Author : Rajesh Vyas
पालमपुर में प्रतिवर्ष होली के पावन अवसर पर श्रद्धा और भक्ति के साथ निकाली जाने वाली महामाई माँ काली की भव्य झाँकी को लेकर इस वर्ष महत्वपूर्ण परिवर्तन किया गया है। समस्त श्रद्धालुओं को सूचित किया गया है कि दिनांक 03.03.2026 को पड़ रहे चंद्र ग्रहण के कारण झाँकी का आयोजन पूर्व निर्धारित तिथि पर नहीं किया जाएगा। यह निर्णय धार्मिक मान्यताओं और मंदिर व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, ताकि सभी अनुष्ठान परंपरागत नियमों के अनुसार संपन्न हो सकें।
चंद्र ग्रहण के अवसर पर घुग्घर स्थित काली बाड़ी मंदिर बंद रहेगा। धार्मिक परंपराओं के अनुसार ग्रहण काल में मंदिरों के कपाट बंद रखे जाते हैं और पूजा-अर्चना स्थगित कर दी जाती है। इसी कारण झाँकी को 03.03.2026 को आयोजित करना संभव नहीं था। मंदिर प्रबंधन समिति और स्थानीय श्रद्धालुओं की सहमति से यह निर्णय लिया गया कि कार्यक्रम की तिथि में बदलाव किया जाए, ताकि श्रद्धालु पूर्ण श्रद्धा और नियमों के साथ माँ के दर्शन कर सकें।
इस वर्ष महामाई माँ काली की पावन झाँकी दिनांक 02.03.2026 को पूर्व वर्षों की भाँति घुग्घर स्थित काली बाड़ी मंदिर से निकाली जाएगी। झाँकी का आयोजन पूरी श्रद्धा, भक्ति और पारंपरिक विधि-विधान के साथ किया जाएगा। हर वर्ष की तरह इस बार भी भक्तजन बड़ी संख्या में शामिल होकर माँ काली के दिव्य स्वरूप के दर्शन करेंगे। झाँकी के दौरान भजन-कीर्तन, धार्मिक नारों और पारंपरिक वाद्ययंत्रों की मधुर ध्वनि से वातावरण भक्तिमय बना रहेगा।
होलिका दहन का कार्यक्रम दिनांक 03.03.2026 को प्रातः 05:30 बजे से 06:00 बजे के बीच काली माता मंदिर, घुग्घर के प्रांगण में आयोजित किया जाएगा। चंद्र ग्रहण के कारण समय और विधि का विशेष ध्यान रखा गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शुभ मुहूर्त में ही होलिका दहन किया जाएगा, ताकि परंपरा और आस्था दोनों की मर्यादा बनी रहे। भक्तजन प्रातःकालीन इस अनुष्ठान में भाग लेकर धर्म लाभ प्राप्त कर सकेंगे।
चूंकि 03.03.2026 को चंद्र ग्रहण पड़ रहा है, इसलिए इस वर्ष रंगों का पर्व होली 04.03.2026 को हर्षोल्लास और उत्साह के साथ मनाया जाएगा। श्रद्धालुओं और नगरवासियों से अनुरोध किया गया है कि वे इस परिवर्तन को ध्यान में रखें और नई तिथि के अनुसार ही त्योहार मनाएं। होली का पर्व आपसी प्रेम, भाईचारे और सौहार्द का प्रतीक है, इसलिए सभी लोग मिलजुलकर इस पर्व को शांतिपूर्ण और आनंदमय वातावरण में मनाएं।
मंदिर प्रबंधन समिति ने सभी श्रद्धालुओं से विनम्र निवेदन किया है कि वे संशोधित तिथियों के अनुसार अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर महामाई माँ काली के दिव्य दर्शन करें और पुण्य लाभ अर्जित करें। झाँकी और होलिका दहन जैसे धार्मिक कार्यक्रम केवल परंपरा नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक पहचान और आस्था के प्रतीक हैं।
यह निर्णय इस बात का प्रमाण है कि पालमपुर में धार्मिक परंपराओं और आस्थाओं का विशेष सम्मान किया जाता है। चंद्र ग्रहण जैसी खगोलीय घटनाओं के दौरान शास्त्रीय नियमों का पालन करना भारतीय संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसलिए कार्यक्रमों की तिथि में परिवर्तन कर यह सुनिश्चित किया गया है कि सभी अनुष्ठान पूर्ण श्रद्धा और नियमों के अनुसार संपन्न हों।
इस प्रकार, पालमपुर में इस वर्ष होली और महामाई माँ काली की झाँकी निर्धारित नई तिथियों पर आयोजित की जाएगी। श्रद्धालु इन पावन अवसरों पर भाग लेकर अपनी आस्था प्रकट करें और सामाजिक एकता एवं धार्मिक परंपराओं को सुदृढ़ बनाएं।
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