Author : Rajneesh Kapil Hamirpur
हमीरपुर जिले के हड़ेटा पंचायत के सिमलां दा ग्रां गांव में उस समय भावुक माहौल देखने को मिला जब पूर्व केंद्रीय मंत्री और हमीरपुर सांसद अनुराग सिंह ठाकुर दिवंगत डेक कैडेट आदित्य शर्मा के परिजनों से मिलने पहुंचे। उन्होंने परिवार के सदस्यों के साथ बैठकर दुख साझा किया और इस कठिन समय में हरसंभव सहयोग देने का आश्वासन दिया। आदित्य शर्मा के असामयिक निधन से न केवल उनका परिवार बल्कि पूरा क्षेत्र गहरे सदमे में है। युवा उम्र में एक होनहार नाविक का इस तरह दुनिया से चले जाना लोगों को झकझोर गया है।
परिजनों को दिया हौसला और संवेदनाएं
अनुराग सिंह ठाकुर ने दिवंगत आदित्य शर्मा के पिता राजेश शर्मा, दादा अशोक शर्मा तथा अन्य परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने परिवार को सांत्वना देते हुए कहा कि इस दुख की घड़ी में वे अकेले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि आदित्य एक प्रतिभाशाली और मेहनती युवा थे, जिनका भविष्य बेहद उज्ज्वल माना जा रहा था। ऐसे युवा का अचानक दुनिया से विदा हो जाना पूरे समाज और देश के लिए बड़ी क्षति है। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना भी की और परिवार को धैर्य बनाए रखने का संदेश दिया।
समुद्री हमले में हुई थी दुखद मौत
जानकारी के अनुसार 10 जून को ओमान तट के निकट होर्मुज जलडमरूमध्य क्षेत्र में एक तेल टैंकर पर हुए सैन्य हमले के दौरान आदित्य शर्मा सहित तीन भारतीय नाविकों की दुखद मृत्यु हो गई थी। यह घटना अंतरराष्ट्रीय समुद्री क्षेत्र में हुई, जिसके बाद पूरे देश में शोक की लहर फैल गई। आदित्य शर्मा मर्चेंट नेवी में डेक कैडेट के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे थे और अपने करियर की शुरुआत में ही उन्होंने अपनी मेहनत और लगन से पहचान बनाई थी।
अनुराग ठाकुर ने बताया कि जैसे ही उन्हें घटना की जानकारी मिली, उन्होंने संबंधित मंत्रालयों और अधिकारियों से लगातार संपर्क बनाए रखा। उन्होंने विदेश मंत्रालय, भारतीय दूतावास, नौवहन विभाग और अन्य एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित कर पार्थिव शरीर को जल्द भारत लाने के प्रयास किए। उन्होंने कहा कि प्राथमिकता यह थी कि परिवार अपने बेटे को अंतिम विदाई दे सके और सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार कर सके। विभिन्न एजेंसियों के सहयोग से यह प्रक्रिया पूरी की गई।
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पूरे देश ने जताया दुख
आदित्य शर्मा की मृत्यु की खबर सामने आने के बाद कई सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों ने शोक व्यक्त किया। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि आदित्य बेहद विनम्र और मेहनती स्वभाव के थे। उन्होंने कम उम्र में ही अपने सपनों को पूरा करने के लिए कड़ी मेहनत की थी। उनके निधन से पूरे क्षेत्र में दुख का माहौल बना हुआ है और लोग लगातार परिवार के प्रति संवेदनाएं व्यक्त कर रहे हैं।
भारतीय नाविकों की सुरक्षा पर भी उठे सवाल
इस घटना के बाद समुद्री क्षेत्र में कार्यरत भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। अनुराग ठाकुर ने कहा कि दुनिया भर में काम कर रहे भारतीय नाविक देश की अर्थव्यवस्था और वैश्विक व्यापार में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। ऐसे में उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है और भविष्य में भी इस दिशा में आवश्यक कदम उठाए जाते रहेंगे।
परिवार के साथ खड़ा है पूरा समाज
आदित्य शर्मा के निधन ने एक बार फिर यह याद दिलाया है कि विदेशों और समुद्री क्षेत्रों में काम करने वाले भारतीय युवा किस तरह चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में अपनी जिम्मेदारियां निभाते हैं। इस दुखद घटना के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है, लेकिन स्थानीय लोगों, सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों का समर्थन उन्हें संबल देने का प्रयास कर रहा है। अनुराग सिंह ठाकुर ने भी परिवार को भरोसा दिलाया कि भविष्य में किसी भी प्रकार की आवश्यकता होने पर हरसंभव सहायता उपलब्ध करवाई जाएगी। इस दुखद घटना ने पूरे प्रदेश को शोक में डुबो दिया है और हर कोई दिवंगत आदित्य शर्मा को श्रद्धांजलि अर्पित कर रहा है।
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