सुजानपुर होली उत्सव में ग्रामीण महिलाओं के लिए रंगारंग प्रतियोगिताओं का आयोजन
सुजानपुर होली उत्सव में ग्रामीण महिलाओं के लिए रंगारंग प्रतियोगिताओं का आयोजन

Author : Rajneesh Kapil Hamirpur

Feb. 25, 2026 11:08 a.m. 134

हमीरपुर जिले के सुजानपुर में आयोजित होने जा रहे राष्ट्र स्तरीय होली उत्सव-2026 में इस वर्ष ग्रामीण महिलाओं की अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन ने विशेष पहल की है। इस बार उत्सव को केवल सांस्कृतिक कार्यक्रमों तक सीमित न रखकर महिलाओं के लिए विभिन्न प्रतियोगिताओं और गतिविधियों का व्यापक आयोजन किया जा रहा है। उपायुक्त एवं राष्ट्र स्तरीय होली उत्सव सुजानपुर-2026 की अध्यक्ष गंधर्वा राठौड़ ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रशासन का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को एक ऐसा मंच प्रदान करना है, जहां वे अपनी प्रतिभा, आत्मविश्वास और सांस्कृतिक पहचान को खुलकर प्रदर्शित कर सकें। उन्होंने कहा कि यह आयोजन महिलाओं को आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

उपायुक्त ने बताया कि इन गतिविधियों का मुख्य लक्ष्य केवल मनोरंजन नहीं है, बल्कि ग्रामीण महिलाओं को सशक्त बनाना और उन्हें समाज में एक नई पहचान देना है। उन्होंने कहा कि गांवों में रहने वाली अनेक महिलाएं कला, खेल और पारंपरिक गतिविधियों में पारंगत होती हैं, लेकिन उन्हें अपनी प्रतिभा दिखाने का उचित मंच नहीं मिल पाता। होली उत्सव के माध्यम से इन महिलाओं को सार्वजनिक मंच पर अपनी कला और क्षमता दिखाने का अवसर मिलेगा। इससे उनमें आत्मविश्वास बढ़ेगा और वे सामाजिक रूप से अधिक सक्रिय भूमिका निभा सकेंगी। साथ ही पारंपरिक लोक संस्कृति को भी नई ऊर्जा और प्रोत्साहन मिलेगा।

उत्सव के पहले दिन, एक मार्च को महिलाओं के लिए रंगोली और मेहंदी प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। रंगोली प्रतियोगिता में प्रतिभागी महिलाएं अपनी रचनात्मकता और कलात्मक कौशल का प्रदर्शन करेंगी। विभिन्न रंगों और डिजाइनों के माध्यम से वे पारंपरिक और आधुनिक थीम पर आधारित आकर्षक रंगोलियां तैयार करेंगी। वहीं मेहंदी प्रतियोगिता में महिलाएं हाथों पर सुंदर और पारंपरिक डिजाइनों की मेहंदी लगाकर अपनी कला का परिचय देंगी। इन प्रतियोगिताओं का उद्देश्य पारंपरिक कला को बढ़ावा देना और महिलाओं की रचनात्मक प्रतिभा को पहचान देना है।

उत्सव के दूसरे दिन महिलाओं के लिए लैमन रेस और जूट बैग रेस जैसी मनोरंजक प्रतियोगिताएं करवाई जाएंगी। लैमन रेस में प्रतिभागियों को चम्मच में नींबू रखकर दौड़ पूरी करनी होगी, जिससे संतुलन और एकाग्रता की परीक्षा होगी। जूट बैग रेस में महिलाएं बोरी में खड़े होकर कूदते हुए निर्धारित दूरी तय करेंगी। ये प्रतियोगिताएं न केवल मनोरंजक होंगी, बल्कि प्रतिभागियों में टीम भावना और उत्साह भी बढ़ाएंगी। इन गतिविधियों से उत्सव का माहौल और अधिक जीवंत और रंगीन बन जाएगा।

