दिल्ली ब्लास्ट केस में अल फलाह विश्वविद्यालय पर ED की बड़ी रेड
दिल्ली ब्लास्ट केस में अल फलाह विश्वविद्यालय पर ED की बड़ी रेड

Post by : Khushi Joshi

Nov. 18, 2025 2:38 p.m. 1809

दिल्ली के लाल किले के पास हुए भीषण विस्फोट मामले ने पूरे देश को हिला दिया था। इस मामले में अब जांच और भी गंभीर मोड़ पर पहुँच गई है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मंगलवार सुबह तड़के अल फलाह विश्वविद्यालय के ओखला स्थित कार्यालय और उससे जुड़े कई ठिकानों पर एक बड़ी छापेमारी शुरू कर दी। यह कार्रवाई धनशोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) के शक के आधार पर की जा रही है, क्योंकि विस्फोट मामले के आरोपी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से इसी विश्वविद्यालय से जुड़े पाए गए हैं।

ईडी के अनुसार, यह अभियान सुबह लगभग पांच बजे शुरू किया गया और देर तक जारी रहा। कई टीमों को अलग-अलग स्थानों पर भेजा गया, ताकि संदिग्ध वित्तीय लेन-देन और विश्वविद्यालय से जुड़े ट्रस्टियों व संस्थानों की भूमिका को खंगाला जा सके। ईडी की इस कार्रवाई का आधार दिल्ली पुलिस अपराध शाखा और हरियाणा पुलिस द्वारा दर्ज की गई एफआईआर है, जिसमें अल फलाह विश्वविद्यालय पर गंभीर वित्तीय अनियमितताओं और फर्जी लेन-देन में संलिप्त होने का आरोप लगाया गया है।

जांच एजेंसियों का कहना है कि लाल किला विस्फोट में इस्तेमाल की गई आई20 कार को डॉक्टर उमर नबी चला रहा था, जो अल फलाह विश्वविद्यालय से जुड़ा हुआ पाया गया। शुरुआती जांच में विश्वविद्यालय प्रशासन ने उससे किसी भी तरह का संबंध होने से इनकार कर दिया था, लेकिन बाद में सामने आए बैंक स्टेटमेंट, डॉक्यूमेंट्स और डिजिटल ट्रेल्स ने तस्वीर पूरी तरह बदल दी। अब माना जा रहा है कि आरोपी न केवल विश्वविद्यालय से जुड़े थे बल्कि कुछ लेन-देन और फंड मूवमेंट संदिग्ध रूप से उनके खातों और संस्थान के माध्यम से किए गए।

दिल्ली विस्फोट में अभी तक 15 लोगों की मौत हो चुकी है और कई अन्य घायल हैं। सुरक्षा एजेंसियां इस मामले को एक संगठित मॉड्यूल की गतिविधि मान रही हैं। ईडी के अधिकारियों ने बताया कि छापेमारी के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, हार्ड डिस्क, डिजिटल रिकॉर्ड और लेन-देन से जुड़े कागजात जब्त किए गए हैं, जिनका फॉरेंसिक विश्लेषण किया जाएगा।

सूत्रों का कहना है कि जांच में कुछ विदेशी फंडिंग के एंगल और विश्वविद्यालय के जरिए किए गए संदिग्ध ट्रांसफर भी सामने आए हैं, जिनकी पुष्टि होने पर मामला और गंभीर हो सकता है। ईडी इस पूरे नेटवर्क को समझने की कोशिश कर रही है कि क्या यह सिर्फ वित्तीय धोखाधड़ी का मामला है या इसके पीछे कोई बड़ा आतंकी/असामाजिक तंत्र सक्रिय था।

फिलहाल ईडी ने साफ किया है कि जांच निष्पक्ष और सबूतों के आधार पर आगे बढ़ाई जा रही है। आने वाले दिनों में और भी संस्थानों व व्यक्तियों पर कार्रवाई की संभावना है।

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