कांगड़ा में बाल कल्याण व्यवस्थाओं की समीक्षा, जिलाधीश ने किया निरीक्षण
कांगड़ा में बाल कल्याण व्यवस्थाओं की समीक्षा, जिलाधीश ने किया निरीक्षण

Author : Rajesh Vyas

June 22, 2026 4:32 p.m. 125

हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में बच्चों के कल्याण और उनकी देखभाल से जुड़ी व्यवस्थाओं का आकलन करने के उद्देश्य से प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया। इसी कड़ी में जिलाधीश कांगड़ा ने पालमपुर उपमंडल के अंतर्गत स्थित रामानन्द गोपाल रोटरी बाल देखरेख संस्थान, सलियाना का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान संस्थान में रह रहे बच्चों को उपलब्ध करवाई जा रही सुविधाओं, सुरक्षा व्यवस्थाओं और दैनिक गतिविधियों का विस्तृत मूल्यांकन किया गया।

निरीक्षण के दौरान जिलाधीश ने संस्थान के विभिन्न हिस्सों का दौरा कर वहां की व्यवस्थाओं को नजदीक से देखा। उन्होंने बच्चों के रहने के कमरों, अध्ययन कक्षों और अन्य आवश्यक सुविधाओं का निरीक्षण करते हुए यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया कि बच्चों को सुरक्षित और अनुकूल वातावरण उपलब्ध हो रहा है। प्रशासन का उद्देश्य यह जानना था कि संस्थान में रहने वाले बच्चों को शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य बुनियादी सुविधाएं निर्धारित मानकों के अनुसार मिल रही हैं या नहीं।

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जिलाधीश ने संस्थान परिसर में स्वच्छता व्यवस्था का भी गहन निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों और प्रबंधन को निर्देश दिए कि परिसर की साफ-सफाई और स्वास्थ्य संबंधी मानकों को हर समय बनाए रखा जाए। उन्होंने बच्चों के भोजन की गुणवत्ता को भी परखा और यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि बच्चों को पौष्टिक एवं संतुलित आहार उपलब्ध कराया जाए ताकि उनके शारीरिक और मानसिक विकास में किसी प्रकार की बाधा न आए।

इस दौरान प्रशासनिक अधिकारियों ने संस्थान के रिकॉर्ड और दस्तावेजों की भी जांच की। बच्चों के पंजीकरण, देखभाल और अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं से जुड़े दस्तावेजों का अवलोकन कर यह सुनिश्चित किया गया कि सभी कार्य नियमों के अनुरूप संचालित किए जा रहे हैं। निरीक्षण का उद्देश्य केवल व्यवस्थाओं की समीक्षा करना ही नहीं था, बल्कि भविष्य में और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाने की दिशा में आवश्यक सुझाव देना भी था।

निरीक्षण के समय उपमंडलीय दंडाधिकारी पालमपुर, तहसीलदार पंचरुखी तथा बाल विकास परियोजना अधिकारी सहित कई प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे। वहीं संस्थान के चेयरमैन डॉ. अश्विनी शर्मा और सचिव ने भी जिलाधीश का स्वागत किया तथा संस्थान में संचालित विभिन्न गतिविधियों और बच्चों के विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी साझा की।

संस्थान प्रबंधन की ओर से बताया गया कि बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, खेलकूद और सांस्कृतिक गतिविधियों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। बच्चों को बेहतर वातावरण प्रदान करने के लिए समय-समय पर विभिन्न कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं ताकि उनमें आत्मविश्वास और सामाजिक विकास को बढ़ावा मिल सके।

जिलाधीश ने स्पष्ट रूप से कहा कि बच्चों की देखभाल, सुरक्षा और उनके अधिकारों के संरक्षण के मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों और संस्थान प्रबंधन को निर्देश दिए कि बच्चों के हित सर्वोपरि होने चाहिए और उनकी आवश्यकताओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए।

उन्होंने कहा कि प्रशासन बच्चों के सुरक्षित और उज्ज्वल भविष्य के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। ऐसे संस्थानों में रहने वाले बच्चों को बेहतर अवसर और सुविधाएं उपलब्ध करवाना समाज और प्रशासन दोनों की साझा जिम्मेदारी है। निरीक्षण के दौरान बाल देखरेख संस्थान और प्रशासनिक निरीक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेष ध्यान दिया गया। इस पहल को बच्चों के कल्याण और संस्थागत व्यवस्थाओं को मजबूत करने की दिशा में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है।

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