मांगों को लेकर कृषि विश्वविद्यालय के पेंशनरों का अनिश्चितकालीन धरना
मांगों को लेकर कृषि विश्वविद्यालय के पेंशनरों का अनिश्चितकालीन धरना

Author : Rajesh Vyas

Sept. 1, 2026 4:20 p.m. 140

पालमपुर स्थित चौधरी सरवन कुमार हिमाचल प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय के पेंशनरों ने अपनी लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर मंगलवार से अनिश्चितकालीन शांतिपूर्ण धरना शुरू कर दिया। पेंशनर्स सभा के अनुसार, विश्वविद्यालय प्रशासन के समक्ष कई बार मांगें उठाने के बावजूद समाधान नहीं मिलने के कारण यह कदम उठाया गया है।

पेंशनर विश्वविद्यालय के मुख्य परिसर में प्रतिदिन दो घंटे धरना देकर चिकित्सा प्रतिपूर्ति, महंगाई राहत, पेंशन भत्ता, पारिवारिक पेंशन और अन्य लंबित वित्तीय लाभ जारी करने की मांग करेंगे।

लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर पेंशनरों में नाराजगी

हिमाचल प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय पेंशनर्स सभा के अध्यक्ष डॉ. एस.पी. शर्मा ने कहा कि पेंशनरों की कई महत्वपूर्ण समस्याएं लंबे समय से लंबित हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय प्रशासन को बार-बार ज्ञापन देने और बैठकें करने के बावजूद कई मामलों में ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।

डॉ. शर्मा के अनुसार, मजबूर होकर पेंशनरों ने अपनी मांगों के समाधान तक शांतिपूर्ण अनिश्चितकालीन धरना जारी रखने का निर्णय लिया है।

चिकित्सा प्रतिपूर्ति के लंबित मामलों पर उठाए सवाल

पेंशनर्स सभा ने गंभीर रूप से बीमार पेंशनरों की चिकित्सा प्रतिपूर्ति से जुड़े मामलों को सबसे महत्वपूर्ण मुद्दों में शामिल किया है।

डॉ. शर्मा ने दावा किया कि कई पेंशनरों ने मानवीय आधार पर चिकित्सा खर्च की प्रतिपूर्ति के लिए आवेदन और अपीलें दी थीं, लेकिन कुछ मामलों में समय पर निर्णय नहीं लिया गया।

उन्होंने कहा कि कुछ आवेदकों का भुगतान या राहत मिलने से पहले ही निधन हो गया, जो बेहद दुखद स्थिति है।

डॉ. वीके शर्मा के मामले का किया जिक्र

डॉ. एस.पी. शर्मा ने हाल के एक मामले का उल्लेख करते हुए कहा कि डॉ. वीके शर्मा दिल्ली में उपचाराधीन थे और उन्होंने जनवरी में चिकित्सा प्रतिपूर्ति के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन को अपील दी थी।

पेंशनर्स सभा के अनुसार, विश्वविद्यालय की ओर से अंतिम निर्णय आने से पहले ही पिछले सप्ताह उनका निधन हो गया।

सभा ने दावा किया कि अन्य गंभीर रूप से बीमार पेंशनरों के चिकित्सा प्रतिपूर्ति से जुड़े मामले भी लंबित हैं।

महंगाई राहत जारी करने की मांग

पेंशनर्स सभा ने महंगाई राहत का मुद्दा भी उठाया है।

डॉ. शर्मा ने कहा कि नियमित अवधि की महंगाई राहत जारी करने के संबंध में विश्वविद्यालय के वित्त अधिकारी की ओर से लिखित आश्वासन मिलने के बावजूद भुगतान लंबित है।

सभा का कहना है कि महंगाई राहत पेंशनरों का वैध वित्तीय अधिकार है और इसका भुगतान निर्धारित समय पर किया जाना चाहिए।

संशोधित पेंशन पर भत्ता देने की मांग

पेंशनर्स सभा ने पेंशन भत्ते की गणना को लेकर भी सवाल उठाए हैं।

डॉ. शर्मा के अनुसार, हिमाचल प्रदेश सरकार, हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला और डॉ. यशवंत सिंह परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय सोलन में अक्टूबर 2022 से संशोधित पेंशन के आधार पर पेंशन भत्ता दिया जा रहा है।

