Post by : Khushi Joshi
हिमाचल प्रदेश में नवंबर का महीना इस बार बिल्कुल बदले हुए रंग में दिखाई दे रहा है। राज्य के कई जिलों में लगातार 16 दिनों से बारिश न होने की वजह से मौसम का मिज़ाज पूरी तरह सूखा बना हुआ है। सुबह और शाम की ठंडक बढ़ते हुए मौसम के बदलते दौर का एहसास करा रही है, वहीं दिन में खिली धूप भी अब ठिठुरन को कम करने में उतनी मदद नहीं कर पा रही। प्राकृतिक संतुलन की दृष्टि से यह स्थिति प्रदेश के किसानों और बागवानों के लिए चिंता का विषय बनती जा रही है, क्योंकि बारिश की लंबी कमी से कई फसलों और फलदार पौधों पर असर पड़ना तय माना जा रहा है।
मंडी और सिरमौर जैसे मध्यवर्ती जिलों में हालात सबसे अधिक गंभीर बताए जा रहे हैं, जहाँ पिछले दो हफ्तों से बादल तो छाए हैं, लेकिन एक बूंद पानी भी जमीन पर नहीं गिरा। ऊपरी हिमालयी क्षेत्रों की स्थिति भी इससे कुछ अलग नहीं है। किन्नौर में मात्र 3.2 मिलीमीटर और लाहौल-स्पीति में 2.3 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है, जो इस मौसम के हिसाब से बेहद कम है। कुल्लू में भी बारिश का आंकड़ा मुश्किल से 1 मिलीमीटर तक ही पहुँच पाया, जबकि कई क्षेत्रों में यह मात्रा इससे भी नीचे है। मौसम विभाग के आंकड़ों को देखें तो नवंबर के मध्यम भाग तक ऐसा सूखा दौर हाल के वर्षों में कम ही देखने को मिला है।
मौसम विज्ञान केंद्र, शिमला के ताज़ा पूर्वानुमान के अनुसार आगामी एक सप्ताह तक आसमान बिल्कुल साफ़ रहने की संभावना है। इसका सीधा अर्थ है कि राज्य को अभी और इंतज़ार करना होगा। बारिश की उम्मीद फिलहाल न के बराबर है और वैज्ञानिकों का मानना है कि नवंबर का अधिकांश हिस्सा लगभग सूखा गुजर सकता है। हालांकि कुछ विशेषज्ञों ने महीने के अंतिम सप्ताह में हल्की बूंदाबांदी की हल्की-फुल्की संभावना जरूर जताई है, लेकिन यह अनुमान भी बेहद सीमित क्षेत्रों तक ही लागू हो सकता है।
इस बीच, अधिकतम तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। दिन में धूप खिलने के बावजूद पिछले कुछ दिनों में पारा करीब 4 डिग्री सेल्सियस नीचे गया है। यह गिरावट इस बात की ओर संकेत करती है कि शीतऋतु का प्रभाव अब धीरे-धीरे पूरे प्रदेश पर अपना असर दिखाने लगा है। तापमान घटने से ठंड का असर पहले के मुकाबले ज्यादा महसूस किया जा रहा है, जिसके कारण ग्रामीण क्षेत्रों में सुबह और शाम का जीवनचर्या पहले से और कठिन होता दिखाई दे रहा है।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि लंबे सूखे के कारण जमीन की नमी कम होती जा रही है, जो आने वाले समय में खेती और बागवानी गतिविधियों को प्रभावित कर सकती है। राज्य के कई इलाकों में सर्दियों की फसलों के लिए नमी की जरूरत रहती है, लेकिन लगातार कम वर्षा की वजह से किसान असमंजस की स्थिति में हैं। वहीं, सेब उत्पादक क्षेत्रों में भी यह चिंता बढ़ रही है कि यदि जल्द नमी नहीं आई तो पौधों की सर्दियों की तैयारी प्रभावित हो सकती है।
कुल मिलाकर हिमाचल में इस समय नवंबर का मौसम सामान्य पैटर्न से काफी अलग चल रहा है। लोगों से अपील की जा रही है कि वे मौसम विभाग की ताज़ा अपडेट पर नजर रखें और तापमान में गिरावट को देखते हुए आवश्यक सावधानियाँ बरतें। अगले कुछ दिनों तक प्रदेश के आसमान का साफ़ रहना तय दिख रहा है और बारिश की कमी के कारण प्रदेश की प्राकृतिक और कृषि स्थिति पर इसका असर पड़ता हुआ साफ दिखाई दे रहा है
चंबा में गहरी खाई में गिरी ऑल्टो कार, युवक की मौके पर दर्दना...
Chamba में Alto car खाई में गिरने से बड़ा road accident, युवक की मौत, चालक गंभीर घायल, पुलिस जांच और
कुल्लू की रहस्यमयी पार्वती घाटी में युवक गायब, तलाश में जुटी...
कुल्लू की Parvati Valley में दिल्ली का युवक संदिग्ध हालात में लापता, पुलिस लगातार search operation च
क्रिकेट टिकट बुकिंग के नाम पर साइबर ठगी, पुलिस ने जारी की चे...
क्रिकेट ticket booking के नाम पर cyber crime बढ़ा, फर्जी वेबसाइट से ठगी, हिमाचल पुलिस ने alert जारी
दिल्ली में CNG के दाम ₹2 बढ़े, पेट्रोल-डीजल के बाद महंगा हुआ...
दिल्ली में CNG के दाम ₹2 बढ़े, पेट्रोल डीजल के बाद fuel price में बढ़ोतरी, आम लोगों पर असर, transpor
धर्मशाला मैच पर बारिश का खतरा, मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट...
Dharamshala Match से पहले Rain Alert जारी हुआ है। कांगड़ा और धर्मशाला में बारिश, आंधी, बिजली चमकने औ
चांदपुर में विवाहिता ने फंदा लगाकर दी जान, चार दिन में तीसरी...
Bilaspur Crime News में चांदपुर की महिला ने घर में फंदा लगाकर जान दी। चार दिनों में तीसरी घटना के बा
शिकारी देवी मार्ग पर बड़ा हादसा, कार खाई में गिरने से दो युव...
Mandi Road Accident में शिकारी देवी से लौट रही कार गहरी खाई में गिरी। हादसे में दो युवकों की मौत और