जयराम ठाकुर बोले: धारा 118 में बदलाव हिमाचल के हितों के खिलाफ
जयराम ठाकुर बोले: धारा 118 में बदलाव हिमाचल के हितों के खिलाफ

Post by : Khushi Joshi

Dec. 4, 2025 1:48 p.m. 3687

धर्मशाला में चल रहे विधानसभा सत्र में पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि शुरुआत से ही सरकार ऐसा व्यवहार कर रही है मानो “हिमाचल ऑन सेल” हो। मुख्यमंत्री स्वयं कई मौकों पर ऐसे बयान दे चुके हैं, जो इस बात की पुष्टि करते हैं कि निर्णय प्रदेश के हितों के अनुरूप नहीं, बल्कि बाहरी लोगों के फायदे के लिए किए जा रहे हैं।

जयराम ठाकुर ने कहा कि अब विधानसभा में जिस तरह धारा-118 में संशोधन लाया जा रहा है, उससे स्पष्ट है कि सरकार प्रदेश की जमीन और संसाधनों पर बाहरी दबाव बढ़ाने के रास्ते खोल रही है। धारा-118 हिमाचल की वह कानूनी व्यवस्था है जो राज्य की भूमि को बाहरी खरीद से बचाती है, लेकिन मौजूदा बदलावों से यह सुरक्षा कमजोर पड़ सकती है।

नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार के इर्द-गिर्द ऐसे लोग सक्रिय हैं जो देशभर में घूम-घूमकर धारा-118 में छूट दिलाने के नाम पर सौदेबाज़ी करते हैं। उन्होंने दावा किया कि मीडिया में भी कई बार ऐसे उदाहरण सामने आए हैं, जहाँ जमीन ख़रीदने के लिए नियम ढीले करवाने के बदले पैसे की मांग होती रही है।

जयराम ठाकुर का कहना था कि सरकार का इरादा ऐसा सिस्टम बनाने का है जो हिमाचल में जमीन ख़रीदने का नया रास्ता बनाकर स्थानीय हितों को दरकिनार कर दे। यही वजह है कि विपक्ष लगातार चेतावनी दे रहा है कि यह संशोधन समय रहते रोका जाना चाहिए।

उन्होंने सरकार की नौकरी संबंधी घोषणाओं पर भी सवाल उठाया। जयराम ने कहा कि चुनाव से पहले 5 लाख सरकारी नौकरियों और पक्की नौकरी की गारंटी के बड़े-बड़े वादे किए गए थे, लेकिन तीन साल पूरे होने के बाद भी सरकार यह बताने को तैयार नहीं कि अभी तक कितने युवाओं को रोजगार मिला है। विपक्ष दो वर्षों से लगातार आंकड़े पूछ रहा है, लेकिन कोई स्पष्ट जवाब सदन में नहीं दिया जा रहा।

छात्रों के प्रदर्शन पर बल प्रयोग के मुद्दे पर भी नेता प्रतिपक्ष ने सरकार की नीतियों को कठघरे में रखा। उन्होंने कहा कि अपनी मांगों के लिए आवाज उठाना छात्रों का लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन उन पर लाठीचार्ज करना संविधान की भावना के खिलाफ है। उन्होंने इसे तानाशाही रवैया बताते हुए कहा कि सरकार को जनता की बात सुननी चाहिए, न कि विरोध को दबाने के प्रयास करने चाहिए।

जयराम ठाकुर ने मांग की कि सरकार ऐसी नीति अपनाए जिससे प्रदेशवासियों के अधिकार और संसाधन सुरक्षित रहें और युवाओं के भविष्य से जुड़े वादों पर जल्द जवाबदेही तय हो। विपक्ष ने स्पष्ट कर दिया है कि धारा-118 में छेड़छाड़ को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा और इस मुद्दे पर संघर्ष जारी रहेगा।

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