हिमाचल प्रदेश में कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी की राज्य कमेटी की बैठक सम्पन्न
हिमाचल प्रदेश में कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी की राज्य कमेटी की बैठक सम्पन्न

Author : Beli Ram Ani, District Kullu

Feb. 19, 2026 3:23 p.m. 297

हिमाचल प्रदेश में कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी की राज्य कमेटी की महत्वपूर्ण बैठक डॉ. ओंकार शाद की अध्यक्षता में पार्टी कार्यालय, शिमला में सम्पन्न हुई। इस बैठक में पार्टी के केंद्रीय सचिवालय सदस्य विक्रम सिंह ने भाग लिया और अंतर्राष्ट्रीय, राष्ट्रीय तथा दलित मुद्दों पर पार्टी की दृष्टिकोण और समझदारी को विस्तार से प्रस्तुत किया।

बैठक में पार्टी के राज्य सचिव संजय चौहान ने हिमाचल प्रदेश की वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों, राज्य में सरकारी नीतियों और उनकी जनता पर पड़ने वाली प्रभावशीलता पर अपने विचार रखे। साथ ही पार्टी के वरिष्ठ नेता कॉमरेड राकेश सिंघा, डॉ. कश्मीर सिंह ठाकुर, कुशाल भारद्वाज, डॉ. कुलदीप सिंह तंवर, प्रेम गौतम, विजेंद्र मेहरा, भूपेंद्र सिंह और अन्य राज्य कमेटी सदस्य भी बैठक में मौजूद रहे।

बैठक का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में जनता के मुद्दों पर व्यापक चर्चा करना और Modi सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ कार्ययोजना तैयार करना था।

पार्टी राज्य सचिव संजय चौहान ने बैठक में घोषणा की कि Modi सरकार की मजदूर, किसान और आम जनता विरोधी नीतियों के खिलाफ 24 मार्च को दिल्ली में होने वाली विशाल रैली में हिमाचल प्रदेश से एक हजार से अधिक लोग भाग लेंगे। यह रैली केन्द्र सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ संदेश देने का एक महत्वपूर्ण अवसर है।

उन्होंने कहा कि पार्टी राज्य कमेटी ने केंद्र सरकार की जनविरोधी नीतियों के विरोध में हिमाचल प्रदेश में 9 मार्च से 19 मार्च तक जत्था चलाने और नुक्कड़ नाटक आयोजित करने का निर्णय लिया है। इसमें प्रत्येक जिले में गांव-गांव जाकर स्थानीय स्तर पर जनता को जागरूक किया जाएगा और उन्हें Modi सरकार की गलत नीतियों के प्रति चेताया जाएगा।

बैठक में पार्टी ने विशेष रूप से निम्नलिखित मुद्दों पर चिंता व्यक्त की:

  1. मुक्त व्यापार समझौते और ट्रेड डील: न्यूज़ीलैंड और यूरोपियन यूनियन द्वारा भारत पर थोपी गई मुक्त व्यापार समझौते और अमेरिका द्वारा थोपे गए किसान, मजदूर और उद्योग विरोधी ट्रेड डील।

  2. मजदूर विरोधी कानून: मोदी सरकार द्वारा लाए गए चार लेबर कोड जिनसे मजदूरों के अधिकार कम होंगे और बंधुआ मजदूरी व गुलामी जैसी प्रथाएं बढ़ सकती हैं।

  3. जनविरोधी बिजली विधेयक और Smart Meter: बिजली निजीकरण, महंगी बिजली और सब्सिडी खत्म होने का खतरा।

  4. मनरेगा और ग्राम विकास योजनाएँ: मनरेगा को खत्म करना और जनविरोधी वी बी ग्राम जी योजना लाना।

  5. राजस्व घाटा ग्रांट का बंद होना: हिमाचल प्रदेश की राजस्व घाटा ग्रांट बंद करने से प्रदेश के कर्मचारी, पेंशनर और आम जनता पर आर्थिक संकट।

बैठक में कहा गया कि Modi सरकार पूंजीपतियों के हित में काम कर रही है और आम जनता, किसान और मजदूरों को नजरअंदाज कर रही है। इसके परिणामस्वरूप महंगाई, बेरोजगारी और गरीबी बढ़ रही है।

बैठक में यह भी बताया गया कि मोदी सरकार की नीतियों से हिमाचल प्रदेश के किसान और बागवान गंभीर रूप से प्रभावित होंगे। अगर मनरेगा खत्म हो जाता है तो प्रदेश में पंजीकृत 28 लाख लोग आर्थिक तौर पर प्रभावित होंगे।

बिजली के निजीकरण से प्रदेश के लगभग 50 हजार कर्मचारियों और पेंशनरों की आर्थिक स्थिति प्रभावित होगी। मुक्त व्यापार समझौतों और ट्रेड डील से सेब, नाशपाती, कीवी और अन्य फलों की खेती करने वाले तीन लाख बागवान और किसान परिवार संकट में होंगे। इसका असर प्रदेश के घरेलू उत्पाद (GDP) पर पड़ेगा, जो लगभग 13% का योगदान करता है और 5,500 करोड़ रुपए की आर्थिक रीढ़ की हड्डी टूट जाएगी।

Smart Meter के जरिए जनता पर महंगा आर्थिक बोझ आएगा और बिजली की सब्सिडी खत्म हो जाएगी। लेबर कोड लागू होने से मजदूर श्रम कानून के दायरे से बाहर होंगे और बंधुआ मजदूरी जैसी प्रथाएं कायम हो सकती हैं।

बैठक में तय किया गया कि 9 मार्च से 19 मार्च तक पूरे हिमाचल प्रदेश में जत्था चलाया जाएगा। इस अभियान की शुरुआत पांवटा साहिब से होगी और इसका समापन शिमला में होगा।

इस अभियान के अंतर्गत पांवटा साहिब, रोहड़ू, रामपुर, टापरी, आनी, कुल्लू, बालीचौकी, जोगिंद्रनगर, सरकाघाट, कांगड़ा मंडल, खुंडियां, धर्मशाला, चम्बा, सुजानपुर, ऊना, बिलासपुर, दाड़लाघाट, सोलन और शिमला में जनसभाएं और नुक्कड़ नाटक आयोजित किए जाएंगे।

इस अभियान का उद्देश्य प्रदेशभर में जनता को Modi सरकार की जनविरोधी नीतियों के प्रति जागरूक करना और उन्हें संघर्ष के लिए लामबंद करना है।

पार्टी ने बैठक में जोर देकर कहा कि Modi सरकार केवल अमीरों और पूंजीपतियों के हित में काम कर रही है। आम जनता, किसान, मजदूर और कर्मचारी इस सरकार की गलत नीतियों से सबसे अधिक प्रभावित होंगे।

पार्टी ने स्पष्ट किया कि प्रदेशव्यापी जत्था और नुक्कड़ नाटक के माध्यम से जनता को जागरूक करके मोदी सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ सशक्त विरोध जताने के लिए तैयार किया जाएगा। यह अभियान हिमाचल प्रदेश की जनता के हित और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा का प्रतीक होगा।

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