राष्ट्रीय सांख्यिकी दिवस पर हमीरपुर में खास कार्यक्रम, सही डेटा पर दिया गया जोर
राष्ट्रीय सांख्यिकी दिवस पर हमीरपुर में खास कार्यक्रम, सही डेटा पर दिया गया जोर

Author : Rajneesh Kapil Hamirpur

June 29, 2026 2:47 p.m. 336

हमीरपुर में सोमवार को 20वें राष्ट्रीय सांख्यिकी दिवस के अवसर पर जिला सांख्यिकीय अधिकारी कार्यालय में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में अधिकारियों और कर्मचारियों ने भाग लिया। जिला सांख्यिकीय अधिकारी अशोक कुमार ने सभी को राष्ट्रीय सांख्यिकी दिवस की शुभकामनाएं देते हुए इसके महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि देश के विकास, योजनाओं की सफलता और सही नीतियां बनाने में विश्वसनीय आंकड़ों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।

राष्ट्रीय सांख्यिकी दिवस क्यों मनाया जाता है?

अशोक कुमार ने बताया कि वर्ष 2007 में भारत सरकार ने महान सांख्यिकीविद् प्रोफेसर प्रशांत चंद्र महालनोबिस की जयंती 29 जून को राष्ट्रीय सांख्यिकी दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया था। इस दिन का उद्देश्य सांख्यिकी के महत्व के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाना और नीति निर्माण में डेटा की भूमिका को समझाना है।

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प्रोफेसर पी.सी. महालनोबिस का योगदान क्या था?

कार्यक्रम में प्रोफेसर पी.सी. महालनोबिस के जीवन और उनके योगदान पर भी विस्तार से जानकारी दी गई। उन्हें भारतीय सांख्यिकी का जनक माना जाता है। उन्होंने भारतीय सांख्यिकी संस्थान की स्थापना की और राष्ट्रीय प्रतिदर्श सर्वेक्षण संगठन (एनएसएसओ) के गठन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके अलावा उन्होंने देश की दूसरी पंचवर्षीय योजना के निर्माण में भी अहम योगदान दिया। सांख्यिकी और विज्ञान के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए भारत सरकार ने उन्हें पद्म विभूषण से सम्मानित किया था।

इस वर्ष की थीम क्या है?

जिला सांख्यिकीय अधिकारी ने बताया कि इस वर्ष राष्ट्रीय सांख्यिकी दिवस की थीम "प्रशासनिक डेटा की क्षमता को अनलॉक करना" रखी गई है। इस विषय का उद्देश्य सरकारी विभागों में उपलब्ध आंकड़ों का बेहतर उपयोग कर योजनाओं और सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाना है। उन्होंने कहा कि सही डेटा के आधार पर ही बेहतर फैसले लिए जा सकते हैं और आम लोगों तक सरकारी योजनाओं का लाभ प्रभावी ढंग से पहुंचाया जा सकता है।

सही डेटा क्यों है सबसे जरूरी?

अशोक कुमार ने कहा कि किसी भी सरकार के लिए नीतियां बनाने, योजनाओं को लागू करने और विकास कार्यों का सही आकलन करने में विश्वसनीय आंकड़ों की अहम भूमिका होती है। यदि डेटा सटीक और अद्यतन होगा तो विकास योजनाओं को बेहतर तरीके से लागू किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि आज के समय में डेटा आधारित निर्णय ही बेहतर प्रशासन और पारदर्शी व्यवस्था की मजबूत नींव हैं।

कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि भारत में पिछले कुछ वर्षों में नीति निर्माण, सामाजिक अनुसंधान और विकास योजनाओं में सांख्यिकी का महत्व लगातार बढ़ा है। आधुनिक तकनीक और डिजिटल प्रणाली के बढ़ते उपयोग के साथ डेटा का सही विश्लेषण सरकारों को बेहतर फैसले लेने में मदद कर रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में प्रशासनिक डेटा का प्रभावी उपयोग देश के विकास को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

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