मंडी में 8 बीघा जमीन पर अवैध भांग की खेती का खुलासा, 3 लाख पौधे नष्ट
मंडी में 8 बीघा जमीन पर अवैध भांग की खेती का खुलासा, 3 लाख पौधे नष्ट

Post by : Himachal Bureau

Aug. 11, 2026 12:53 p.m. 119

हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के दौरान पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। औट थाना पुलिस ने सोगमाड़ ग्राम पंचायत के छलवार गांव में वन विभाग की जमीन पर बड़े स्तर पर की जा रही अवैध भांग की खेती का पता लगाया है। कार्रवाई के दौरान पुलिस टीम ने करीब 8 बीघा क्षेत्र में फैले 27 सीढ़ीनुमा खेतों से 3,11,110 भांग के पौधे बरामद कर उन्हें मौके पर ही नष्ट कर दिया। पुलिस के अनुसार, इलाके में अवैध नशे की खेती पर रोक लगाने के लिए लगातार गश्त और तलाशी अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान टीम को वन भूमि के एक बड़े हिस्से में भांग की फसल दिखाई दी। इतनी बड़ी संख्या में पौधे मिलने के बाद पुलिस ने तुरंत मौके पर कार्रवाई शुरू की।

8 बीघा क्षेत्र में मिले 27 खेत

जांच के दौरान सामने आया कि वन भूमि के लगभग 8 बीघा हिस्से में कुल 27 पटीदार खेतों में भांग के पौधे उगाए गए थे। खेतों में पौधों की संख्या इतनी अधिक थी कि पुलिस को पूरी कार्रवाई के लिए विशेष प्रक्रिया अपनानी पड़ी। इस कार्रवाई को Himachal Drug News के तहत नशे के खिलाफ पुलिस की बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि अवैध रूप से की जा रही नशे की खेती को किसी भी स्थिति में बढ़ने नहीं दिया जाएगा।

10 पौधों को जांच के लिए सुरक्षित रखा

पुलिस ने कार्रवाई के दौरान कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए मौके पर राजस्व विभाग के अधिकारियों और स्वतंत्र गवाहों को भी बुलाया। जांच के लिए कुल 10 भांग के पौधों को जड़ सहित उखाड़कर अलग किया गया। इन्हें नमूने के तौर पर सुरक्षित करते हुए सील कर दिया गया। इसके बाद बाकी बचे 3,11,100 पौधों को पुलिस टीम ने जड़ समेत उखाड़कर मौके पर ही नष्ट कर दिया। Illegal Cannabis Cultivation के खिलाफ हुई इस कार्रवाई में पुलिस ने खेती के पूरे क्षेत्र का निरीक्षण भी किया।

अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज

मंडी के पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार ने बताया कि मामले में औट पुलिस थाने में अज्ञात लोगों के खिलाफ मादक पदार्थ निषेध कानून के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि वन भूमि पर इतनी बड़ी मात्रा में भांग की खेती किसने करवाई थी। Mandi Police की जांच में राजस्व विभाग की भी मदद ली जा रही है। संबंधित जमीन की आधिकारिक निशानदेही करवाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, ताकि खेती वाले क्षेत्र की सही स्थिति और भूमि से जुड़े दस्तावेजों की पुष्टि की जा सके।

खेती के पीछे कौन, पुलिस तलाश रही जवाब

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस अवैध खेती के पीछे स्थानीय स्तर पर कौन-कौन लोग शामिल थे। इसके अलावा जमीन पर खेती कब शुरू की गई और इसे संचालित करने वालों का किसी बड़े नशा नेटवर्क से संबंध है या नहीं, इसकी भी जांच की जा रही है। Himachal Pradesh Police के अनुसार, अवैध नशे की खेती के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। अधिकारियों का कहना है कि प्राकृतिक संसाधनों और सरकारी भूमि का इस्तेमाल नशीली फसलों के उत्पादन के लिए करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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नशे के खिलाफ अभियान रहेगा जारी

मंडी जिले में सामने आई यह कार्रवाई Cannabis Farming के खिलाफ पुलिस की मुहिम का हिस्सा है। पुलिस का कहना है कि ऐसे क्षेत्रों की पहचान कर लगातार निगरानी की जा रही है, जहां नशीली फसलों की अवैध खेती की आशंका रहती है। Mandi News से जुड़े इस मामले में फिलहाल किसी आरोपी की पहचान सामने नहीं आई है। पुलिस दस्तावेजी जांच और स्थानीय स्तर पर पूछताछ के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। वहीं Drug Free Himachal अभियान के तहत आने वाले दिनों में भी इस तरह की कार्रवाई जारी रहने की संभावना है।

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