उत्सव के दूसरे दिन ही सामूहिक लोकनृत्य ‘झमाकड़ा’ का भव्य आयोजन किया जाएगा। दो मार्च को सुजानपुर के चौगान में जिला हमीरपुर के विभिन्न विकास खंडों से 18 से 45 वर्ष आयु वर्ग की सैकड़ों महिलाएं एक साथ पारंपरिक वेशभूषा में झमाकड़ा लोकनृत्य प्रस्तुत करेंगी। यह दृश्य अत्यंत आकर्षक और सांस्कृतिक विरासत को दर्शाने वाला होगा। सामूहिक नृत्य के माध्यम से महिलाएं होली उत्सव में नए रंग भरेंगी और प्रदेश की समृद्ध लोक संस्कृति को जीवंत करेंगी। प्रशासन को उम्मीद है कि यह कार्यक्रम उत्सव का मुख्य आकर्षण बनेगा।

तीन मार्च को उत्सव के तीसरे दिन महिलाओं के लिए म्यूजिकल चेयर, मटका फोड़ और रस्साकशी प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। म्यूजिकल चेयर में प्रतिभागियों को संगीत के साथ कुर्सियों के चारों ओर घूमना होगा और संगीत रुकते ही सीट पर बैठना होगा। मटका फोड़ प्रतियोगिता में प्रतिभागियों को आंखों पर पट्टी बांधकर लक्ष्य साधना होगा। वहीं रस्साकशी प्रतियोगिता उत्सव का एक प्रमुख आकर्षण होगी। इस प्रतियोगिता में प्रत्येक टीम में 10 महिलाएं शामिल होंगी और जिला के प्रत्येक विकास खंड से दो-दो टीमें भाग लेंगी। विजेता टीम को 51 हजार रुपये और उपविजेता टीम को 31 हजार रुपये का नकद पुरस्कार प्रदान किया जाएगा।

उपायुक्त ने बताया कि रस्साकशी प्रतियोगिता और झमाकड़ा लोकनृत्य में भाग लेने के लिए संबंधित खंड विकास अधिकारी कार्यालय में 25 फरवरी तक पंजीकरण करवाया जा सकता है। प्रशासन ने सभी इच्छुक महिलाओं से समय रहते अपना नाम दर्ज कराने की अपील की है। पंजीकरण प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी रखा गया है ताकि अधिक से अधिक महिलाएं इसमें भाग ले सकें। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे गांव-गांव जाकर महिलाओं को इस अवसर की जानकारी दें।

जिला प्रशासन ने जिले की सभी महिलाओं, स्वयं सहायता समूहों, महिला मंडलों और अन्य सामाजिक संगठनों से अपील की है कि वे इस होली उत्सव में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें। उपायुक्त ने कहा कि यह केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि ग्रामीण महिलाओं को आगे बढ़ाने और उनकी पहचान मजबूत करने का अभियान है। उन्होंने विश्वास जताया कि इस बार सुजानपुर का होली उत्सव महिलाओं की सक्रिय भागीदारी के कारण और भी अधिक सफल और यादगार बनेगा।

सुजानपुर का होली उत्सव पहले से ही अपनी सांस्कृतिक गरिमा और ऐतिहासिक महत्व के लिए जाना जाता है। इस वर्ष ग्रामीण महिलाओं की व्यापक भागीदारी से यह उत्सव और भी विशेष बन जाएगा। रंगोली, मेहंदी, खेल प्रतियोगिताएं और सामूहिक लोकनृत्य न केवल मनोरंजन प्रदान करेंगे, बल्कि समाज में महिलाओं की भूमिका को भी मजबूत करेंगे। प्रशासन का मानना है कि इस तरह के आयोजनों से ग्रामीण क्षेत्रों में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और सामाजिक एकता को बढ़ावा मिलता है।

इस प्रकार राष्ट्र स्तरीय होली उत्सव सुजानपुर-2026 महिलाओं के लिए एक नया मंच और नई पहचान लेकर आ रहा है, जहां वे अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर समाज में प्रेरणा का स्रोत बनेंगी।

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