Author : Rajneesh Kapil Hamirpur
प्रदेश सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ उठाकर मंडी जिला के सुंदरनगर उपमंडल की शहरी क्षेत्र की महिलाएं अपनी आजीविका मजबूत कर रही हैं। स्वयं सहायता समूह से जुड़कर महिलाएं न केवल रोजगार पा रही हैं, बल्कि आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर भी बन रही हैं। इन योजनाओं के माध्यम से कई महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है।
सुंदरनगर शहर की रहने वाली भीमा देवी इसकी एक प्रेरणादायक मिसाल हैं। पहले वे घर पर सीमित स्तर पर सिलाई का काम करती थीं, जिससे आमदनी बहुत कम होती थी। बाद में वे राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के तहत राधे मुकुंद स्वयं सहायता समूह से जुड़ीं। समूह से जुड़ने के बाद उनकी आर्थिक स्थिति में बड़ा सुधार आया और उन्हें आगे बढ़ने का नया रास्ता मिला।
भीमा देवी बताती हैं कि समूह को सबसे पहले 10 हजार रुपये का रिवॉल्विंग फंड मिला। इसके बाद समूह को 8 लाख रुपये का ऋण स्वीकृत हुआ। समूह में कुल 8 सदस्य हैं और सभी को एक-एक लाख रुपये मिले, जिससे उन्होंने सिलाई मशीन और जरूरी उपकरण खरीदे। इससे उनका काम बढ़ा और आमदनी में लगातार इजाफा हुआ।
वर्तमान में भीमा देवी सिलाई के कार्य से हर महीने 25 से 30 हजार रुपये तक कमा रही हैं। वे इस आय से अपने परिवार की आर्थिक मदद कर रही हैं। इसके साथ ही कई लड़कियां उनके पास सिलाई सीखने आती हैं, जिससे वे भी आगे चलकर अपना खुद का रोजगार शुरू कर पा रही हैं।
उन्होंने बताया कि शुरुआत में समूह की महिलाएं हर महीने 500 रुपये की बचत करती थीं, जिसे अब बढ़ाकर 1000 रुपये कर दिया गया है। वर्तमान में समूह की कुल बचत करीब 2 लाख रुपये हो चुकी है। इससे सभी सदस्यों की आर्थिक स्थिति पहले से कहीं ज्यादा मजबूत हुई है।
भीमा देवी ने अन्य महिलाओं से अपील की कि जो महिलाएं अपने पैरों पर खड़ा होना चाहती हैं, उनके लिए स्वयं सहायता समूह एक अच्छा माध्यम है। उन्होंने महिलाओं के लिए चलाई जा रही योजनाओं के लिए प्रदेश सरकार का धन्यवाद किया और कहा कि इन योजनाओं से महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं।
नगर परिषद सुंदरनगर क्षेत्र में वर्ष 2016 से अब तक 114 स्वयं सहायता समूहों का गठन किया गया है। इन समूहों को सरकार की ओर से करीब 3.50 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता दी जा चुकी है। इनमें से 41 समूहों की क्रेडिट लिंकेज हो चुकी है और 111 लाभार्थियों को 2-2 लाख रुपये का ऋण 7 प्रतिशत ब्याज दर पर दिया गया है। इसके अलावा 112 समूहों को 10-10 हजार रुपये और 7 एरिया लेवल फेडरेशन को 50-50 हजार रुपये का रिवॉल्विंग फंड प्रदान किया गया है।
नगर परिषद सुंदरनगर के कार्यकारी अधिकारी ललित कुमार ने कहा कि स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाएं सरकारी योजनाओं का लाभ लेकर छोटे और मध्यम स्तर के व्यवसाय सफलतापूर्वक चला रही हैं। इससे न केवल उनकी आय बढ़ी है, बल्कि उनका आत्मविश्वास भी मजबूत हुआ है। यह पहल मुख्यमंत्री के आत्मनिर्भर हिमाचल के लक्ष्य को पूरा करने में अहम भूमिका निभा रही है।
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