परंपरागत खेल हमारी सांस्कृतिक पहचान, दंगल जैसे आयोजन जरूरी : राजीव राणा
परंपरागत खेल हमारी सांस्कृतिक पहचान, दंगल जैसे आयोजन जरूरी : राजीव राणा

Author : Rajneesh Kapil Hamirpur

Jan. 29, 2026 4:09 p.m. 288

हिमाचल प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं और लोक खेलों को जीवित रखने की दिशा में दियोट सिद्ध स्थित बाबा बालक नाथ मंदिर परिसर में एक भव्य और विशाल दंगल का आयोजन किया गया। इस दंगल का आयोजन व्यापार मंडल एवं बाजार सुधार कमेटी की ओर से किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में पहलवानों, खेल प्रेमियों और स्थानीय लोगों ने भाग लिया। इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य राजीव राणा ने बतौर मुख्यातिथि कार्यक्रम में शिरकत की।

आयोजन स्थल पर पहुंचने पर व्यापार मंडल एवं बाजार सुधार कमेटी के पदाधिकारियों और सदस्यों द्वारा मुख्यातिथि राजीव राणा का पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ भव्य स्वागत एवं सम्मान किया गया। स्थानीय संस्कृति के अनुरूप उन्हें सम्मानित किया गया, जिससे कार्यक्रम का माहौल और भी उत्साहपूर्ण हो गया। दंगल स्थल पर ग्रामीण अंचलों से आए लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला।

अपने संबोधन में मुख्यातिथि राजीव राणा ने कहा कि परंपरागत खेल हमारी सांस्कृतिक पहचान और विरासत का अभिन्न हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि दंगल जैसे आयोजन केवल खेल प्रतियोगिता नहीं होते, बल्कि ये हमारी लोक संस्कृति, परंपराओं और सामाजिक एकता को मजबूत करने का माध्यम भी होते हैं। ऐसे आयोजन पीढ़ी दर पीढ़ी चली आ रही खेल परंपराओं को जीवित रखते हैं और समाज को अपनी जड़ों से जोड़ते हैं।

राजीव राणा ने कहा कि दंगल जैसे परंपरागत खेल युवाओं को अनुशासन, आत्मविश्वास, धैर्य और खेल भावना का पाठ पढ़ाते हैं। इससे युवाओं में न केवल शारीरिक मजबूती आती है, बल्कि मानसिक संतुलन और प्रतिस्पर्धा की स्वस्थ भावना भी विकसित होती है। उन्होंने कहा कि आज के समय में जब युवा तेजी से आधुनिक जीवनशैली की ओर बढ़ रहे हैं, ऐसे आयोजनों की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है।

उन्होंने आगे कहा कि इस तरह के आयोजनों से ग्रामीण क्षेत्रों में छिपी हुई खेल प्रतिभाओं को पहचान मिलती है और उन्हें आगे बढ़ने का अवसर प्राप्त होता है। कई युवा पहलवान ऐसे मंचों से निकलकर राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाते हैं। राजीव राणा ने कहा कि यदि समाज, प्रशासन और जनप्रतिनिधि मिलकर प्रयास करें, तो परंपरागत खेलों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सकता है।

मुख्यातिथि ने व्यापार मंडल एवं बाजार सुधार कमेटी के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों के पीछे कमेटी के सदस्यों की मेहनत और समर्पण स्पष्ट दिखाई देता है। उन्होंने कहा कि बिना जनसहयोग और सामूहिक प्रयास के इस प्रकार के बड़े आयोजन संभव नहीं हो पाते। उन्होंने भविष्य में भी ऐसे सांस्कृतिक और खेल आयोजनों को हरसंभव सहयोग देने का आश्वासन दिया।

कार्यक्रम के दौरान प्रधान संजय कुमार, सचिव जोगिंदर चंदेल, मुख्य सलाहकार पवन जागोता, यशपाल चंदेल, अमन गुप्ता, नितेश ननु, रजत सहित व्यापार मंडल एवं बाजार सुधार कमेटी के अन्य सदस्य मौजूद रहे। इसके अलावा बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, खेल प्रेमी और श्रद्धालु भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे और दंगल का आनंद लिया।

दंगल के आयोजन से पूरे क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला। लोगों ने इसे न केवल एक खेल आयोजन, बल्कि अपनी सांस्कृतिक विरासत को संजोने का एक महत्वपूर्ण प्रयास बताया। स्थानीय लोगों का कहना था कि ऐसे कार्यक्रम आने वाली पीढ़ियों को अपनी परंपराओं से जोड़ने में अहम भूमिका निभाते हैं।

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