शूलिनी विश्वविद्यालय में छात्र की आत्महत्या के बाद मचा बवाल, प्रशासन पर केस दर्ज
शूलिनी विश्वविद्यालय में छात्र की आत्महत्या के बाद मचा बवाल, प्रशासन पर केस दर्ज

Post by : Himachal Bureau

April 1, 2026 12:08 p.m. 1125

शूलिनी विश्वविद्यालय के एक छात्र की आत्महत्या का मामला अब लगातार गंभीर होता जा रहा है और इसने पूरे क्षेत्र में चिंता और आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया है। 21 वर्षीय छात्र नितिन की मौत के बाद न केवल उसके परिजनों में दुख और गुस्सा है, बल्कि विश्वविद्यालय के अन्य छात्रों में भी भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। इसी के चलते छात्रों ने विश्वविद्यालय परिसर में बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन किया, जिसके बाद पुलिस ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज कर लिया है।

पुलिस को इस घटना की सूचना क्षेत्रीय अस्पताल सोलन से मिली थी, जहां बताया गया कि मधुबन कॉलोनी में रहने वाले एक युवक ने फंदा लगाकर अपनी जान दे दी है। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने जांच के दौरान मृतक की पहचान नितिन (21) पुत्र श्री कल्याण चौहान, निवासी रोहड़ू (शिमला) के रूप में की। घटनास्थल से पुलिस को एक रस्सी, मोबाइल फोन और एक डायरी भी मिली है। इस डायरी में नितिन ने अपनी परेशानी और मानसिक तनाव के बारे में लिखा था, जिससे यह अंदाजा लगाया जा रहा है कि वह लंबे समय से दबाव में था।

नितिन की मौत की खबर जैसे ही विश्वविद्यालय में फैली, सैकड़ों छात्र एकत्रित हो गए और उन्होंने प्रशासन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन शुरू कर दिया। छात्रों ने नारेबाजी करते हुए विश्वविद्यालय पर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि नितिन को प्लेसमेंट के नाम पर गलत जानकारी दी गई थी। जिस वेतन का वादा किया गया था, असल में उसे उससे बहुत कम वेतन दिया जा रहा था। छात्रों के अनुसार, कम वेतन और आर्थिक तंगी के कारण नितिन काफी समय से मानसिक तनाव में था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से नहीं लेता और केवल 100 प्रतिशत प्लेसमेंट का दावा करता है, जबकि हकीकत कुछ और होती है। इस कारण कई छात्र परेशान रहते हैं, लेकिन उनकी बात नहीं सुनी जाती।

शुरुआत में पुलिस इस मामले की सामान्य जांच कर रही थी, लेकिन जैसे-जैसे छात्रों के बयान सामने आए और हालात स्पष्ट हुए, पुलिस ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ मामला दर्ज करने का फैसला लिया। अब इस मामले में नियमित प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली गई है और जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है। पुलिस ने घटनास्थल से मिले सभी सबूतों को सुरक्षित कर लिया है। डायरी, रस्सी और अन्य सामग्री को जांच के लिए राज्य फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला, जुन्गा भेजा जा रहा है। इससे यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि घटना के पीछे असली कारण क्या था और किन परिस्थितियों में नितिन ने यह कदम उठाया।

इसके साथ ही पुलिस उन अधिकारियों से भी पूछताछ कर रही है, जो नितिन के प्लेसमेंट और उसके काम से सीधे तौर पर जुड़े हुए थे। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि क्या वास्तव में छात्र पर किसी प्रकार का दबाव था और क्या प्रशासन की कोई लापरवाही इसमें शामिल है। इस बीच नितिन का पोस्टमार्टम करवा कर शव उसके परिवार को सौंप दिया गया है। परिवार इस घटना से गहरे सदमे में है और न्याय की मांग कर रहा है। वहीं, विश्वविद्यालय परिसर में अब भी तनाव का माहौल बना हुआ है और छात्र लगातार प्रशासन के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

पुलिस का कहना है कि इस मामले की जांच पूरी गंभीरता से की जा रही है और हर पहलू को ध्यान में रखते हुए जांच आगे बढ़ाई जा रही है। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि सच्चाई सामने लाकर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य, रोजगार और भविष्य से जुड़े मुद्दों को कितनी गंभीरता से लिया जा रहा है। अगर समय रहते समस्याओं का समाधान न किया जाए, तो ऐसे दुखद मामले सामने आते रहते हैं।

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