10 हजार से अधिक युवाओं और महिलाओं को मिला प्रशिक्षण, 74 प्रतिशत सेटलमेंट स्वरोजगार से जुड़ा
10 हजार से अधिक युवाओं और महिलाओं को मिला प्रशिक्षण, 74 प्रतिशत सेटलमेंट स्वरोजगार से जुड़ा

Author : Rajneesh Kapil Hamirpur

Sept. 10, 2026 2:29 p.m. 116

कांगड़ा जिले में ग्रामीण युवाओं और महिलाओं को रोजगार तथा स्वरोजगार से जोड़ने में पंजाब नेशनल बैंक ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। संस्थान की ओर से ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को उनकी रुचि, क्षमता और स्थानीय जरूरतों के अनुसार विभिन्न व्यवसायिक गतिविधियों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि वे अपने स्तर पर रोजगार शुरू कर सकें और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकें।

394 प्रशिक्षण बैचों में 10,620 लोगों को दिया प्रशिक्षण

पीएनबी आरसेटी के निदेशक मदन लाल के अनुसार वर्ष 2025-26 में संस्थान की ओर से 30 प्रशिक्षण बैच आयोजित किए गए, जिनमें 838 प्रशिक्षणार्थियों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया। चालू वित्त वर्ष में 34 बैचों के माध्यम से 1,000 लोगों को प्रशिक्षण देने का लक्ष्य रखा गया है। संस्थान की स्थापना से अब तक 394 प्रशिक्षण बैच आयोजित किए जा चुके हैं। इन कार्यक्रमों के माध्यम से कुल 10,620 प्रशिक्षणार्थियों को प्रशिक्षण दिया गया है। इनमें से 7,408 प्रशिक्षणार्थियों का सेटलमेंट हुआ है, जो कुल संख्या का करीब 75 प्रतिशत है। इनमें 6,428 लोग स्वरोजगार से जुड़े हैं, जबकि 3,175 प्रशिक्षणार्थियों को क्रेडिट लिंकेज की सुविधा उपलब्ध हुई है।

स्थानीय जरूरतों के अनुसार दिए जा रहे प्रशिक्षण

आरसेटी की ओर से ग्रामीण क्षेत्रों में कम लागत में शुरू किए जा सकने वाले कई व्यवसायों से संबंधित प्रशिक्षण दिए जा रहे हैं। इनमें मशरूम उत्पादन, ब्यूटी एवं पर्सनल केयर, जूट उत्पाद निर्माण, मोमबत्ती बनाना, अगरबत्ती एवं धूप निर्माण, सिलाई-कटाई, मोबाइल मरम्मत, कंप्यूटर से संबंधित प्रशिक्षण, कृषि उद्यमिता, वित्तीय साक्षरता और बैंक मित्र जैसे कार्यक्रम शामिल हैं। प्रशिक्षण का उद्देश्य केवल तकनीकी जानकारी देना नहीं है, बल्कि युवाओं को व्यवसाय शुरू करने के लिए जरूरी व्यावहारिक कौशल, वित्तीय जानकारी और उद्यमिता की समझ भी उपलब्ध करवाना है। प्रशिक्षण के दौरान रहने और खाने की व्यवस्था भी निशुल्क रहती है।

प्रशिक्षण के बाद भी मिलता है मार्गदर्शन

आरसेटी की खासियत यह है कि प्रशिक्षण पूरा होने के बाद प्रशिक्षणार्थियों को केवल प्रमाणपत्र देकर छोड़ नहीं दिया जाता। उन्हें अपनी रुचि के अनुसार व्यवसाय चुनने, बैंकिंग सुविधाओं का लाभ लेने, वित्तीय व्यवस्था समझने और स्वरोजगार शुरू करने के लिए मार्गदर्शन दिया जाता है। धर्मशाला के समीप सिद्धबाड़ी की सुनीता कुमारी ने गहने डिजाइन करने का प्रशिक्षण लेकर इसे स्वरोजगार का माध्यम बनाया। डाढ़ की रेखा देवी ने प्रशिक्षण के बाद अपना ब्यूटी पार्लर शुरू किया। वहीं जमानाबाद की प्रेम लता और सुदेशना कुमारी ने अगरबत्ती और धूप बनाने का प्रशिक्षण लेकर महिला मंडल समूह के साथ मिलकर व्यवसाय शुरू किया।

डीसी ने आरसेटी की पहल को बताया महत्वपूर्ण

उपायुक्त कांगड़ा हेमराज बैरवा ने कहा कि पीएनबी द्वारा संचालित ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान के माध्यम से जिले में अब तक करीब 10 हजार लोगों को विभिन्न स्वरोजगारपरक प्रशिक्षण दिए जा चुके हैं। हर वर्ष लगभग 900 से 1,000 प्रशिक्षणार्थी यहां प्रशिक्षण लेते हैं। उन्होंने कहा कि संस्थान की भूमिका केवल प्रशिक्षण देने तक सीमित नहीं है। प्रशिक्षण के बाद स्वरोजगार शुरू करने के लिए क्रेडिट लिंकेज और अन्य जरूरी सहायता उपलब्ध करवाने में भी संस्थान महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। इसका परिणाम है कि प्रशिक्षण लेने वाले करीब 75 प्रतिशत लोग किसी न किसी रोजगार या स्वरोजगार गतिविधि से जुड़े हैं।

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ग्रामीण परिवारों को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर

ग्रामीण विकास विभाग के साथ मिलकर आरसेटी की ओर से लगातार ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं, जिनसे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा हो सकें। मशरूम उत्पादन, सिलाई, अगरबत्ती निर्माण, कृषि आधारित गतिविधियां और अन्य छोटे व्यवसाय ग्रामीण युवाओं तथा महिलाओं के लिए स्वरोजगार के विकल्प बन रहे हैं। संस्थान का प्रयास है कि आने वाले समय में कांगड़ा जिले के अधिक से अधिक युवाओं, महिलाओं और ग्रामीण लोगों को उनकी क्षमता के अनुरूप प्रशिक्षण और मार्गदर्शन मिले। इससे वे अपना व्यवसाय शुरू कर परिवार की आय बढ़ाने के साथ स्थानीय स्तर पर दूसरे लोगों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा कर सकेंगे।

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