Author : Rajneesh Kapil Hamirpur
वीरवार को उपायुक्त गंधर्वा राठौड़ ने बड़सर क्षेत्र का दौरा किया और वहां जारी विभिन्न विकास कार्यों की स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने गोविंदसागर झील के पास निर्माणाधीन जल शक्ति विभाग की सबसे बड़ी पेयजल योजना का निरीक्षण किया। अधिकारियों से इस योजना की वर्तमान प्रगति की जानकारी लेते हुए उन्होंने कहा कि यह योजना क्षेत्र की पेयजल समस्याओं का स्थायी समाधान प्रदान करेगी।
इस विशाल पेयजल योजना पर लगभग 137 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं और इसे एनडीबी (NDB) की मदद से बनाया जा रहा है। डीसी ने कहा कि इस परियोजना का कार्य युद्धस्तर पर जारी है और जल शक्ति विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे समय सीमा के भीतर योजना को पूरा करने में कोई कमी न रखें। उन्होंने यह भी कहा कि परियोजना का उद्देश्य न केवल बड़सर क्षेत्र के स्थायी जल संकट का समाधान करना है, बल्कि स्थानीय निवासियों और श्रद्धालुओं को निर्बाध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करना भी है।
दियोटसिद्ध पेयजल योजना का निरीक्षण
गोविंदसागर परियोजना के निरीक्षण के बाद डीसी ने दियोटसिद्ध की पेयजल योजना का भी दौरा किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मंदिर परिसर और इसके आसपास के क्षेत्रों में पेयजल की गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि बाबा बालक नाथ मंदिर में प्रतिदिन बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए पानी की आपूर्ति सुचारू रूप से बनी रहनी चाहिए, ताकि किसी भी तरह की असुविधा न हो।
इस अवसर पर जल शक्ति विभाग के अधिशाषी अभियंता हर्ष शर्मा, सहायक अभियंता रविंद्र सिंह और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने डीसी को दोनों परियोजनाओं की विस्तृत रिपोर्ट दी। उन्होंने बताया कि गोविंदसागर से जारी निर्माण कार्य, पाइपलाइन बिछाने, जल शोधन और वितरण नेटवर्क की स्थिति का पूर्ण निरीक्षण किया गया। दियोटसिद्ध की योजना में जल गुणवत्ता, आपूर्ति प्रणाली और वितरण नेटवर्क की निगरानी पर विशेष जोर दिया गया।
परियोजनाओं से होगा क्षेत्रीय विकास
डीसी गंधर्वा राठौड़ ने कहा कि इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद बड़सर क्षेत्र में जल संकट पूरी तरह समाप्त हो जाएगा। यह परियोजना न केवल स्थानीय निवासियों की दैनिक जरूरतों को पूरा करेगी, बल्कि पर्यटन और धार्मिक स्थल के रूप में दियोटसिद्ध की महत्वता को भी बढ़ाएगी। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि परियोजना के हर चरण का समय पर पालन किया जाए और निर्माण कार्य में किसी भी तरह की कमी न हो।
डीसी ने यह भी उल्लेख किया कि जल शक्ति विभाग की भूमिका केवल योजना बनाना और निर्माण करना नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य लंबे समय तक स्थायी जल आपूर्ति सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि भविष्य में इस तरह की बड़ी परियोजनाओं में स्थानीय समुदाय की भागीदारी और जागरूकता को भी शामिल किया जाएगा, ताकि लोग जल संरक्षण और सुरक्षित पेयजल के महत्व को समझें।
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