Author : Rajneesh Kapil Hamirpur
राष्ट्र स्तरीय होली उत्सव सुजानपुर-2026 इस वर्ष केवल रंगों और उत्साह का ही नहीं, बल्कि जिला हमीरपुर की समृद्ध लोक संस्कृति के भव्य प्रदर्शन का भी साक्षी बन रहा है। इस बार आयोजन समिति ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों को एक नया आयाम देते हुए न केवल रात्रि में हिमाचली कलाकारों की प्रस्तुतियां रखीं, बल्कि दिन के समय भी विविध सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से स्थानीय परंपराओं को मंच प्रदान किया।
पहली बार प्रदर्शनी स्टॉलों के मध्य एक विशेष मंच का निर्माण किया गया, जहां प्रतिदिन अलग-अलग सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इस पहल का उद्देश्य स्थानीय कलाकारों, लोक गायकों और कवियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर देना और लुप्त होती लोक परंपराओं को पुनर्जीवित करना है।
उत्सव के पहले दिन एक मार्च को इसी विशेष मंच पर भव्य कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए कवियों ने हिंदी और पहाड़ी भाषा में अपनी रचनाएं प्रस्तुत कीं। देशभक्ति, सामाजिक सरोकार, प्रकृति, संस्कृति और हास्य-व्यंग्य से सजी कविताओं ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। श्रोताओं ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ कवियों का उत्साहवर्धन किया।
सांस्कृतिक गतिविधियों के संयोजक एवं जिला भाषा अधिकारी संतोष कुमार पटियाल ने जानकारी देते हुए बताया कि मंच पर पारंपरिक भजन गायन मंडलियों को भी विशेष रूप से आमंत्रित किया गया। एकतारा, करताल और पारंपरिक छोटी डफली (डौरू) की मधुर ध्वनि के साथ भजनों और दोहों का गायन किया गया। हमीरपुर, बिलासपुर और मंडी जिलों के निचले क्षेत्रों में प्रचलित यह प्राचीन भजन परंपरा आज विलुप्ति के कगार पर है, लेकिन होली उत्सव के मंच पर इसकी प्रस्तुति ने लोगों को अपनी जड़ों से जोड़ने का कार्य किया। दर्शकों ने इन प्रस्तुतियों को अत्यंत सराहा और कलाकारों का भरपूर सम्मान किया।
उत्सव परिसर में ही चित्रकला प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया, जिसमें बच्चों और युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतिभागियों ने रंगों के माध्यम से होली, लोक संस्कृति और हिमाचल की प्राकृतिक सुंदरता को चित्रों में उकेरा।
होली उत्सव के दूसरे दिन लोकनृत्य प्रतियोगिता ने समां बांध दिया। कुसुम कला मंच ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि डिग्री कॉलेज सुजानपुर के दल ने द्वितीय और शुभम कला मंच ने तृतीय स्थान हासिल किया। स्थानीय विधायक कैप्टन रणजीत सिंह ने विजेता दलों को पुरस्कार वितरित किए। आयोजन समिति द्वारा प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले दल को 11 हजार रुपये, द्वितीय को 5100 रुपये और तृतीय को 3100 रुपये की नकद राशि प्रदान की गई। इस अवसर पर सामूहिक लोकनृत्य ‘झमाकड़ा’ का भी आयोजन हुआ, जिसमें जिले भर से आई सैकड़ों महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में भाग लेकर उत्सव को और अधिक रंगीन बना दिया।
उत्सव के तीसरे दिन तीन मार्च को जिला हमीरपुर की पारंपरिक गूग्गा गाथा का गायन किया गया। इसके साथ ही लोक नाट्य ‘धाहजा’ की प्रस्तुतियां भी मंचित की गईं। विभिन्न लोक सांस्कृतिक दलों ने अपनी प्रस्तुति के माध्यम से क्षेत्र की ऐतिहासिक और धार्मिक कथाओं को जीवंत कर दिया। इन प्रस्तुतियों ने दर्शकों को अतीत की सांस्कृतिक विरासत से जोड़ते हुए परंपरा और आधुनिकता के सुंदर समन्वय का संदेश दिया।
इस प्रकार सुजानपुर का होली उत्सव इस वर्ष केवल एक पर्व नहीं, बल्कि लोक संस्कृति, कला, साहित्य और परंपराओं के संरक्षण का एक सशक्त माध्यम बनकर उभरा है। स्थानीय कलाकारों को मंच प्रदान कर आयोजन समिति ने यह संदेश दिया है कि अपनी सांस्कृतिक धरोहर को सहेजना और नई पीढ़ी तक पहुंचाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
बिजली महादेव मंदिर में चला सफाई अभियान, 2 क्विंटल प्लास्टिक ...
कुल्लू के बिजली महादेव मंदिर में Rotary Club और रोवर्स-रेंजर्स ने सफाई अभियान चलाया। करीब 2 क्विंटल
हिमाचल में बढ़े स्वाइन फ्लू के मामले, इन लक्षणों को न करें न...
हिमाचल में Swine Flu के मामले बढ़े। जानें H1N1 Symptoms, बचाव, इलाज और कब डॉक्टर से संपर्क करना जरूर
नेपाल में फंसे हिमाचलियों की जानकारी दें, प्रशासन ने जारी कि...
Nepal Flood के बीच हमीरपुर प्रशासन अलर्ट, नेपाल गए परिजनों से संपर्क न होने पर तुरंत अधिकारियों को स
मणिमहेश यात्रा के पहले दिन 253 श्रद्धालु हुए रवाना, 20 सितंब...
Manimahesh Yatra 2026 के पहले दिन 253 श्रद्धालु रवाना हुए। Heli Taxi सेवा भी शुरू, 20 सितंबर तक चलेग
हिमाचल में स्वाइन फ्लू की दस्तक, इन लक्षणों को न करें नजरअंद...
हिमाचल में Swine Flu के 4 मामले मिले। जानें H1N1 Virus के लक्षण, बचाव के उपाय और कब लेनी चाहिए डॉक्ट
हथलौंण की बेटी शिल्पा सोनी का चयन, बंगाणा में बनेंगी रसायन प...
हथलौंण की शिल्पा सोनी ने Commission Exam पास कर Lecturer Chemistry पद हासिल किया, बंगाणा विद्यालय मे
हिमाचल में 4.0 तीव्रता का भूकंप, शिमला समेत 5 जिलों में झटके...
Himachal Earthquake से बुधवार सुबह धरती हिली, शिमला समेत 5 जिलों में 4.0 तीव्रता के झटके महसूस हुए,