नेपाल से इलाज के लिए आई नाबालिग से दुराचार, आरोपी को 20 साल की सजा
नेपाल से इलाज के लिए आई नाबालिग से दुराचार, आरोपी को 20 साल की सजा

Post by : Himachal Bureau

Oct. 1, 2026 12:18 p.m. 127

हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले से सामने आए नाबालिग से दुराचार के मामले में अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए 20 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय (पोक्सो), किन्नौर स्थित रामपुर ने मामले की सुनवाई पूरी करने के बाद आरोपी राम बहादुर को सजा सुनाई। अदालत ने आरोपी पर 5 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। यह मामला वर्ष 2024 में रिकांगपिओ क्षेत्र में सामने आया था। अदालत के फैसले की जानकारी जिला उप न्यायवादी कमल चंदेल ने दी।

बेटी के इलाज के लिए नेपाल से हिमाचल आई थी मां

मामले के अनुसार, पीड़िता अपनी मां के साथ इलाज के लिए नेपाल से हिमाचल प्रदेश आई थी। रिपोर्ट के मुताबिक, बच्ची के दिल में छेद होने के कारण उसकी मां उसका उपचार भारत में करवाना चाहती थी। इसी उद्देश्य से दोनों कुछ दिन पहले रिकांगपिओ पहुंची थीं। घटना के दिन बच्ची की मां किसी काम से बाहर गई हुई थी। इसी दौरान बच्ची पानी लेने के लिए आरोपी के क्वार्टर के पास स्थित नल पर गई थी। अभियोजन पक्ष के अनुसार, इसी दौरान आरोपी ने बच्ची को अपने कमरे में ले जाकर उसके साथ दुराचार किया। मामले में आरोपी के खिलाफ POCSO Case के तहत कार्रवाई की गई।

फोन के जरिए मां को दी घटना की जानकारी

मामले में सामने आई जानकारी के अनुसार, बच्ची ने आरोपी के मोबाइल फोन से अपनी मां को घटना के बारे में बताया। इसके बाद मां ने एक नेपाली व्यक्ति को आरोपी के कमरे की ओर भेजा। जब वह व्यक्ति कमरे के पास पहुंचा तो अंदर से बच्ची के रोने की आवाज सुनाई दी। इसके बाद कमरे का दरवाजा खोला गया। वहां बच्ची को देखकर घटना की जानकारी उसकी मां को हुई और पुलिस को सूचना दी गई। इसके बाद बच्ची की मां ने रिकांगपिओ पुलिस थाने में शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस ने मामला दर्ज करने के बाद जांच शुरू की।

पुलिस जांच के बाद अदालत में पेश हुआ चालान

मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने जांच के दौरान संबंधित साक्ष्य जुटाए और आरोपों की पड़ताल की। मामले की जांच उपनिरीक्षक भरत सिंह ने की। जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने आरोप पत्र अदालत में पेश किया। इसके बाद मामला पोक्सो अदालत में पहुंचा, जहां अभियोजन पक्ष की ओर से मामले से जुड़े गवाहों और साक्ष्यों को अदालत के सामने रखा गया। अदालत में करीब 20 गवाहों के बयान दर्ज किए गए। उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत ने आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों को सिद्ध पाया।

आरोपी को 20 साल की सजा और जुर्माना

अदालत ने मामले की सुनवाई पूरी करने के बाद राम बहादुर को दोषी करार दिया और उसे 20 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही आरोपी पर 5 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया। यह फैसला Kinnaur News में सामने आए इस मामले में महत्वपूर्ण न्यायिक कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, अदालत के फैसले को लेकर सभी तथ्य न्यायिक रिकॉर्ड और अभियोजन पक्ष की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों पर आधारित हैं।

एक अन्य पोक्सो मामले में भी 20 साल की सजा

इसी अदालत में सामने आए एक अन्य मामले में भी आरोपी को नाबालिग के यौन शोषण का दोषी पाए जाने के बाद 20 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई गई। जानकारी के अनुसार, दूसरे मामले में आरोपी पर अपनी ही बेटी के साथ करीब दो से तीन वर्ष तक शारीरिक शोषण करने का आरोप था। अदालत में आरोप सिद्ध होने के बाद आरोपी को 20 वर्ष के कारावास के साथ 10 हजार रुपये के जुर्माने की सजा दी गई। दोनों मामलों में अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर निर्णय सुनाया।

नाबालिगों की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला

इस तरह के मामलों में POCSO Act बच्चों को यौन अपराधों से सुरक्षा देने के लिए लागू किया जाता है। कानून के तहत नाबालिगों के खिलाफ यौन अपराधों की जांच और सुनवाई के लिए विशेष प्रक्रिया निर्धारित है। किन्नौर के इस मामले में भी पुलिस जांच के बाद आरोप पत्र विशेष पोक्सो अदालत में पेश किया गया और सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अपने गवाह और साक्ष्य प्रस्तुत किए। अदालत द्वारा सजा सुनाए जाने के बाद मामले की न्यायिक प्रक्रिया का यह चरण पूरा हुआ है।

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किन्नौर पोक्सो मामले में क्या फैसला आया?

किन्नौर के रामपुर स्थित अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय ने नाबालिग से दुराचार के मामले में आरोपी राम बहादुर को दोषी करार देते हुए 20 वर्ष के कारावास और 5 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।

मामला कब और कहां हुआ था?

मामला 6 नवंबर 2024 को रिकांगपिओ क्षेत्र में सामने आया था। पीड़िता अपनी मां के साथ इलाज के लिए नेपाल से हिमाचल प्रदेश आई थी। शिकायत के बाद रिकांगपिओ पुलिस ने जांच शुरू की थी।

किन्नौर में आरोपी को कितनी सजा मिली?

रामपुर स्थित पोक्सो अदालत ने आरोपी को 20 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। इसके अलावा 5 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। मामले की जांच उपनिरीक्षक भरत सिंह ने की थी और अदालत में करीब 20 गवाहों के बयान दर्ज किए गए।

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