हिमाचल: ऑपरेशन सिंदूर में आईआईटी मंडी के तैयार ड्रोन का अहम उपयोग
हिमाचल: ऑपरेशन सिंदूर में आईआईटी मंडी के तैयार ड्रोन का अहम उपयोग

Post by : Khushi Joshi

Nov. 14, 2025 2:03 p.m. 1582

हिमाचल प्रदेश के आईआईटी मंडी द्वारा विकसित ड्रोन ऑपरेशन सिंदूर में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते नजर आए। यह जानकारी संस्थान के निदेशक प्रो. लक्ष्मीधर बेहरा ने दीक्षांत समारोह के दौरान दी। उन्होंने बताया कि जब देश को आधुनिक तकनीक वाले ड्रोन की जरूरत थी, तब आईआईटी मंडी ने आगे बढ़कर अपनी तकनीक सेना को उपलब्ध कराई।

उनके अनुसार, आईआईटी मंडी द्वारा तैयार किए गए 15 ड्रोन भारतीय सेना को प्रदान किए गए, जिनका उपयोग ऑपरेशन सिंदूर में किया गया। यह ड्रोन उच्च तकनीक, बेहतर ऊर्जा प्रणालियों और सूक्ष्म संरचना पर आधारित हैं, जिनका उद्देश्य सामरिक अभियानों को और अधिक प्रभावी बनाना है।

आईआईटी  मंडी–DRDO सहयोग

प्रो. बेहरा ने बताया कि संस्थान इन दिनों डीआरडीओ के साथ मिलकर उन्नत ड्रोन प्रणाली पर काम कर रहा है। यह संयुक्त शोध भविष्य में सेना के लिए और भी अधिक सक्षम, शक्तिशाली और उच्च क्षमता वाले ड्रोन तैयार करने में सहायक होगा।

आईआईटी मंडी की ड्रोन टेक्नोलॉजी लैब ने पिछले कुछ वर्षों में तेज़ी से प्रगति की है और संस्थान हिमालयी क्षेत्र में अनुसंधान और नवाचार का केंद्र बनता जा रहा है।

इनोवेशन और अनुसंधान का मजबूत पारिस्थितिकी तंत्र

निदेशक ने बताया कि IIT मंडी में तकनीकी शिक्षा के साथ मानवीय मूल्यों पर आधारित अनुसंधान भी समान रूप से बढ़ रहा है।
संस्थान ने एक अंतर्विषयक अनुसंधान केंद्र स्थापित किया है, जो तकनीकी विकास और सामाजिक जरूरतों के बीच सेतु का कार्य करता है।

यहां के शोध विद्यार्थी न केवल उच्च तकनीकी क्षमता रखते हैं, बल्कि ऐसे समाधान विकसित कर रहे हैं जो स्थानीय और राष्ट्रीय आवश्यकताओं को पूरा करते हैं।

अर्ली वार्निंग सिस्टम भी सफल

प्रो. बेहरा ने यह भी बताया कि संस्थान द्वारा विकसित अर्ली वार्निंग सिस्टम बेहद प्रभावी साबित हो रहा है। यह सिस्टम

  • भूस्खलन

  • भूकंप
    की शुरुआती जानकारी देकर आपदा प्रबंधन को मजबूत बनाने में मदद कर रहा है।

16 वर्षों में आईआईटी मंडी की उपलब्धियाँ

साल 2009 में स्थापित आईआईटी मंडी ने 16 साल की यात्रा में शोध, तकनीक, और इनोवेशन के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल की हैं।
ड्रोन टेक्नोलॉजी, ऊर्जा विज्ञान, आपदा प्रबंधन तथा पहाड़ी क्षेत्रों से जुड़ी समस्याओं के समाधान पर संस्थान लगातार प्रगति कर रहा है।

#हिमाचल प्रदेश #ब्रेकिंग न्यूज़ #ताज़ा खबरें
अनुच्छेद
प्रायोजित
ट्रेंडिंग खबरें
धर्मशाला में भारत-अफगानिस्तान वनडे मैच की बड़ी तैयारी अमेरिका-इजरायल के हमलों में ईरान में बढ़ी तबाही, 555 से अधिक मौतें और IRGC मुख्यालय ध्वस्त हमीरपुर ब्यास नदी पर 1 किलोमीटर लंबी बाढ़ सुरक्षा दीवार का निर्माण शुरू सिहुंता कमेटी ने अनाथ बेटियों और आपदा पीड़ितों को आर्थिक मदद देने का निर्णय लिया ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हमलों में मौत, इस्लामी गणराज्य के भविष्य पर बड़ा सवाल ऊना जनशताब्दी ट्रेन की चपेट में महिला की मौत पहचान अज्ञात डॉ. बिंदल बोले कांग्रेस सरकार के 40 माह में जनता प्रभावित टाइगर्स कप क्रिकेट 2026 देवनगर ने श्याम नगर को हराया मैच