पांच साल में 12 हजार बच्चों तक पहुंचा ‘एक से श्रेष्ठ’, अनुराग ने गिनाईं उपलब्धियां
पांच साल में 12 हजार बच्चों तक पहुंचा ‘एक से श्रेष्ठ’, अनुराग ने गिनाईं उपलब्धियां

Author : Rajneesh Kapil Hamirpur

Sept. 1, 2026 5:07 p.m. 133

हमीरपुर संसदीय क्षेत्र में चलाए जा रहे सामाजिक एवं शैक्षणिक अभियान ‘एक से श्रेष्ठ’ ने पांच वर्ष पूरे कर लिए हैं। इस अवसर पर राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान हमीरपुर में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कवींद्र गुप्ता ने मुख्य रूप से विद्यार्थियों से संवाद किया।

हमीरपुर से सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने राज्यपाल का स्वागत करते हुए विद्यार्थियों का उत्साह बढ़ाने और उन्हें भविष्य के लिए प्रेरित करने पर उनका आभार जताया। उन्होंने कार्यक्रम के दौरान ‘एक से श्रेष्ठ’ की पांच वर्षों की यात्रा, विस्तार और उपलब्धियों की जानकारी भी साझा की।

विद्यार्थियों से मिले राज्यपाल कवींद्र गुप्ता

कार्यक्रम में राज्यपाल कवींद्र गुप्ता ने ‘एक से श्रेष्ठ’ से जुड़े विद्यार्थियों के साथ समय बिताया और उन्हें शिक्षा के साथ जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

अनुराग ठाकुर ने कहा कि विद्यार्थियों को राज्यपाल जैसे संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति से सीधे मार्गदर्शन मिलना उनके आत्मविश्वास और भविष्य के लिए प्रेरणादायक साबित होगा।

कार्यक्रम में पूर्व विधायक डॉ. अनिल धीमान, कमलेश कुमारी, उर्मिल ठाकुर, नरेंद्र ठाकुर और विजय अग्निहोत्री सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि, जिला परिषद के पदाधिकारी और अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।

2021 में शुरू हुआ था ‘एक से श्रेष्ठ’ अभियान

अनुराग ठाकुर के अनुसार ‘एक से श्रेष्ठ’ अभियान की शुरुआत 5 अक्टूबर 2021 को विश्व शिक्षक दिवस के अवसर पर की गई थी।

उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को उनके आसपास ही बेहतर शिक्षा, मार्गदर्शन और व्यक्तित्व विकास के अवसर उपलब्ध करवाना है।

अभियान को पारंपरिक गुरुकुल शिक्षा की भावना से जोड़ते हुए बच्चों को स्कूल के बाद अतिरिक्त पढ़ाई और सामाजिक मूल्यों से संबंधित मार्गदर्शन दिया जा रहा है।

करीब 650 केंद्रों तक पहुंचा अभियान

अनुराग ठाकुर ने दावा किया कि वर्तमान में हमीरपुर संसदीय क्षेत्र में ‘एक से श्रेष्ठ’ के लगभग 650 केंद्र संचालित किए जा रहे हैं।

उनके अनुसार इन केंद्रों के माध्यम से अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के 12,000 से अधिक बच्चों को निःशुल्क शैक्षणिक सहायता दी जा रही है।

अभियान की आधिकारिक जानकारी के अनुसार पहल का उद्देश्य आर्थिक पृष्ठभूमि की परवाह किए बिना बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और समग्र विकास के अवसर उपलब्ध करवाना है।

पढ़ाई के साथ संस्कार और व्यक्तित्व विकास पर जोर

अनुराग ठाकुर ने कहा कि ‘एक से श्रेष्ठ’ को केवल कोचिंग या पढ़ाई तक सीमित नहीं रखा गया है।

बच्चों को सामान्य ज्ञान, स्वास्थ्य एवं स्वच्छता, नैतिक मूल्य, सामाजिक जिम्मेदारी और राष्ट्र से जुड़े विषयों की जानकारी भी दी जाती है।

विद्यार्थियों को खेलकूद, स्वच्छता अभियान और अन्य सामाजिक गतिविधियों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि उनका समग्र विकास हो सके।

