मुख्यमंत्री का सख्त संदेश, चिट्टा माफिया को नहीं मिलेगी कोई राहत, कार्रवाई जारी रहेगी
मुख्यमंत्री का सख्त संदेश, चिट्टा माफिया को नहीं मिलेगी कोई राहत, कार्रवाई जारी रहेगी

Post by : Himachal Bureau

June 6, 2026 11:15 a.m. 127

विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर शिमला के रिज मैदान में आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री Sukhvinder Singh Sukhu ने पर्यावरण संरक्षण को समाज के हर वर्ग की साझा जिम्मेदारी बताते हुए लोगों से इसे जन आंदोलन का रूप देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि स्वच्छ जल, शुद्ध वायु, नदियां और वन प्रकृति की अनमोल धरोहर हैं, जिनकी रक्षा करना हम सभी का कर्तव्य है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित और स्वस्थ वातावरण छोड़ना आज की सबसे बड़ी जरूरत है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश पूरे उत्तर भारत को स्वच्छ हवा और जल उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यही कारण है कि प्रदेश को पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में विशेष पहचान प्राप्त है। उन्होंने कहा कि राज्य देश को बड़ी मात्रा में प्राकृतिक सेवाएं प्रदान करता है, लेकिन इसके अनुरूप पर्याप्त सहयोग नहीं मिल पाता। उन्होंने भरोसा दिलाया कि प्रदेश के हितों और अधिकारों को हर उचित मंच पर मजबूती से उठाया जाएगा।

उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक पेड़ लगाने, जल संरक्षण करने और प्लास्टिक के उपयोग को कम करने की अपील की। मुख्यमंत्री ने कहा कि बढ़ता तापमान, बदलता मौसम और प्राकृतिक आपदाओं की बढ़ती घटनाएं यह संकेत देती हैं कि जलवायु परिवर्तन आज पूरी दुनिया के सामने एक गंभीर चुनौती बन चुका है। ऐसे में पर्यावरण के प्रति जागरूकता और जिम्मेदारी दोनों आवश्यक हैं।

मुख्यमंत्री ने वर्ष 2023 और 2025 में आई प्राकृतिक आपदाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इन घटनाओं से हजारों परिवार प्रभावित हुए थे। सरकार ने हर संभव सहायता प्रदान की, लेकिन भविष्य में ऐसी परिस्थितियों से बचने के लिए जंगलों और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि सरकार ने वर्ष 2030 तक प्रदेश में वन क्षेत्र बढ़ाने का लक्ष्य तय किया है और विभिन्न योजनाओं के माध्यम से वन संरक्षण को बढ़ावा दिया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में हरित विकास को बढ़ावा देने के लिए कई नई पहलें शुरू की गई हैं। सरकार सार्वजनिक परिवहन में ग्रीन एनर्जी आधारित व्यवस्थाओं को प्रोत्साहित कर रही है और जल्द ही बड़ी संख्या में विद्युत बसों को परिवहन बेड़े में शामिल किया जाएगा। इसके अलावा जंगलों में आग की घटनाओं को कम करने और रोजगार के अवसर पैदा करने के लिए विशेष परियोजनाएं भी शुरू की जा रही हैं।

मुख्यमंत्री ने नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान पर भी विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि चिट्टा माफिया और अन्य नशीले पदार्थों के कारोबार के खिलाफ प्रदेश में व्यापक स्तर पर कार्रवाई की जा रही है। यह केवल सरकारी अभियान नहीं बल्कि समाज की भागीदारी वाला जन आंदोलन बन चुका है। युवाओं, महिलाओं और विभिन्न सामाजिक संगठनों को इस अभियान से जोड़ा गया है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में नशा तस्करी से जुड़े लोगों की पहचान पंचायत स्तर तक की गई है और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि कानून से ऊपर कोई नहीं है और नशा तस्करी में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। इस दिशा में कई तस्करों की संपत्तियों की पहचान की गई है और अवैध गतिविधियों से अर्जित संपत्तियों पर भी कार्रवाई की जा रही है।

कार्यक्रम के दौरान पर्यावरण संरक्षण में उत्कृष्ट योगदान देने वाले संस्थानों और व्यक्तियों को सम्मानित भी किया गया। विभिन्न विद्यालयों, पंचायतों, उद्योगों और संस्थाओं को उनके उल्लेखनीय कार्यों के लिए पुरस्कार प्रदान किए गए। इसके साथ ही पर्यावरण संरक्षण और नशा मुक्त समाज के निर्माण का सामूहिक संकल्प भी लिया गया। मुख्यमंत्री ने लोगों से आगामी जनगणना में सक्रिय भागीदारी करने और प्रदेश को स्वच्छ, हरित तथा नशा मुक्त बनाने में सहयोग देने की अपील की।

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