Author : Rajneesh Kapil Hamirpur
हमीरपुर में विशेष बच्चों के सर्वांगीण विकास और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए लगातार काम कर रहीं पहचान विशेष स्कूल की संस्थापक एवं प्रधानाचार्य चेतना शर्मा को उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए ‘नारी शक्ति सम्मान’ से सम्मानित किया गया। उन्हें यह सम्मान प्रदेश के उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री के हाथों प्रदान किया गया। सम्मान मिलने के बाद पहचान विशेष स्कूल परिवार में खुशी और गर्व का माहौल है। चेतना शर्मा पिछले कई वर्षों से विशेष बच्चों के लिए शिक्षा और विकास के क्षेत्र में सक्रिय रूप से काम कर रही हैं। उनका प्रयास केवल बच्चों को विद्यालय में पढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि उनकी व्यक्तिगत जरूरतों को समझते हुए उन्हें आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध करवाना भी है। शिक्षा के साथ चिकित्सा, थेरेपी, आवश्यक मार्गदर्शन और आत्मनिर्भरता से जुड़े पहलुओं पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
विशेष बच्चों के विकास के लिए सबसे जरूरी पहलुओं में शिक्षा के साथ उनकी व्यक्तिगत क्षमताओं और जरूरतों को समझना भी शामिल है। इसी दिशा में चेतना शर्मा और उनकी टीम लगातार प्रयास कर रही है। बच्चों को उनकी क्षमता के अनुसार सीखने और अपनी प्रतिभा को सामने लाने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। उनके प्रयासों का उद्देश्य यह है कि विशेष बच्चे खुद को समाज से अलग महसूस न करें। उन्हें ऐसा वातावरण मिले जहां वे अपनी क्षमताओं के अनुसार सीख सकें, आगे बढ़ सकें और भविष्य में अधिक से अधिक कार्य खुद करने में सक्षम बन सकें। इस पूरी प्रक्रिया में विशेष बच्चों की शिक्षा को महत्वपूर्ण आधार माना गया है। बच्चों को शिक्षा के साथ उनकी जरूरत के अनुसार अन्य आवश्यक सहयोग उपलब्ध करवाने पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
पहचान विशेष स्कूल की गतिविधियों में शिक्षा के अलावा चिकित्सा और थेरेपी से जुड़े प्रयास भी महत्वपूर्ण हैं। विशेष बच्चों को कई बार शिक्षा के साथ अतिरिक्त देखभाल और मार्गदर्शन की आवश्यकता होती है। ऐसे में स्कूल परिवार उनकी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए उन्हें आवश्यक सहयोग उपलब्ध करवाने की दिशा में काम कर रहा है। चेतना शर्मा का मानना है कि बच्चों को केवल किताबों तक सीमित रखना पर्याप्त नहीं है। उनके आत्मविश्वास, व्यवहारिक क्षमताओं और दैनिक जीवन से जुड़े कौशल पर भी काम किया जाना जरूरी है। इसी सोच के तहत विशेष बच्चों का विकास स्कूल की प्राथमिकताओं में शामिल है।
विशेष बच्चों के विकास में उनके परिवार की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। इसी को ध्यान में रखते हुए चेतना शर्मा की ओर से अभिभावकों को भी जागरूक करने का लगातार प्रयास किया जा रहा है। परिवार को बच्चों की जरूरतों, उनकी क्षमताओं और उनके विकास के विभिन्न पहलुओं के बारे में जानकारी देना इस प्रक्रिया का अहम हिस्सा है। अभिभावकों को यह समझाने का प्रयास किया जाता है कि बच्चों को सहयोग और प्रोत्साहन देकर उनकी क्षमताओं को बेहतर तरीके से विकसित किया जा सकता है। विशेष बच्चों का आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ना भी इसी प्रयास का महत्वपूर्ण हिस्सा है। बच्चों को उनकी क्षमता के अनुसार रोजमर्रा के कार्यों में अधिक सक्षम बनाने और उनमें आत्मविश्वास पैदा करने पर ध्यान दिया जा रहा है।
चेतना शर्मा विशेष बच्चों के लिए कार्य करने के साथ महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में भी सक्रिय प्रयास कर रही हैं। उनके कार्य को समाज में उन महिलाओं के लिए प्रेरणा के तौर पर देखा जा रहा है, जो सामाजिक जिम्मेदारियों के साथ किसी महत्वपूर्ण उद्देश्य के लिए लगातार काम कर रही हैं। ‘नारी शक्ति सम्मान’ के माध्यम से उनके कार्य को सार्वजनिक रूप से पहचान मिली है। यह सम्मान उनके व्यक्तिगत प्रयासों के साथ-साथ उन सभी लोगों के योगदान को भी सामने लाता है, जो विशेष बच्चों और उनके परिवारों के लिए लगातार काम कर रहे हैं।
सम्मान प्राप्त करने के बाद चेतना शर्मा ने इसे अपनी व्यक्तिगत उपलब्धि मानने के बजाय पूरे पहचान परिवार की उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान विशेष बच्चों, उनके अभिभावकों और स्कूल के समर्पित स्टाफ के सामूहिक प्रयासों का सम्मान है। उन्होंने सम्मान के लिए सभी का हृदय से आभार व्यक्त किया। उनका कहना है कि इस तरह की पहचान उन्हें आगे भी विशेष बच्चों के लिए और अधिक समर्पण, उत्साह और जिम्मेदारी के साथ काम करने की प्रेरणा देती है।
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चेतना शर्मा के कार्य का एक प्रमुख उद्देश्य विशेष बच्चों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है। इसके लिए शिक्षा के साथ चिकित्सा, थेरेपी, मार्गदर्शन और आत्मनिर्भरता पर एक साथ काम किया जा रहा है। उनका प्रयास है कि विशेष बच्चों को उनकी क्षमताओं के अनुसार आगे बढ़ने का अवसर मिले और उनके परिवारों को भी उचित सहयोग एवं मार्गदर्शन प्राप्त हो। महिला सशक्तिकरण और विशेष बच्चों के अधिकारों एवं विकास के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में भी ऐसे प्रयास महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। पहचान विशेष स्कूल परिवार के लिए यह सम्मान इसलिए भी खास है क्योंकि इससे लंबे समय से किए जा रहे कार्य को सार्वजनिक स्तर पर पहचान मिली है। स्कूल परिवार को उम्मीद है कि आने वाले समय में विशेष बच्चों के लिए शिक्षा और आत्मनिर्भरता से जुड़े प्रयासों को और विस्तार मिलेगा।
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