सैंज में स्क्रब टाइफस के मामले जारी, रोजाना 4 से 5 मरीज मिल रहे पॉजिटिव
सैंज में स्क्रब टाइफस के मामले जारी, रोजाना 4 से 5 मरीज मिल रहे पॉजिटिव

Author : Prem Sagar

Sept. 30, 2026 11:38 a.m. 127

बंजार उपमंडल के सैंज क्षेत्र में स्क्रब टाइफस के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) सैंज में रोजाना करीब चार से पांच मरीजों के स्क्रब टाइफस पॉजिटिव पाए जाने की जानकारी सामने आई है। 21 सितंबर से अब तक 25 मरीजों में संक्रमण की पुष्टि हो चुकी है। लगातार बढ़ रहे मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है।

सीएचसी सैंज में 25 मरीजों की पुष्टि

सीएचसी सैंज में तैनात चिकित्सक डॉ. वरुण के अनुसार, 21 सितंबर के बाद से अब तक 25 मरीजों की जांच में स्क्रब टाइफस संक्रमण की पुष्टि हुई है। क्षेत्र में रोजाना नए मरीज सामने आने के कारण स्वास्थ्य विभाग लोगों को बीमारी के लक्षणों और बचाव के उपायों को लेकर जागरूक कर रहा है। उन्होंने बताया कि स्क्रब टाइफस ओरिएंटिया त्सुत्सुगामुशी नामक बैक्टीरिया से होने वाला संक्रमण है। यह आम तौर पर एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में सीधे नहीं फैलता। इसका संक्रमण संक्रमित चिगर माइट के काटने से होता है।

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घास और झाड़ियों में बढ़ता है संक्रमण का खतरा

चिकित्सक के मुताबिक चिगर माइट आमतौर पर घास, झाड़ियों और खेतों वाले क्षेत्रों में पाए जाते हैं। ये परजीवी सामान्य रूप से चूहों जैसे छोटे जीवों पर भी पाए जा सकते हैं। बरसात के मौसम में घास और झाड़ियों की अधिकता के कारण इनका संपर्क बढ़ सकता है। सैंज जैसे ग्रामीण और पहाड़ी क्षेत्रों में खेती तथा घास काटने के काम से जुड़े लोगों को ऐसे स्थानों पर अधिक समय बिताना पड़ता है। ऐसे में उन्हें संक्रमण से बचाव के लिए विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

तेज बुखार और बदन दर्द प्रमुख लक्षण

स्क्रब टाइफस के प्रमुख लक्षणों में तेज बुखार, सिरदर्द, बदन दर्द, कमजोरी और शरीर पर लाल दाने शामिल हो सकते हैं। कुछ मरीजों में माइट के काटने वाली जगह पर काले निशान जैसा घाव भी दिखाई दे सकता है। डॉक्टर के अनुसार, बीमारी की समय पर पहचान और चिकित्सकीय उपचार मिलने पर इसका इलाज संभव है। हालांकि, लक्षणों को नजरअंदाज करने या उपचार में देरी करने पर संक्रमण गंभीर रूप ले सकता है। इसलिए लगातार बुखार या अन्य संबंधित लक्षण दिखाई देने पर स्वास्थ्य केंद्र में जांच करवाना जरूरी है।

खेत और घास वाले क्षेत्रों में बरतें सावधानी

स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को खेतों, घास और झाड़ियों वाले क्षेत्रों में जाते समय पूरी बाजू के कपड़े पहनने की सलाह दी है। शरीर के खुले हिस्सों पर मच्छर और कीटरोधी क्रीम का इस्तेमाल करने तथा घर के आसपास साफ-सफाई रखने की अपील की गई है। स्वास्थ्य विभाग ने कहा है कि यदि किसी व्यक्ति को लगातार बुखार, सिरदर्द, बदन दर्द, कमजोरी या शरीर पर लाल दाने जैसे लक्षण दिखाई दें तो इसे नजरअंदाज न करें। ऐसे लक्षण होने पर जल्द से जल्द नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच करवानी चाहिए।

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