हमीरपुर में खड़ी कार में आग वन विभाग की सतर्कता से बड़ी दुर्घटना टली
हमीरपुर में खड़ी कार में आग वन विभाग की सतर्कता से बड़ी दुर्घटना टली

Post by : Ram Chandar

Feb. 26, 2026 3:43 p.m. 2258

हमीरपुर: जिले के बड़सर उपमंडल के पंजारड़ी गांव में बुधवार शाम एक खड़ी कार अचानक आग की लपटों में घिर गई। सौभाग्य से उस समय वाहन में कोई मौजूद नहीं था, अन्यथा यह घटना बड़ा हादसा बन सकती थी। आग लगने की सूचना मिलने के तुरंत बाद नाइट पेट्रोलिंग पर निकली वन विभाग की टीम और स्थानीय ग्रामीण मौके पर पहुंचे। उन्होंने पानी और रेत की मदद से आग पर काबू पाने की कार्रवाई शुरू की और समय रहते उसे नियंत्रित किया। इस सतर्कता और त्वरित प्रतिक्रिया के कारण किसी की जान को कोई नुकसान नहीं हुआ, हालाँकि वाहन को काफी नुकसान पहुंचा।

वन खंड अधिकारी विनोद राणा, वनरक्षक कपिल देव, और वन मित्र रजत, जो कि नाइट पेट्रोलिंग पर थे, ने आग की लपटें देखते ही तुरंत अपनी गाड़ी रोककर आग बुझाने की कार्रवाई में भाग लिया। उनका त्वरित और जिम्मेदार हस्तक्षेप बड़े हादसे को रोकने में निर्णायक साबित हुआ।

पुलिस इस घटना के कारणों की गहन जांच कर रही है। प्रारंभिक अनुमान यह है कि यह आग किसी तकनीकी खराबी या शॉर्ट सर्किट की वजह से लगी हो सकती है। वन विभाग और स्थानीय ग्रामीणों की मदद से आग पर तुरंत नियंत्रण पा लिया गया, जिससे आसपास के लोगों और संपत्ति को गंभीर खतरे से बचाया जा सका।

स्थानीय लोगों ने वन विभाग और ग्रामीणों की तत्परता की सराहना की और कहा कि समय पर आग बुझाने से बड़ी आपदा टल गई। वन विभाग ने भी जनता से अपील की है कि वे किसी भी आग लगने जैसी आपात स्थिति में शांत रहें और तुरंत संबंधित अधिकारियों को सूचित करें।

विशेषज्ञों का कहना है कि इस प्रकार की घटनाएं यह दर्शाती हैं कि सजग नागरिक और जिम्मेदार विभागीय कर्मचारी मिलकर किसी भी अप्रिय या आपात स्थिति को समय रहते नियंत्रित कर सकते हैं। इस घटना से यह भी स्पष्ट हुआ कि न केवल वन विभाग बल्कि ग्रामीणों की तत्परता भी किसी भी अप्रत्याशित घटना में बड़ा योगदान देती है।

वन विभाग ने आगे कहा कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए निगरानी और पेट्रोलिंग और अधिक सख्त और नियमित की जाएगी। साथ ही, लोगों को सुरक्षा उपायों और आग से बचाव के लिए जागरूक किया जाएगा। इस घटना ने यह संदेश भी दिया कि स्थानीय प्रशासन, वन विभाग और नागरिक मिलकर किसी भी अप्रिय परिस्थिति को सुरक्षित तरीके से संभाल सकते हैं और बड़ा हादसा टाल सकते हैं।

यह घटना न केवल हमीरपुर बल्कि हिमाचल प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में भी जागरूकता फैलाने का अवसर है। इससे यह साबित होता है कि सुरक्षित और सजग रहकर आपदा से बचा जा सकता है और जिम्मेदार नागरिक और अधिकारी मिलकर किसी भी स्थिति को काबू में रख सकते हैं।

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