उन्होंने आरोप लगाया कि कृषि विश्वविद्यालय के पेंशनरों को अब भी पूर्व-संशोधित पेंशन के आधार पर ही भत्ता मिल रहा है।

सभा का कहना है कि इस अंतर के कारण पेंशनरों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।

अति वरिष्ठ पेंशनरों के भत्ते भी लंबित होने का दावा

पेंशनर्स सभा ने आरोप लगाया कि कई अति वरिष्ठ पेंशनरों को मिलने वाले पेंशन भत्ते भी अभी तक जारी नहीं किए गए हैं।

डॉ. शर्मा ने कहा कि इनमें कुछ ऐसे पेंशनर भी शामिल हैं जो अधिक उम्र और स्वास्थ्य संबंधी कारणों से घर से बाहर निकलने में सक्षम नहीं हैं।

सभा ने ऐसे मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने की मांग की है।

न्यायालय के निर्देश लागू न करने का लगाया आरोप

पेंशनर्स सभा ने कुछ मामलों में न्यायालय के निर्देशों को लागू नहीं किए जाने का भी आरोप लगाया है।

इनमें अवकाश नकदीकरण से संबंधित निष्पादन याचिकाओं के मामले शामिल बताए गए हैं।

सभा का कहना है कि कानूनी आदेशों के बाद भी लाभ जारी न होने से वर्षों से इंतजार कर रहे पेंशनरों की परेशानियां बढ़ रही हैं।

पारिवारिक पेंशन भुगतान में भी देरी का आरोप

डॉ. शर्मा ने कहा कि कई पारिवारिक पेंशनरों के भुगतान भी लंबित हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ मामलों में कुलपति के निर्देशों के बावजूद वित्त शाखा से भुगतान जारी नहीं हुआ है।

सभा के अनुसार, कुछ ऐसे मामले भी हैं जहां पेंशनर और उनके जीवनसाथी दोनों के निधन के बाद आश्रितों को मिलने वाली देय राशि का भुगतान अभी तक नहीं किया गया है।

मुख्यमंत्री और कुलाधिपति तक पहुंचाया मामला

पेंशनर्स सभा का कहना है कि लंबित मांगों के संबंध में विश्वविद्यालय प्रशासन के साथ कई दौर की बैठकें हो चुकी हैं।

इसके अलावा मामला विश्वविद्यालय के कुलाधिपति, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री, स्थानीय राज्यसभा सांसद और स्थानीय विधायक के संज्ञान में भी लाया गया है।

सभा का आरोप है कि लगातार प्रयासों के बाद भी अधिकांश मामलों में उन्हें ठोस समाधान के बजाय आश्वासन ही मिले हैं।

मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा धरना

डॉ. एस.पी. शर्मा ने कहा कि पेंशनर्स सभा अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन जारी रखेगी।

उन्होंने कहा कि जब तक चिकित्सा प्रतिपूर्ति, महंगाई राहत, संशोधित पेंशन पर भत्ता, पारिवारिक पेंशन और अन्य लंबित वित्तीय मामलों का समाधान नहीं होता, तब तक अनिश्चितकालीन धरना जारी रखने का निर्णय लिया गया है।

कृषि विश्वविद्यालय के पेंशनरों की मुख्य मांगें क्या हैं?

पेंशनर्स सभा की प्रमुख मांगों में लंबित चिकित्सा प्रतिपूर्ति का भुगतान, नियमित महंगाई राहत जारी करना, संशोधित पेंशन पर पेंशन भत्ता देना, वरिष्ठ पेंशनरों के लंबित लाभ जारी करना, पारिवारिक पेंशन का भुगतान और न्यायालय के निर्देशों को लागू करना शामिल है।

कृषि विश्वविद्यालय के पेंशनरों ने धरना क्यों शुरू किया है?
पेंशनरों ने लंबित चिकित्सा प्रतिपूर्ति, महंगाई राहत, पेंशन भत्ता और अन्य वित्तीय लाभों के समाधान की मांग को लेकर धरना शुरू किया है।

 

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