हमीरपुर ECHS पॉलीक्लीनिक में पूर्व सैनिकों को मिल रहीं कई सुविधाएं, 10 लाख से बना फिजियोथेरेपी सेंटर
हमीरपुर ECHS पॉलीक्लीनिक में पूर्व सैनिकों को मिल रहीं कई सुविधाएं, 10 लाख से बना फिजियोथेरेपी सेंटर

Author : Rajneesh Kapil Hamirpur

Sept. 15, 2026 5:16 p.m. 139

हमीरपुर, 15 सितंबर। भूतपूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए हमीरपुर में संचालित ECHS पॉलीक्लीनिक में कई विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। पॉलीक्लीनिक में चिकित्सा सेवाओं के साथ-साथ पूर्व सैनिकों के लिए अन्य जरूरी सुविधाएं भी एक ही परिसर में उपलब्ध करवाने का प्रयास किया गया है।

पांच डॉक्टर और दो डेंटल सर्जन दे रहे सेवाएं

ECHS पॉलीक्लीनिक के प्रभारी कर्नल (सेवानिवृत्त) चंद्रशेखर ने बताया कि करीब साढ़े आठ कनाल क्षेत्र में स्थापित इस पॉलीक्लीनिक में वर्तमान में पांच डॉक्टर, दो डेंटल सर्जन और अन्य स्वास्थ्य कर्मी सेवाएं दे रहे हैं। यहां मरीजों के लिए प्रयोगशाला में विभिन्न प्रकार के स्वास्थ्य परीक्षण की सुविधा भी उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि पॉलीक्लीनिक परिसर में CSD कैंटीन भी संचालित की जा रही है। इसके अलावा रक्षा मंत्रालय के नमन प्रोजेक्ट के तहत पूर्व सैनिकों के पेंशन संबंधी मामलों के समाधान के लिए निशुल्क परामर्श केंद्र भी स्थापित किया गया है।

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10 लाख रुपये से बनाया गया आधुनिक फिजियोथेरेपी सेंटर

पूर्व सैनिकों की बढ़ती उम्र से जुड़ी स्वास्थ्य जरूरतों को देखते हुए पॉलीक्लीनिक में करीब 10 लाख रुपये की लागत से आधुनिक फिजियोथेरेपी सेंटर स्थापित किया गया है। इसमें नवीन तकनीक की मशीनरी और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाई गई हैं। कर्नल चंद्रशेखर के अनुसार बढ़ती उम्र से जुड़ी कुछ समस्याओं में दवाइयों के साथ फिजियोथेरेपी भी काफी उपयोगी साबित होती है। इसी को ध्यान में रखते हुए यह सेंटर शुरू किया गया है। यहां एक समय में करीब 15 से 20 मरीजों की फिजियोथेरेपी की जा सकती है।

45 हजार पूर्व सैनिकों और परिजनों को मिल रहा लाभ

हमीरपुर ECHS पॉलीक्लीनिक के माध्यम से जिले के करीब 45 हजार भूतपूर्व सैनिकों और उनके परिजनों को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं। पॉलीक्लीनिक की ओपीडी में रोजाना औसतन करीब 400 मरीज पहुंचते हैं। पॉलीक्लीनिक में मरीजों के पंजीकरण से लेकर डॉक्टर की जांच, लैब परीक्षण और फार्मेसी से दवाइयां प्राप्त करने तक की प्रक्रिया को कंप्यूटराइज्ड किया गया है। इससे पूरी प्रक्रिया को पेपरलैस बनाने में मदद मिली है।

ECHS कार्ड नंबर से एक क्लिक पर मिलता है रिकॉर्ड

कर्नल चंद्रशेखर ने बताया कि मरीज का ECHS कार्ड नंबर कंप्यूटर में दर्ज करते ही उसका पूरा विवरण उपलब्ध हो जाता है। इससे मरीजों के रिकॉर्ड तक पहुंच आसान होती है और पंजीकरण से लेकर उपचार तथा दवा वितरण की प्रक्रिया में सुविधा मिलती है। उन्होंने कहा कि पॉलीक्लीनिक में प्रयास किया गया है कि भूतपूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों को चिकित्सा के साथ अन्य जरूरी सेवाएं भी एक ही स्थान पर मिल सकें। इससे जिले के हजारों पूर्व सैनिक परिवारों को सीधा लाभ मिल रहा है।

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