हिमाचल में स्वास्थ्य सेवाओं को नई मजबूती देने की दिशा में सरकार का बड़ा फैसला
हिमाचल में स्वास्थ्य सेवाओं को नई मजबूती देने की दिशा में सरकार का बड़ा फैसला

Post by : Himachal Bureau

June 1, 2026 10:26 a.m. 586

हिमाचल प्रदेश सरकार ने राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक मजबूत तथा आधुनिक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आयोजित एक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार लोगों को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार कार्य कर रही है। इसी कड़ी में सरकार ने हिमकेयर योजना के तहत लंबित भुगतानों को निपटाने के लिए 100 करोड़ रुपये जारी किए हैं, ताकि अस्पतालों और स्वास्थ्य संस्थानों को वित्तीय राहत मिल सके तथा मरीजों को बेहतर सेवाएं मिलती रहें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार का मुख्य उद्देश्य लोगों को उनके घर के नजदीक ही उन्नत चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना है। पिछले साढ़े तीन वर्षों के दौरान स्वास्थ्य क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण सुधार किए गए हैं और भविष्य में भी इस दिशा में बड़े कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत बनाने के लिए निरंतर निवेश किया जा रहा है, जिससे आम लोगों को बड़े शहरों का रुख न करना पड़े और उन्हें अपने ही राज्य में आधुनिक उपचार उपलब्ध हो सके।

बैठक में यह भी बताया गया कि सरकार ने तीन प्रमुख चिकित्सा महाविद्यालयों में स्वचालित प्रयोगशालाएं स्थापित करने के लिए 75 करोड़ रुपये जारी किए हैं। इन प्रयोगशालाओं की स्थापना से एक ही रक्त नमूने से कई प्रकार की जांचें एक साथ की जा सकेंगी, जिससे मरीजों का समय बचेगा और जांच प्रक्रिया अधिक सटीक तथा तेज होगी। इसके लिए आवश्यक मशीनों की खरीद प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। साथ ही आधुनिक स्कैनिंग मशीनों की स्थापना की दिशा में भी कार्य आगे बढ़ाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र में आधुनिक उपकरणों और अत्याधुनिक मशीनों की खरीद पर लगभग 3000 करोड़ रुपये खर्च कर रही है। सरकार का लक्ष्य विश्वस्तरीय तकनीक को प्रदेश के अस्पतालों तक पहुंचाना है ताकि लोगों को उन्नत चिकित्सा सुविधाओं का लाभ मिल सके। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मरीजों को जांच और उपचार के लिए अनावश्यक प्रतीक्षा न करनी पड़े। विशेष रूप से एमआरआई, सीटी स्कैन और अन्य महत्वपूर्ण जांचों के लिए प्रतीक्षा अवधि को समाप्त करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएं।

उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि चिकित्सा महाविद्यालयों में बड़ी सर्जरी करवाने वाले मरीजों को लंबे समय तक इंतजार न करना पड़े। इसके लिए आवश्यक मानव संसाधन और तकनीकी सुविधाओं को मजबूत किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉक्टरों, पैरामेडिकल कर्मचारियों और तकनीकी स्टाफ के रिक्त पदों को प्राथमिकता के आधार पर भरा जा रहा है ताकि स्वास्थ्य संस्थानों में कर्मचारियों की कमी के कारण मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

बैठक में गुणवत्तापूर्ण दवाओं की उपलब्धता पर भी विशेष चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मरीजों को अच्छी गुणवत्ता वाली ब्रांडेड दवाएं उपलब्ध कराई जाएं। इसके लिए संबंधित विभागों के माध्यम से दवाओं की खरीद प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में धन की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी और जनता को बेहतर सेवाएं प्रदान करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

प्रदेश सरकार के इन प्रयासों से स्वास्थ्य व्यवस्था में व्यापक सुधार की उम्मीद जताई जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार द्वारा उठाए गए ये कदम भविष्य में लाखों लोगों को सीधे लाभ पहुंचाएंगे। आधुनिक तकनीक, बेहतर सुविधाएं और पर्याप्त चिकित्सा स्टाफ उपलब्ध होने से प्रदेश के लोगों को गुणवत्तापूर्ण उपचार अपने ही राज्य में प्राप्त हो सकेगा।

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