मंडी में पनीर के 6 सैंपल फेल, खाद्य सुरक्षा विभाग ने जारी किए नोटिस
मंडी में पनीर के 6 सैंपल फेल, खाद्य सुरक्षा विभाग ने जारी किए नोटिस

Post by : Himachal Bureau

June 5, 2026 10:42 a.m. 286

हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में पनीर खाने वाले लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से की गई जांच में पनीर के कई नमूने गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरे हैं। विभाग ने जांच रिपोर्ट आने के बाद संबंधित विक्रेताओं के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है और उन्हें नोटिस जारी किए गए हैं।

जानकारी के अनुसार खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने अप्रैल महीने के दौरान मंडी जिले के विभिन्न क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाकर खाद्य पदार्थों के नमूने एकत्र किए थे। इस दौरान सुंदरनगर, जोगिंदरनगर, पनारसा, बागशायड़, नगवाई और पधर सहित कई क्षेत्रों से विभिन्न खाद्य उत्पादों के नमूने लिए गए। इनमें पनीर के अलावा अन्य खाद्य सामग्री भी शामिल थी।

जांच के लिए सभी नमूनों को कंडाघाट स्थित प्रयोगशाला में भेजा गया था। करीब डेढ़ महीने बाद आई रिपोर्ट में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। जांच में पनीर के 6 नमूने निर्धारित गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरे और उन्हें असफल घोषित किया गया। रिपोर्ट के अनुसार पनीर में दूध से मिलने वाली वसा की मात्रा निर्धारित मानकों से कम पाई गई। जांच में यह भी संकेत मिले कि पनीर तैयार करने में अन्य प्रकार की वसा का इस्तेमाल किया गया हो सकता है। इसी कारण उत्पाद की गुणवत्ता प्रभावित हुई और वह तय मानकों को पूरा नहीं कर सका।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि निम्न गुणवत्ता वाले खाद्य पदार्थों का लगातार सेवन लोगों के स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। ऐसे उत्पादों से उपभोक्ताओं को पोषण कम मिलता है और स्वास्थ्य संबंधी जोखिम भी बढ़ सकते हैं। इसलिए लोगों को खाद्य पदार्थ खरीदते समय गुणवत्ता और विश्वसनीयता का विशेष ध्यान रखना चाहिए।

जांच के दौरान केवल पनीर ही नहीं बल्कि कुछ अन्य खाद्य उत्पादों में भी अनियमितताएं सामने आई हैं। विभाग द्वारा लिए गए नमूनों में शहद, सेब के रस और सेब से बने सिरके के कुछ उत्पादों को गलत लेबलिंग वाला पाया गया है। इन उत्पादों के पैकेट पर उपभोक्ताओं के लिए जरूरी जानकारी पूरी तरह उपलब्ध नहीं थी, जिसके कारण उन्हें नियमों के अनुरूप नहीं माना गया।

खाद्य सुरक्षा विभाग ने संबंधित कंपनियों और विक्रेताओं को नोटिस जारी कर निर्धारित समय के भीतर जवाब देने के निर्देश दिए हैं। विभाग का कहना है कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

विभाग के अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे केवल प्रमाणित और भरोसेमंद स्थानों से खाद्य सामग्री खरीदें तथा किसी भी संदिग्ध उत्पाद की जानकारी तुरंत संबंधित विभाग को दें, ताकि उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

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