Author : Rajneesh Kapil Hamirpur
पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने शिमला से जारी अपने विस्तृत बयान में कहा कि केंद्र की मोदी सरकार ने हाल ही में हुए अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक समझौतों में हिमाचल प्रदेश के सेब बागवानों के हितों की पूरी तरह रक्षा की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिका, न्यूज़ीलैंड और यूरोपीय संघ जैसे देशों के साथ हुए व्यापारिक समझौतों को लेकर जो आशंकाएँ जताई जा रही हैं, वे पूरी तरह निराधार हैं और विपक्षी दलों द्वारा फैलाया गया भ्रम हैं।
जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार किसानों और बागवानों की आय को सुरक्षित रखने के लिए प्रतिबद्ध है। सेब आयात के मामले में सरकार ने न्यूनतम आयात मूल्य, आयात शुल्क, सीमित कोटा और सुरक्षा प्रावधानों को प्रभावी ढंग से लागू किया है। इन व्यवस्थाओं के कारण विदेशी सेब भारतीय बाजार में सस्ते दामों पर उपलब्ध नहीं हो सकते, जिससे हिमाचल के बागवानों को किसी प्रकार का नुकसान नहीं होगा।
उन्होंने बताया कि यूरोपीय संघ से आने वाले सेब पर प्रति किलो निर्धारित न्यूनतम आयात मूल्य लागू है, जिसके कारण उनकी अंतिम लागत अधिक रहती है। इसी प्रकार अमेरिका से आने वाले सेब पर भी न्यूनतम आयात मूल्य और अतिरिक्त आयात शुल्क लगाया गया है, जिससे उनकी बाजार कीमत ऊँची रहती है। न्यूज़ीलैंड से आयात होने वाले सेब भी उच्च शुल्क और मूल्य श्रेणी में आते हैं। इन सभी व्यवस्थाओं से यह सुनिश्चित किया गया है कि विदेशी सेब घरेलू उत्पादकों के लिए अनुचित प्रतिस्पर्धा न बनें।
जयराम ठाकुर ने कहा कि भारत में सेब का वार्षिक घरेलू उत्पादन लगभग बाइस लाख मीट्रिक टन है, जबकि आयात की मात्रा लगभग साढ़े पाँच लाख मीट्रिक टन के आसपास है। यह अनुपात दर्शाता है कि आयात सीमित है और नियंत्रित ढांचे के अंतर्गत किया जाता है। सरकार ने आयात के लिए कोटा प्रणाली लागू की है, जिसके अंतर्गत निर्धारित सीमा से अधिक आयात होने पर अतिरिक्त शुल्क लगाया जाता है। इससे घरेलू बाजार में संतुलन बना रहता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सहित कुछ अन्य राजनीतिक दल इस विषय पर अनावश्यक भय और भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसानों और बागवानों के संवेदनशील मुद्दों पर राजनीति करना उचित नहीं है। तथ्यों से स्पष्ट है कि केंद्र सरकार ने व्यापारिक समझौतों में पूरी सावधानी बरती है और हिमाचल प्रदेश के सेब उत्पादकों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है।
जयराम ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश के सेब बागवानों को आश्वस्त करते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी उनके साथ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी यदि किसी प्रकार की चुनौती सामने आती है तो सरकार आवश्यक कदम उठाएगी। केंद्र की नीतियों का उद्देश्य स्पष्ट है कि किसानों की आय बढ़े, उन्हें बेहतर बाजार मिले और उनकी आजीविका सुरक्षित रहे।
अंत में उन्होंने बागवानों से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और तथ्यों पर भरोसा रखें। सरकार की दूरदर्शी और संतुलित नीतियों के कारण सेब उत्पादकों के हित पूरी तरह सुरक्षित हैं और विदेशी सेब से उन्हें किसी प्रकार का नुकसान नहीं होगा।
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