लाहौल घाटी समेत ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी, शिमला में झमाझम बारिश
लाहौल घाटी समेत ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी, शिमला में झमाझम बारिश

Post by : Shivani Kumari

Oct. 6, 2025 9:03 p.m. 1651

हिमाचल प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। सोमवार को राज्य के ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी और निचले क्षेत्रों में बारिश हुई, जिससे पूरे प्रदेश में ठंड बढ़ गई है। लाहौल घाटी, रोहतांग दर्रा, कुंजुम पास, किन्नौर और स्पीति घाटी में हल्की से मध्यम बर्फबारी दर्ज की गई, जबकि राजधानी शिमला, मनाली, कुल्लू और सोलन में झमाझम बारिश हुई।

मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से हिमाचल में अगले दो दिनों तक मौसम खराब रहने की संभावना है। विभाग ने ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी और निचले क्षेत्रों में बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है।

लाहौल-स्पीति जिले में बर्फबारी के कारण कई सड़कों पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई है। प्रशासन ने पर्यटकों और स्थानीय लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। वहीं, शिमला में सुबह से ही बादल छाए रहे और दोपहर बाद तेज बारिश शुरू हो गई। बारिश के बाद तापमान में गिरावट दर्ज की गई और लोगों ने गर्म कपड़े निकाल लिए।

मनाली और आसपास के क्षेत्रों में भी बर्फबारी के कारण पर्यटकों की भीड़ बढ़ गई है। होटल व्यवसायियों के चेहरों पर रौनक लौट आई है क्योंकि बर्फबारी के मौसम में पर्यटक बड़ी संख्या में पहुंचते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस बार बर्फबारी समय से पहले शुरू हो गई है, जिससे सर्दियों का आगाज हो गया है।

कुल्लू घाटी में बारिश के कारण सेब और अन्य फसलों को राहत मिली है। किसानों ने कहा कि यह बारिश फसलों के लिए फायदेमंद साबित होगी। हालांकि, कुछ स्थानों पर भूस्खलन की घटनाएं भी सामने आई हैं, जिससे यातायात प्रभावित हुआ है।

मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में तापमान में और गिरावट दर्ज की जाएगी। शिमला में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच गया है, जबकि लाहौल-स्पीति में यह शून्य से नीचे चला गया है।

पर्यटन विभाग ने बताया कि बर्फबारी के कारण मनाली, कुफरी, नारकंडा और रोहतांग पास में पर्यटकों की संख्या बढ़ रही है। होटल और होमस्टे पहले से ही बुक हो चुके हैं। प्रशासन ने पर्यटकों से अपील की है कि वे मौसम की स्थिति को देखते हुए ही यात्रा करें और ऊंचाई वाले इलाकों में बिना तैयारी के न जाएं।

राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDMA) ने भी चेतावनी जारी की है कि बर्फबारी और बारिश के कारण कुछ क्षेत्रों में भूस्खलन और सड़कें फिसलन भरी हो सकती हैं। प्रशासन ने सभी जिलों में राहत दलों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय बाद अक्टूबर के पहले सप्ताह में इतनी ठंड महसूस की जा रही है। दुकानों और घरों में हीटर और अंगीठियां जलने लगी हैं। पर्यटक स्थलों पर बर्फबारी देखने के लिए लोग उत्साहित हैं और सोशल मीडिया पर बर्फ से ढकी तस्वीरें तेजी से वायरल हो रही हैं।

मौसम विभाग ने बताया कि 8 अक्टूबर तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बादल छाए रहेंगे और कुछ स्थानों पर हल्की बारिश या बर्फबारी जारी रह सकती है। इसके बाद मौसम साफ होने की संभावना है।

हिमाचल में बर्फबारी और बारिश ने जहां किसानों और पर्यटकों के चेहरों पर मुस्कान ला दी है, वहीं ठंड बढ़ने से आम लोगों को थोड़ी परेशानी भी हो रही है। फिलहाल, राज्य में सर्दियों की दस्तक के साथ ही मौसम सुहावना हो गया है और पहाड़ों की खूबसूरती और भी निखर उठी है।

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