Author : Rajesh Vyas
हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में स्थित प्रसिद्ध आदि हिमानी चामुण्डा मंदिर के पैदल मार्ग पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए एक महत्वपूर्ण विकास कार्य पूरा किया गया है। इन्साफ संस्था के प्रयासों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के सहयोग से इस कठिन पहाड़ी रास्ते पर पहला वर्षाश्रय (गजिवो) तैयार किया गया है, जिससे अब बारिश के समय यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। यह कदम क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
इन्साफ संस्था के अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक प्रवीन कुमार ने बताया कि आदि हिमानी चामुण्डा मंदिर को विकसित करने के लिए लंबे समय से प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि जब वे विधायक थे, तब उन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री प्रोफेसर प्रेम कुमार धूमल से विशेष आग्रह कर इस मंदिर का विलय चामुण्डा नन्दिकेश्वर न्यास के साथ करवाया था, ताकि इस धार्मिक स्थल को बेहतर ढंग से विकसित किया जा सके। उनका उद्देश्य था कि यह मंदिर आने वाले समय में एक बड़े धार्मिक और पर्यटन केंद्र के रूप में उभरे।
पूर्व विधायक ने बताया कि उनके कार्यकाल में मंदिर के जीर्णोद्धार के लिए प्राकलन तैयार कराया गया, रज्जू मार्ग का सर्वे करवाया गया और हेलिकॉप्टर सेवा भी शुरू की गई थी। इसके अलावा सांसद निधि से लगभग 50 लाख रुपये की सहायता लेकर साढ़े चार किलोमीटर पैदल रास्ते का निर्माण भी कराया गया था। लेकिन समय के साथ कई योजनाएं या तो अधूरी रह गईं या बंद कर दी गईं, जिससे विकास कार्य प्रभावित हुआ।
उन्होंने बताया कि इस मंदिर तक जाने वाला 10 किलोमीटर लंबा पैदल मार्ग अत्यंत कठिन है, लेकिन अब इन्साफ संस्था के प्रयासों से यहां वी एम जे एस वाई योजना के तहत 200 सोलर लाइटों को मंजूरी दिलाई गई है, जिनमें से अधिकांश लग चुकी हैं। इससे रात के समय रास्ता रोशन हो गया है और श्रद्धालुओं की आवाजाही आसान हुई है।
अब इस मार्ग पर सबसे बड़ी समस्या बारिश के दौरान यात्रियों के लिए सुरक्षित स्थान की कमी थी। इस समस्या को देखते हुए इन्साफ संस्था के आग्रह पर पूर्व राज्यसभा सांसद इंदु गोस्वामी ने 10 लाख रुपये स्वीकृत किए, जिसके तहत पहला वर्षाश्रय (गजिवो) बनकर तैयार हुआ है। वन विभाग पालमपुर के सहयोग से इसका निर्माण पूरा किया गया है।
पूर्व विधायक ने कहा कि यह मंदिर वैष्णो देवी की तर्ज पर विकसित हो सकता है, बशर्ते निरंतर प्रयास किए जाएं। उन्होंने कहा कि यह परियोजना केवल धार्मिक नहीं बल्कि पर्यटन और स्थानीय रोजगार के लिए भी महत्वपूर्ण है। स्थानीय लोगों और इन्साफ संस्था ने इस कार्य के लिए सभी सहयोगियों का आभार व्यक्त किया है।
1 सितंबर 1972 को कांगड़ा से अलग बना था हमीरपुर जिला, जानें इ...
Hamirpur स्थापना दिवस पर जानें जिले का इतिहास, वीरभूमि की पहचान, कटोच वंश और 1 सितंबर 1972 को जिला ब
बिजली महादेव मंदिर में चला सफाई अभियान, 2 क्विंटल प्लास्टिक ...
कुल्लू के बिजली महादेव मंदिर में Rotary Club और रोवर्स-रेंजर्स ने सफाई अभियान चलाया। करीब 2 क्विंटल
हिमाचल में बढ़े स्वाइन फ्लू के मामले, इन लक्षणों को न करें न...
हिमाचल में Swine Flu के मामले बढ़े। जानें H1N1 Symptoms, बचाव, इलाज और कब डॉक्टर से संपर्क करना जरूर
नेपाल में फंसे हिमाचलियों की जानकारी दें, प्रशासन ने जारी कि...
Nepal Flood के बीच हमीरपुर प्रशासन अलर्ट, नेपाल गए परिजनों से संपर्क न होने पर तुरंत अधिकारियों को स
मणिमहेश यात्रा के पहले दिन 253 श्रद्धालु हुए रवाना, 20 सितंब...
Manimahesh Yatra 2026 के पहले दिन 253 श्रद्धालु रवाना हुए। Heli Taxi सेवा भी शुरू, 20 सितंबर तक चलेग
हिमाचल में स्वाइन फ्लू की दस्तक, इन लक्षणों को न करें नजरअंद...
हिमाचल में Swine Flu के 4 मामले मिले। जानें H1N1 Virus के लक्षण, बचाव के उपाय और कब लेनी चाहिए डॉक्ट
हथलौंण की बेटी शिल्पा सोनी का चयन, बंगाणा में बनेंगी रसायन प...
हथलौंण की शिल्पा सोनी ने Commission Exam पास कर Lecturer Chemistry पद हासिल किया, बंगाणा विद्यालय मे