पूर्व सरकार पर सुक्खू का निशाना, खजाने के दुरुपयोग का आरोप
पूर्व सरकार पर सुक्खू का निशाना, खजाने के दुरुपयोग का आरोप

Author : Rajneesh Kapil Hamirpur

Feb. 11, 2026 11:07 a.m. 2346

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने पूर्व भाजपा सरकार पर राज्य के खजाने के दुरुपयोग का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने विकास कार्यों और आवश्यक अधोसंरचना पर खर्च करने के बजाय राजनीतिक लाभ और फिजूलखर्ची पर अधिक ध्यान दिया। मुख्यमंत्री के अनुसार भाजपा सरकार को अपने पांच वर्षीय कार्यकाल के दौरान केंद्र से राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) के रूप में 54,296 करोड़ रुपये प्राप्त हुए थे।

मुख्यमंत्री ने बताया कि भाजपा सरकार को यह राशि राज्य की कुल आय का लगभग 25 से 30 प्रतिशत थी। इसके अतिरिक्त भाजपा शासनकाल में लगभग 16,000 करोड़ रुपये की जीएसटी क्षतिपूर्ति भी मिली थी। उन्होंने आरोप लगाया कि इस राशि का उपयोग राज्य की आर्थिक स्थिति सुधारने के बजाय मुफ्त योजनाओं और विभिन्न संस्थानों को खोलने जैसे अनावश्यक कार्यों पर किया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके मुकाबले वर्तमान कांग्रेस सरकार को पिछले तीन वर्षों में केवल 17,563 करोड़ रुपये का आरडीजी प्राप्त हुआ है, जो भाजपा सरकार को मिले अनुदान की तुलना में काफी कम है। उन्होंने बताया कि भाजपा सरकार को 14वें और 15वें वित्त आयोग के तहत लगातार बड़ी राशि मिली, इसके बावजूद कर्मचारियों के बकाया भुगतान और महंगाई भत्ता जारी नहीं किया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में स्वास्थ्य क्षेत्र में पर्याप्त निवेश नहीं हुआ। उन्होंने बताया कि वर्तमान सरकार अस्पतालों के आधुनिकीकरण पर लगभग 3,000 करोड़ रुपये खर्च कर रही है। इसके अलावा जायका फेज-2 के तहत करीब 1,300 करोड़ रुपये स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने पर लगाए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि दिसंबर 2022 में सरकार संभालने के समय राज्य गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रहा था। भाजपा शासन के अंत तक राज्य पर कुल कर्ज बढ़कर लगभग 76,185 करोड़ रुपये हो गया था। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने बिना बजट प्रावधान के वेतन संशोधन और डीए बकाया की घोषणा कर दी थी, जिससे आर्थिक दबाव और बढ़ गया।

मुख्यमंत्री ने नेता प्रतिपक्ष के उस आरोप को भी खारिज किया जिसमें कहा गया था कि भाजपा विधायकों को वित्तीय प्रस्तुति में शामिल नहीं किया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा नेताओं को व्यक्तिगत रूप से लिखित निमंत्रण भेजे गए थे, लेकिन उन्होंने बैठक में शामिल न होने का निर्णय लिया।

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