोगों से यह भी कहा गया है कि जंगल या सूखी घास वाले क्षेत्रों में कोई भी ज्वलनशील वस्तु, जलती बीड़ी, सिगरेट या अन्य आग फैलाने वाली सामग्री न छोड़ें। छोटी सी लापरवाही भी बड़े जंगलों में भीषण आग का कारण बन सकती है।

आग लगने के कारणों की जांच जारी

फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि जंगल में आग किन कारणों से लगी। वन विभाग और संबंधित अधिकारी पूरे मामले की जांच कर रहे हैं। शुरुआती स्तर पर सभी संभावित कारणों की पड़ताल की जा रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आग लगने की असली वजह सामने आ सकेगी।

गर्मी के मौसम में बढ़ रही जंगल की आग की घटनाएं

हिमाचल प्रदेश में बढ़ती गर्मी, सूखे मौसम और तेज धूप के कारण जंगलों में आग लगने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी घटनाओं से न केवल जंगलों को नुकसान पहुंचता है, बल्कि पर्यावरण, वन्यजीव और स्थानीय लोगों के जीवन पर भी इसका गहरा असर पड़ता है। इसलिए जंगलों के आसपास रहने वाले लोगों और पर्यटकों को अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता है।

वन विभाग और जिला प्रशासन पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। अधिकारियों का कहना है कि आग को पूरी तरह बुझाने और किसी भी संभावित खतरे को रोकने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। लोगों से अपील की गई है कि वे प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें और किसी भी आपात स्थिति की जानकारी तुरंत संबंधित विभाग को दें।

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