हिमाचल में बदला मौसम, कई जिलों में बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट
हिमाचल में बदला मौसम, कई जिलों में बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट

Post by : Himachal Bureau

June 12, 2026 10:27 a.m. 133

हिमाचल प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। प्रदेश के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में तापमान में गिरावट दर्ज की गई है, जबकि मैदानी और मध्य पर्वतीय इलाकों में बारिश और तेज हवाओं का दौर शुरू हो गया है। कई जिलों में हुई बारिश से लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है। वहीं ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ठंड बढ़ने से लोगों को जून महीने में भी सर्दी का अहसास हो रहा है।

रोहतांग दर्रे और अन्य ऊंचे इलाकों में मौसम ठंडा हो गया है। दूसरी ओर चंबा, कुल्लू, मंडी, कांगड़ा, शिमला, सोलन, सिरमौर, ऊना, बिलासपुर और हमीरपुर सहित कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। कई स्थानों पर तेज अंधड़ और ओलावृष्टि भी हुई, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ। कुछ इलाकों में अचानक मौसम खराब होने के कारण लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शरण लेनी पड़ी।

चंबा जिले में भारी बारिश के बाद कई नालों और खड्डों का जलस्तर बढ़ गया। कुछ स्थानों पर मलबा आने से सड़क मार्ग प्रभावित हुए। भरमौर क्षेत्र में एक वाहन मलबे में फंस गया, जबकि कई ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

कुल्लू और रामपुर के कुछ क्षेत्रों में ओलावृष्टि होने से बागवानों और किसानों की चिंता बढ़ गई है। फलों और सब्जियों की फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। मौसम में अचानक आए इस बदलाव का असर कृषि गतिविधियों पर भी देखने को मिल सकता है। किसान आने वाले दिनों के मौसम को लेकर सतर्क बने हुए हैं।

शिमला, धर्मशाला, पालमपुर और अन्य पहाड़ी क्षेत्रों में दोपहर बाद मौसम ने करवट ली और तेज बारिश शुरू हो गई। कई स्थानों पर बिजली चमकने और तेज हवाएं चलने की घटनाएं भी सामने आईं। तेज हवाओं के कारण कुछ क्षेत्रों में पेड़ गिरने की घटनाएं हुईं, जिससे यातायात और बिजली व्यवस्था प्रभावित हुई।

रामपुर उपमंडल के ज्यूरी क्षेत्र में तेज हवा के कारण एक बड़ा पेड़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर गिर गया। पेड़ की चपेट में आने से सड़क किनारे खड़े दो वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। हालांकि इस घटना में कोई जानी नुकसान नहीं हुआ। पेड़ गिरने से कुछ समय के लिए यातायात बाधित रहा और दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। बाद में स्थानीय लोगों और प्रशासन की मदद से सड़क को यातायात के लिए बहाल किया गया।

पंडोह बांध में जलस्तर बढ़ने के कारण संबंधित विभागों ने नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। जल प्रवाह बढ़ने की स्थिति में निचले क्षेत्रों में जलस्तर बढ़ सकता है। प्रशासन ने लोगों से नदी और खड्डों के आसपास अनावश्यक रूप से न जाने की अपील की है।

मौसम विभाग के अनुसार अगले चार से पांच दिनों के दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है। इसके साथ ही अधिकतम तापमान में भी कमी आने की संभावना है। इससे लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिलने की उम्मीद है। आने वाले दिनों में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रह सकता है।

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक प्रदेश में मौसम परिवर्तनशील बना रहेगा। कई जिलों में तेज हवाएं, गरज के साथ बारिश और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की संभावना बनी हुई है। लोगों को खराब मौसम के दौरान विशेष सावधानी बरतने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।

प्रदेश में मौसम के इस बदले हुए रुख से जहां एक ओर लोगों को गर्मी से राहत मिली है, वहीं दूसरी ओर किसानों, बागवानों और यात्रियों की चिंताएं भी बढ़ गई हैं। आने वाले दिनों में मौसम की गतिविधियों पर सभी की नजर बनी रहेगी, क्योंकि बारिश और तेज हवाओं का यह दौर अभी कुछ दिन और जारी रहने के संकेत मिल रहे हैं।

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