पालमपुर में किसानों को मिला नया मार्गदर्शन, खेती और कमाई पर फोकस
पालमपुर में किसानों को मिला नया मार्गदर्शन, खेती और कमाई पर फोकस

Author : Rajesh Vyas

June 20, 2026 10:55 a.m. 130

पालमपुर में हिमाचल प्रदेश फसल विविधीकरण प्रोत्साहन परियोजना (HPCDP) चरण-दो के तहत किसान विकास संघ (KVA) की प्रबंधन समिति के सदस्यों के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों से जुड़ी संस्थाओं को अधिक मजबूत बनाना और उन्हें बेहतर तरीके से संचालित करने के लिए आवश्यक जानकारी प्रदान करना था। प्रशिक्षण में पालमपुर क्षेत्र के 14 किसान विकास संघों के 40 प्रबंधन समिति सदस्यों ने भाग लिया।

प्रबंधन समिति की जिम्मेदारियों पर दिया गया मार्गदर्शन

प्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञों ने प्रबंधन समिति के सदस्यों को उनकी भूमिका, जिम्मेदारियों और दायित्वों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्हें बताया गया कि किसी भी किसान संगठन को सफल बनाने के लिए नियमित बैठकें, सही रिकॉर्ड रखना, वित्तीय पारदर्शिता बनाए रखना और सामूहिक निर्णय लेना बहुत जरूरी है। साथ ही सभी सदस्यों की सक्रिय भागीदारी को भी संगठन की सफलता का महत्वपूर्ण आधार बताया गया।

आधुनिक खेती और पोषण पर विशेष चर्चा

कार्यक्रम में न्यूट्री-किचन गार्डन, जाईका वेजिटेबल गार्डन और लघु कृषक बागवानी सशक्तिकरण एवं प्रोत्साहन योजना जैसे विषयों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। विशेषज्ञों ने किसानों को बाजार की मांग के अनुसार खेती करने और नई कृषि तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि बदलते समय में किसानों को ऐसी फसलों और कृषि गतिविधियों की ओर बढ़ना चाहिए जिनसे उन्हें बेहतर आय प्राप्त हो सके।

परिवारों में पोषण सुधारने पर जोर

प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान पोषण विशेषज्ञों ने संतुलित आहार और पोषण सुरक्षा के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि घरों में न्यूट्री-किचन गार्डन विकसित करके परिवारों को ताजी और पौष्टिक सब्जियां उपलब्ध कराई जा सकती हैं। इससे परिवारों के स्वास्थ्य में सुधार होगा और पोषण संबंधी समस्याओं को कम करने में मदद मिलेगी।

एफपीओ की उपयोगिता समझाई गई

कार्यक्रम में किसान उत्पादक संगठन यानी एफपीओ के महत्व पर भी जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने बताया कि एफपीओ किसानों को एक मंच पर लाकर सामूहिक रूप से अपनी उपज बेचने का अवसर देता है। इससे किसानों को अपनी फसलों का बेहतर मूल्य मिलता है और उनकी आय बढ़ाने में मदद मिलती है। साथ ही बाजार तक पहुंच आसान होने से किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होती है।

परियोजना की सफलता में किसानों की भूमिका अहम

अधिकारियों ने कहा कि मजबूत किसान संस्थाएं किसी भी कृषि परियोजना की सफलता की आधारशिला होती हैं। उन्होंने प्रबंधन समिति के सदस्यों से अपील की कि वे गांव स्तर पर परियोजना की गतिविधियों को प्रभावी तरीके से लागू करें और अधिक से अधिक किसानों को इससे जोड़ें। उन्होंने कहा कि किसानों की सक्रिय भागीदारी से ही खेती को लाभकारी बनाया जा सकता है।

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गांव स्तर तक पहुंचेंगी परियोजना की योजनाएं

प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों के साथ विभिन्न कृषि विषयों पर संवाद किया और उनके सवालों के जवाब दिए। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसानों को नई जानकारी देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना और कृषि क्षेत्र में स्थायी विकास को बढ़ावा देना था। अधिकारियों ने उम्मीद जताई कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रमों से किसानों को नई दिशा मिलेगी और वे आधुनिक खेती के जरिए अपनी आय बढ़ाने में सफल होंगे।

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