इंदौरा में जरूरतमंद परिवारों को 21 लाख की सहायता, बेटियों को भी आर्थिक संबल
इंदौरा में जरूरतमंद परिवारों को 21 लाख की सहायता, बेटियों को भी आर्थिक संबल

Author : Rajesh Vyas

Oct. 1, 2026 11:08 a.m. 134

कांगड़ा जिले के इंदौरा में जरूरतमंद और आर्थिक रूप से प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाने के उद्देश्य से एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। वन विश्राम गृह इंदौरा में आयोजित कार्यक्रम के दौरान विधायक मलेंद्र राजन ने मुख्यमंत्री राहत कोष के तहत लाभार्थी परिवारों को करीब 21 लाख रुपये की आर्थिक सहायता के चेक वितरित किए। कार्यक्रम में बेटियों के भविष्य को आर्थिक सहारा देने से जुड़ी सहायता भी प्रदान की गई। इस दौरान क्षेत्र के 25 परिवारों की बेटियों के नाम 21-21 हजार रुपये की सावधि जमा रसीद दी गई। उपलब्ध स्थानीय रिपोर्ट के अनुसार यह सहायता ‘बेटी है अनमोल योजना’ के तहत प्रदान की गई।

गंभीर परिस्थितियों में राहत का सहारा

विधायक मलेंद्र राजन ने कहा कि मुख्यमंत्री राहत कोष के माध्यम से गंभीर बीमारी, दुर्घटना और अन्य कठिन परिस्थितियों से प्रभावित परिवारों को आर्थिक मदद उपलब्ध कराने का काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आर्थिक संकट से गुजर रहे परिवारों के लिए समय पर मिलने वाली सहायता महत्वपूर्ण होती है। सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का उद्देश्य पात्र लोगों तक सहायता पहुंचाना है, ताकि कठिन परिस्थितियों में परिवारों को अतिरिक्त आर्थिक दबाव का सामना न करना पड़े।

25 बेटियों के नाम 21-21 हजार रुपये की एफडी

कार्यक्रम का एक प्रमुख हिस्सा बेटियों के नाम आर्थिक सहायता प्रदान करना रहा। 25 परिवारों की बेटियों के नाम 21-21 हजार रुपये की सावधि जमा रसीद दी गई। हिमाचल सरकार के पुराने आधिकारिक प्रावधानों में ‘बेटी है अनमोल योजना’ के तहत गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले परिवारों की अधिकतम दो बेटियों को आर्थिक सहायता का प्रावधान रहा है। वर्ष 2021 में जन्म के बाद मिलने वाली सहायता को 12 हजार रुपये से बढ़ाकर 21 हजार रुपये किया गया था। हालांकि, वर्तमान स्थिति में हिमाचल प्रदेश सरकार की महिला एवं बाल विकास विभाग की वेबसाइट के अनुसार इस योजना को 1 अप्रैल 2026 से इंदिरा गांधी सुख सुरक्षा योजना के रूप में पुनर्गठित किया गया है। नई व्यवस्था का उद्देश्य बालिकाओं के आर्थिक भविष्य और परिवारों की सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करना है।

बेटियों की शिक्षा और भविष्य पर जोर

विधायक ने कहा कि बेटियों की शिक्षा, सुरक्षा और भविष्य को मजबूत करना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने परिवारों से सरकार की पात्रता आधारित योजनाओं की जानकारी लेने और संबंधित विभागों से संपर्क करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों को शिक्षा और आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध करवाना जरूरी है। सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं का लाभ पात्र परिवारों तक पहुंचने से परिवारों पर आने वाला आर्थिक दबाव कम हो सकता है।

पंचायतों के विकास कार्यों की भी समीक्षा

कार्यक्रम के बाद विधायक ने गंगथ-1, गंगथ-2, रप्पड़ और अटाहड़ा पंचायतों के प्रतिनिधियों तथा क्षेत्र के गणमान्य लोगों के साथ विकास कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान सड़क, पेयजल, बिजली, शिक्षा और स्वास्थ्य सहित स्थानीय स्तर से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई। पंचायत प्रतिनिधियों से क्षेत्र की आवश्यकताओं और लोगों से जुड़ी समस्याओं की जानकारी ली गई।

ग्रामीण क्षेत्रों में सुविधाओं को मजबूत करने की बात

मलेंद्र राजन ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करना जरूरी है। उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों और पंचायत प्रतिनिधियों के बीच बेहतर समन्वय के साथ विकास कार्यों को आगे बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर की समस्याओं का समय पर समाधान होने से ग्रामीण आबादी को सीधे लाभ मिलता है। सड़क, पानी, बिजली, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी सुविधाएं ग्रामीण क्षेत्रों के विकास की आधारभूत जरूरतें हैं।

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कौन-कौन रहे मौजूद?

कार्यक्रम में एसडीएम सुरिन्द्र ठाकुर, सीडीपीओ सुनित कुमार, भूपल कटोच, विरेन्द्र पठानिया, अनिल कटोच, राजेश ठाकुर, नीरज, रणजीत पठानिया और तारा चंद सहित पंचायत प्रतिनिधि, लाभार्थी परिवार तथा अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।

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