क्या हाई-प्रोटीन डाइट वज़न घटाने में रुकावट डालती है?
क्या हाई-प्रोटीन डाइट वज़न घटाने में रुकावट डालती है?

Post by : Shivani Kumari

Nov. 10, 2025 10:03 p.m. 1444

“हाई‑प्रोटीन” खाद्य सचमुच वज़न घटाने में बाधक क्यों बन सकते हैं?

वज़न कम करने का लक्ष्य रखने वाले लोग अक्सर “हाई‑प्रोटीन” टैग वाले खाद्य पदार्थों की ओर आकर्षित होते हैं — मूंगफली बटर, क्विनोआ, बीन्स, नट्स और ग्रेनोला जैसी चीज़ें आम उदाहरण हैं। लेकिन पोषण कोचों और विशेषज्ञों की चेतावनी है कि ये उत्पाद हमेशा वज़न घटाने में मदद नहीं करते, बल्कि कभी-कभी बाधा बन सकते हैं

1. क्या हो रहा है — ताज़ा चेतावनी

हाल ही में पोषण कोच Justin Gichaba ने एक वीडियो में बताया कि “हाई‑प्रोटीन” टैग वाले कई उत्पाद वास्तव में अधिक फैट और कार्बोहाइड्रेट देते हैं, जिससे कुल कैलोरी इंटेक बढ़ जाता है और वसा घटाने की प्रक्रिया धीमी पड़ सकती है।

2. इतिहास और विज्ञान : प्रोटीन का रोल

प्रोटीन आहार में एक प्रमुख मैक्रोन्यूट्रिएंट है — यह मसल्स की मरम्मत, ऊतक संश्लेषण और भूख नियंत्रण में मदद करता है।

प्रोटीन और वजन घटाने का विज्ञान

मईओ क्लिनिक के अनुसार, उच्च‑प्रोटीन आहार अल्पकाल में वज़न घटाने में मदद कर सकते हैं क्योंकि ये तृप्ति बढ़ाते हैं।

3. क्यों “हाई‑प्रोटीन” खाद्य वज़न घटाने में बाधा बन सकते हैं

3.1 कैलोरी डेंसिटी और छुपे फैट/कार्ब्स

उदाहरण के लिए, मूंगफली बटर में प्रोटीन सही‑मात्रा में हो सकती है, लेकिन उसका अधिकांश हिस्सा फैट से बनता है — और फैट कैलोरी‑घनता सबसे अधिक है।

3.2 कार्बोहाइड्रेट का भार

बीन्स, क्विनोआ जैसे पौधे‑आधारित प्रोटीन स्रोत कार्ब्स के साथ आते हैं। यदि आप भाग नियंत्रण नहीं करें या पूरी कैलोरी न देखें, तो ये स्रोत वज़न घटाने के बजाए कैलोरी बढ़ा सकते हैं।

3.3 “हाई‑प्रोटीन” लेबल का भ्रम

बहुत‑से ग्रेनोला, नट्स मिक्स आदि में “हाई‑प्रोटीन” लिखा होता है, लेकिन वास्तविक प्रोटीन प्रति सर्विंग कम होती है और चीनी/तेल अधिक हो सकता है।

3.4 हिस्सों में अनियंत्रित वृद्धि

जब लोग समझते हैं कि “यह हाई‑प्रोटीन है तो ज्यादा खा लें”, तो हिस्से बड़े हो जाते हैं — और परिणामस्वरूप कुल कैलोरी बढ़ जाती है।

3.5 आहार का समग्र संतुलन अनदेखा होना

किसी एक खाद्य को “प्रोटीन स्रोत” मानकर चलना, आहार के अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं (फाइबर, माइक्रोन्यूट्रिएंट्स, कुल कैलोरी) को पीछे छोड़ सकता है।

4. ताज़ा आंकड़े और विशेषज्ञ राय

  • लीन प्रोटीन (जहां फैट कम हो) वज़न घटाने में विशेष रूप से लाभदायक।
  • Mayo Clinic: “उच्च‑प्रोटीन आहार संक्षिप्त अवधि में वज़न कम करने में सहयोग देते हैं।”
  • विशेषज्ञ डाइटीशियन शिखा अग्रवाल शर्मा: “वज़न घटाने के लिए लीन प्रोटीन का चयन करें — जिसका मतलब है कम फैट वाला प्रोटीन स्रोत।”

5. चुनौतियाँ और अवसर

चुनौतियाँ

  • “हाई‑प्रोटीन” लेबल को स्वयं सुरक्षित समझ लेना।
  • हिस्सों का नियंत्रण न रखना।
  • पौधे‑आधारित प्रोटीन में कभी‑कभी कार्ब्स अधिक होना।
  • फैट और चीनी छिपे होने का खतरा।
  • स्वास्थ्य‑स्थिति वाले लोगों में अत्यधिक प्रोटीन जोखिम बढ़ा सकता है।

अवसर

  • सही प्रोटीन स्रोत चुनना: चिकन, मछली, अंडे, ग्रीक योगर्ट, लेन्टिल्स।
  • पैकेज्ड “हाई‑प्रोटीन” विकल्पों को सहायक मानना।
  • लेबल पढ़ना और हिस्सों पर नियंत्रण रखना।
  • प्रोटीन के साथ फाइबर और हेल्दी फैट शामिल करना।
  • लंबी अवधि के लिए सतत प्रोटीन खपत पर ध्यान देना।

6. भारत‑विशेष परिप्रेक्ष्य

भारत में शाकाहारी और मांसाहारी दोनों प्रकार के लोग “प्रोटीन की कमी” की समस्या से जूझते हैं। बाजार में “हाई‑प्रोटीन” लेबल वाले पैकेज्ड फूड्स तेजी से बढ़ रहे हैं। ऐसे में यह समझना जरूरी है कि प्रोटीन मौजूद है या सिर्फ लेबल पर दावा है।

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