Post by : Shivani Kumari
वज़न कम करने का लक्ष्य रखने वाले लोग अक्सर “हाई‑प्रोटीन” टैग वाले खाद्य पदार्थों की ओर आकर्षित होते हैं — मूंगफली बटर, क्विनोआ, बीन्स, नट्स और ग्रेनोला जैसी चीज़ें आम उदाहरण हैं। लेकिन पोषण कोचों और विशेषज्ञों की चेतावनी है कि ये उत्पाद हमेशा वज़न घटाने में मदद नहीं करते, बल्कि कभी-कभी बाधा बन सकते हैं।
हाल ही में पोषण कोच Justin Gichaba ने एक वीडियो में बताया कि “हाई‑प्रोटीन” टैग वाले कई उत्पाद वास्तव में अधिक फैट और कार्बोहाइड्रेट देते हैं, जिससे कुल कैलोरी इंटेक बढ़ जाता है और वसा घटाने की प्रक्रिया धीमी पड़ सकती है।
प्रोटीन आहार में एक प्रमुख मैक्रोन्यूट्रिएंट है — यह मसल्स की मरम्मत, ऊतक संश्लेषण और भूख नियंत्रण में मदद करता है।
मईओ क्लिनिक के अनुसार, उच्च‑प्रोटीन आहार अल्पकाल में वज़न घटाने में मदद कर सकते हैं क्योंकि ये तृप्ति बढ़ाते हैं।
उदाहरण के लिए, मूंगफली बटर में प्रोटीन सही‑मात्रा में हो सकती है, लेकिन उसका अधिकांश हिस्सा फैट से बनता है — और फैट कैलोरी‑घनता सबसे अधिक है।
बीन्स, क्विनोआ जैसे पौधे‑आधारित प्रोटीन स्रोत कार्ब्स के साथ आते हैं। यदि आप भाग नियंत्रण नहीं करें या पूरी कैलोरी न देखें, तो ये स्रोत वज़न घटाने के बजाए कैलोरी बढ़ा सकते हैं।
बहुत‑से ग्रेनोला, नट्स मिक्स आदि में “हाई‑प्रोटीन” लिखा होता है, लेकिन वास्तविक प्रोटीन प्रति सर्विंग कम होती है और चीनी/तेल अधिक हो सकता है।
जब लोग समझते हैं कि “यह हाई‑प्रोटीन है तो ज्यादा खा लें”, तो हिस्से बड़े हो जाते हैं — और परिणामस्वरूप कुल कैलोरी बढ़ जाती है।
किसी एक खाद्य को “प्रोटीन स्रोत” मानकर चलना, आहार के अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं (फाइबर, माइक्रोन्यूट्रिएंट्स, कुल कैलोरी) को पीछे छोड़ सकता है।
भारत में शाकाहारी और मांसाहारी दोनों प्रकार के लोग “प्रोटीन की कमी” की समस्या से जूझते हैं। बाजार में “हाई‑प्रोटीन” लेबल वाले पैकेज्ड फूड्स तेजी से बढ़ रहे हैं। ऐसे में यह समझना जरूरी है कि प्रोटीन मौजूद है या सिर्फ लेबल पर दावा है।
मोनिका ठाकुर ने CSIR NET JRF में हासिल की ऑल इंडिया 65वीं रै...
मंडी की मोनिका ठाकुर ने CSIR NET JRF में ऑल इंडिया 65वीं रैंक हासिल कर सराज और हिमाचल का नाम रोशन कि
1 सितंबर 1972 को कांगड़ा से अलग बना था हमीरपुर जिला, जानें इ...
Hamirpur स्थापना दिवस पर जानें जिले का इतिहास, वीरभूमि की पहचान, कटोच वंश और 1 सितंबर 1972 को जिला ब
बिजली महादेव मंदिर में चला सफाई अभियान, 2 क्विंटल प्लास्टिक ...
कुल्लू के बिजली महादेव मंदिर में Rotary Club और रोवर्स-रेंजर्स ने सफाई अभियान चलाया। करीब 2 क्विंटल
हिमाचल में बढ़े स्वाइन फ्लू के मामले, इन लक्षणों को न करें न...
हिमाचल में Swine Flu के मामले बढ़े। जानें H1N1 Symptoms, बचाव, इलाज और कब डॉक्टर से संपर्क करना जरूर
नेपाल में फंसे हिमाचलियों की जानकारी दें, प्रशासन ने जारी कि...
Nepal Flood के बीच हमीरपुर प्रशासन अलर्ट, नेपाल गए परिजनों से संपर्क न होने पर तुरंत अधिकारियों को स
मणिमहेश यात्रा के पहले दिन 253 श्रद्धालु हुए रवाना, 20 सितंब...
Manimahesh Yatra 2026 के पहले दिन 253 श्रद्धालु रवाना हुए। Heli Taxi सेवा भी शुरू, 20 सितंबर तक चलेग
हिमाचल में स्वाइन फ्लू की दस्तक, इन लक्षणों को न करें नजरअंद...
हिमाचल में Swine Flu के 4 मामले मिले। जानें H1N1 Virus के लक्षण, बचाव के उपाय और कब लेनी चाहिए डॉक्ट