बच्चों को प्रोटीन शेक देने की व्यवस्था

अभियान के तहत बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण पर भी ध्यान देने का दावा किया गया है।

अनुराग ठाकुर ने बताया कि बच्चों को नियमित रूप से प्रोटीन शेक उपलब्ध कराया जाता है, ताकि पढ़ाई के साथ उनके पोषण का भी ध्यान रखा जा सके।

इसके अलावा विद्यार्थियों को स्कूल बैग, पुस्तकें, स्टेशनरी और पढ़ाई से जुड़ी अन्य सामग्री उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी की गई है।

महिला शिक्षिकाओं की भागीदारी से रोजगार को बढ़ावा

अनुराग ठाकुर ने बताया कि इन केंद्रों में पढ़ाने वाले शिक्षकों में बड़ी संख्या महिलाओं की है।

उन्होंने दावा किया कि लगभग 98 प्रतिशत शिक्षिकाएं महिलाएं हैं। उनके अनुसार इस पहल से बच्चों को शिक्षा उपलब्ध करवाने के साथ स्थानीय स्तर पर महिलाओं को भी काम और सामाजिक भागीदारी का अवसर मिला है।

उन्होंने बताया कि शिक्षण कार्य को तकनीक से जोड़ने के लिए शिक्षकों को लैपटॉप भी उपलब्ध कराए गए हैं।

शिक्षा के जरिए चुनौतियों से मुकाबले का लक्ष्य

सांसद अनुराग ठाकुर ने कहा कि शिक्षा बेरोजगारी, पलायन और आर्थिक असमानता जैसी चुनौतियों से निपटने का महत्वपूर्ण माध्यम बन सकती है।

उन्होंने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को शुरुआती स्तर पर अच्छी शिक्षा और मार्गदर्शन मिले तो उन्हें भविष्य में बेहतर अवसर हासिल करने में मदद मिल सकती है।

इसी सोच को लेकर ‘एक से श्रेष्ठ’ अभियान को लगातार विस्तार देने का प्रयास किया जा रहा है।

हिमाचल सरकार पर अनुराग ठाकुर ने साधा निशाना

कार्यक्रम के दौरान अनुराग ठाकुर ने प्रदेश की कांग्रेस सरकार की रोजगार और आर्थिक नीतियों पर भी सवाल उठाए।

उन्होंने आरोप लगाया कि विधानसभा चुनाव के दौरान युवाओं से किए गए रोजगार संबंधी वादों को सरकार पूरा नहीं कर पाई है।

साथ ही उन्होंने प्रदेश में लॉटरी से जुड़े प्रस्तावों को लेकर भी सरकार की आलोचना की और कहा कि आर्थिक चुनौतियों के समय सरकार को रोजगार सृजन तथा आम लोगों को राहत देने पर अधिक ध्यान देना चाहिए।

प्रदेश के बढ़ते कर्ज पर भी उठाए सवाल

अनुराग ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश की आर्थिक स्थिति पर चिंता जताते हुए प्रदेश के कर्ज का मुद्दा भी उठाया।

उन्होंने दावा किया कि हिमाचल पर कर्ज का बोझ 1.10 लाख करोड़ रुपये से अधिक पहुंच चुका है और ऐसे समय में सरकार को आर्थिक संसाधनों के बेहतर प्रबंधन और रोजगार के नए अवसर पैदा करने पर ध्यान देना चाहिए।

ये टिप्पणियां अनुराग ठाकुर की राजनीतिक प्रतिक्रिया के रूप में सामने आई हैं।

‘एक से श्रेष्ठ’ क्या है?

‘एक से श्रेष्ठ’ हमीरपुर संसदीय क्षेत्र में संचालित एक सामाजिक एवं शैक्षणिक पहल है। इसके माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को स्कूल के बाद निःशुल्क पढ़ाई, शैक्षणिक सामग्री, स्वास्थ्य एवं स्वच्छता से जुड़ी जानकारी और व्यक्तित्व विकास का मार्गदर्शन देने का लक्ष्य रखा गया है।

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