Post by : Himachal Bureau
हिमाचल प्रदेश में मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग ने राज्य के अधिकांश हिस्सों में आगामी 28 जुलाई तक लगातार वर्षा होने की संभावना जताई है। इसी को देखते हुए प्रदेश के 10 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। लगातार हो रही बारिश के कारण कई इलाकों में भूस्खलन, सड़कें बंद होने और जनजीवन प्रभावित होने जैसी स्थितियां सामने आ रही हैं। प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और नदी-नालों के आसपास न जाने की अपील की है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अगले छह दिनों तक प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में मध्यम से भारी वर्षा का दौर जारी रह सकता है। पहाड़ी क्षेत्रों में अधिक वर्षा के कारण भूस्खलन की आशंका भी बनी हुई है। ऐसे में स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं। इस बार मानसून की सक्रियता सामान्य से अधिक देखने को मिल रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार बारिश के कारण पहाड़ों की मिट्टी कमजोर हो जाती है, जिससे भूस्खलन और चट्टानें गिरने का खतरा बढ़ जाता है। इसी वजह से संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
मौसम विभाग द्वारा जारी पूर्वानुमान के अनुसार किन्नौर और लाहौल-स्पीति को छोड़कर प्रदेश के अधिकांश जिलों में भारी बारिश का असर देखने को मिल सकता है। चंबा, कांगड़ा, मंडी, कुल्लू, शिमला, सिरमौर, बिलासपुर, हमीरपुर, ऊना और सोलन जिलों के विभिन्न क्षेत्रों में तेज बारिश की संभावना जताई गई है। हालांकि फिलहाल रेड अलर्ट जारी नहीं किया गया है, लेकिन लगातार वर्षा को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने जिला अधिकारियों को भी आवश्यक तैयारियां पूरी रखने को कहा है ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।
लगातार हो रही बारिश के कारण प्रदेश के कई हिस्सों में पहाड़ियों से मलबा और पत्थर गिरने की घटनाएं बढ़ गई हैं। इससे लगभग 100 सड़कें प्रभावित हुई हैं और कई मार्गों पर यातायात पूरी तरह बाधित हो गया है। लोक निर्माण विभाग की टीमें बंद सड़कों को खोलने में लगातार जुटी हुई हैं। बारिश के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई गांवों का संपर्क मुख्य मार्गों से अस्थायी रूप से कट गया है। आवश्यक सेवाओं को सुचारु बनाए रखने के लिए प्रशासन मशीनरी के साथ राहत कार्यों में लगा हुआ है। इस बीच हिमाचल मौसम, Heavy Rain Alert, Yellow Alert, Landslide, और Monsoon Update को लेकर लोग लगातार जानकारी प्राप्त कर रहे हैं, क्योंकि इनसे जुड़ी परिस्थितियां तेजी से बदल रही हैं।
भारी वर्षा और भूस्खलन के खतरे को देखते हुए कुछ संवेदनशील इलाकों में एहतियात के तौर पर सरकारी और निजी शिक्षण संस्थानों को अस्थायी रूप से बंद रखा गया। कई स्थानों पर स्कूल, कॉलेज, आईटीआई और आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित किया गया ताकि विद्यार्थियों और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। स्थिति सामान्य होने के बाद कई क्षेत्रों में शिक्षण संस्थानों को दोबारा खोल दिया गया है, लेकिन प्रशासन लगातार मौसम की स्थिति की समीक्षा कर रहा है।
राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और मौसम विभाग ने पर्यटकों तथा स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे बारिश के दौरान नदी, नालों, खड्डों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहें। पहाड़ी मार्गों पर यात्रा करने वाले वाहन चालकों को भी अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। आपदा प्रबंधन विभाग ने कहा है कि मौसम बिगड़ने की स्थिति में स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करना बेहद जरूरी है। किसी भी आपात स्थिति में तुरंत प्रशासन और राहत एजेंसियों से संपर्क करने की सलाह दी गई है।
पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में अच्छी वर्षा दर्ज की गई। शिमला जिले के मशोबरा में सबसे अधिक वर्षा रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा बिलासपुर, ऊना, कुफरी, नैना देवी और सिरमौर के कई क्षेत्रों में भी भारी बारिश हुई। लगातार वर्षा के कारण जलस्तर बढ़ा है और कई छोटे नाले उफान पर हैं। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि आगामी दिनों में भी बारिश का यह सिलसिला जारी रह सकता है, जिससे जलभराव और भूस्खलन की घटनाएं बढ़ने की संभावना बनी रहेगी।
बारिश के चलते राजधानी शिमला में कई स्थानों पर पेड़ गिरने और पहाड़ियों से मलबा आने की घटनाएं सामने आई हैं। कुछ मकानों को नुकसान पहुंचा, हालांकि समय रहते लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया गया, जिससे किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। वहीं कांगड़ा जिले की बोह घाटी में बादल फटने के बाद कई गांवों में भारी तबाही हुई। कई मकान, गोशालाएं और एक प्राथमिक विद्यालय मलबे की चपेट में आ गए। कुछ लोग घायल हुए हैं जबकि पशुधन को भी नुकसान पहुंचा है। प्रशासन, पुलिस, एनडीआरएफ और स्थानीय टीमें प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में जुटी हुई हैं।
Read Also: मंडी में बैंक कर्मचारी बन साइबर ठगों ने उड़ाए पांच लाख रुपये
राज्य सरकार और जिला प्रशासन ने लोगों से मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनियों पर नजर बनाए रखने की अपील की है। अनावश्यक यात्रा से बचने, पहाड़ी ढलानों के समीप अधिक समय तक न रुकने और खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है। प्रशासन का कहना है कि यदि बारिश का सिलसिला इसी प्रकार जारी रहता है तो कुछ और क्षेत्रों में भी एहतियाती कदम उठाए जा सकते हैं। लोगों से अपील की गई है कि किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें। लगातार निगरानी रखी जा रही है ताकि किसी भी आपदा की स्थिति में तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किए जा सकें।
सिरमौर में 24 वर्षीय प्रधान का फैसला, शादी में फिजूलखर्ची पर...
सिरमौर की सखोली पंचायत ने शादी में फिजूलखर्ची रोकने के लिए नए नियम बनाए, उल्लंघन पर ₹51 हजार जुर्मान
मोनिका ठाकुर ने CSIR NET JRF में हासिल की ऑल इंडिया 65वीं रै...
मंडी की मोनिका ठाकुर ने CSIR NET JRF में ऑल इंडिया 65वीं रैंक हासिल कर सराज और हिमाचल का नाम रोशन कि
1 सितंबर 1972 को कांगड़ा से अलग बना था हमीरपुर जिला, जानें इ...
Hamirpur स्थापना दिवस पर जानें जिले का इतिहास, वीरभूमि की पहचान, कटोच वंश और 1 सितंबर 1972 को जिला ब
बिजली महादेव मंदिर में चला सफाई अभियान, 2 क्विंटल प्लास्टिक ...
कुल्लू के बिजली महादेव मंदिर में Rotary Club और रोवर्स-रेंजर्स ने सफाई अभियान चलाया। करीब 2 क्विंटल
हिमाचल में बढ़े स्वाइन फ्लू के मामले, इन लक्षणों को न करें न...
हिमाचल में Swine Flu के मामले बढ़े। जानें H1N1 Symptoms, बचाव, इलाज और कब डॉक्टर से संपर्क करना जरूर
नेपाल में फंसे हिमाचलियों की जानकारी दें, प्रशासन ने जारी कि...
Nepal Flood के बीच हमीरपुर प्रशासन अलर्ट, नेपाल गए परिजनों से संपर्क न होने पर तुरंत अधिकारियों को स
मणिमहेश यात्रा के पहले दिन 253 श्रद्धालु हुए रवाना, 20 सितंब...
Manimahesh Yatra 2026 के पहले दिन 253 श्रद्धालु रवाना हुए। Heli Taxi सेवा भी शुरू, 20 सितंबर तक चलेग