Post by : Himachal Bureau
पालमपुर। हिमाचल प्रदेश के पालमपुर स्थित श्री साईं यूनिवर्सिटी में आयोजित सात दिवसीय राष्ट्रीय एकता एवं युवा नेतृत्व शिविर का उत्साहपूर्ण माहौल में समापन हो गया। इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश सरकार के उपमुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। समापन समारोह में देश के विभिन्न राज्यों से आए युवा प्रतिभागियों, शिक्षकों, विश्वविद्यालय प्रशासन और विद्यार्थियों ने भाग लिया। पूरे कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय एकता, सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक विविधता और नेतृत्व विकास जैसे विषय प्रमुख आकर्षण रहे।
समारोह को संबोधित करते हुए उपमुख्य सचेतक ने कहा कि आज का युवा देश की सबसे बड़ी शक्ति है और भविष्य के भारत का निर्माण उसकी सोच, नेतृत्व क्षमता तथा सामाजिक जिम्मेदारियों पर निर्भर करता है। उन्होंने कहा कि Youth Leadership जैसे कार्यक्रम युवाओं में आत्मविश्वास, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे केवल शैक्षणिक उपलब्धियों तक सीमित न रहें, बल्कि समाज सेवा, पर्यावरण संरक्षण और राष्ट्रीय विकास में भी सक्रिय भूमिका निभाएं। उनका कहना था कि एक जागरूक और जिम्मेदार युवा ही देश को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकता है।
शिविर के समापन अवसर पर देश के 22 राज्यों से पहुंचे प्रतिभागियों ने अपनी-अपनी सांस्कृतिक परंपराओं को रंगारंग प्रस्तुतियों के माध्यम से प्रदर्शित किया। विभिन्न लोकनृत्य, लोकगीत और सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने भारत की सांस्कृतिक विविधता को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में शामिल लोगों ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन युवाओं को एक-दूसरे की संस्कृति, भाषा और परंपराओं को समझने का अवसर प्रदान करते हैं। इससे राष्ट्रीय एकता और आपसी भाईचारे की भावना और अधिक मजबूत होती है।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने बताया कि शिक्षा के साथ-साथ विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक जागरूकता को बढ़ावा देना संस्थान का प्रमुख उद्देश्य है। इसी सोच के तहत समय-समय पर राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जिनमें देशभर से विद्यार्थी भाग लेकर नए अनुभव प्राप्त करते हैं। कार्यक्रम के दौरान विश्वविद्यालय प्रबंधन ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कहा कि आने वाले समय में भी ऐसे आयोजन लगातार किए जाएंगे, ताकि विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ व्यावहारिक और सामाजिक अनुभव भी मिल सकें।
समापन समारोह के दौरान मुख्य अतिथि ने विश्वविद्यालय परिसर में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि स्वच्छ और हरित वातावरण आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सभी युवाओं से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने का संकल्प लेने का आह्वान किया।
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कार्यक्रम के अंत में शिविर में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया गया। आयोजन समिति ने सभी प्रतिभागियों के उत्साह, अनुशासन और सक्रिय सहभागिता की सराहना करते हुए कहा कि इस शिविर ने राष्ट्रीय एकता, सांस्कृतिक समरसता और युवा नेतृत्व को नई दिशा देने का कार्य किया है।विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित यह कार्यक्रम युवाओं के लिए प्रेरणादायक साबित हुआ, जहां शिक्षा के साथ-साथ सामाजिक मूल्यों, राष्ट्रीय एकता और नेतृत्व विकास का भी महत्वपूर्ण संदेश दिया गया।
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