50 साल बाद चांद मिशन की बड़ी उड़ान, चार अंतरिक्ष यात्री ओरियन यान से चंद्रमा की ओर रवाना
50 साल बाद चांद मिशन की बड़ी उड़ान, चार अंतरिक्ष यात्री ओरियन यान से चंद्रमा की ओर रवाना

Post by : Himachal Bureau

April 2, 2026 11:53 a.m. 1553

अमेरिका के फ्लोरिडा राज्य के केप कैनावेरल स्पेस फोर्स स्टेशन से आज एक ऐतिहासिक मिशन की शुरुआत हुई। चार अंतरिक्ष यात्रियों को ओरियन कैप्सूल में सवार होकर स्पेस लॉन्च सिस्टम रॉकेट के जरिए चंद्रमा की ओर भेजा गया। यह मिशन इसलिए बेहद खास है क्योंकि करीब 50 साल बाद इंसानों को लेकर कोई मिशन चांद की दिशा में रवाना हुआ है। इस उपलब्धि को अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में एक बड़ी सफलता के रूप में देखा जा रहा है।

यह मिशन नासा के Artemis 2 कार्यक्रम का हिस्सा है, जिसका मुख्य उद्देश्य चंद्रमा के चारों ओर मानव मिशन भेजना है। इस मिशन के तहत अंतरिक्ष यात्री चंद्रमा की परिक्रमा करेंगे और वापस पृथ्वी पर लौटेंगे। यह मिशन आने वाले बड़े चंद्र मिशनों के लिए एक परीक्षण की तरह भी काम करेगा, जिससे भविष्य में चांद पर इंसानों को उतारने की तैयारी की जा सके।

इस मिशन में अमेरिका के तीन अंतरिक्ष यात्री क्रिस्टिना कोच, विक्टर ग्लोवर और रीड वाइजमैन शामिल हैं। इनके साथ कनाडा के अंतरिक्ष यात्री जेरेमी हैनसेन भी इस मिशन का हिस्सा हैं। यह टीम लगभग 10 दिनों तक अंतरिक्ष में रहेगी और इस दौरान चंद्रमा के आसपास विभिन्न वैज्ञानिक और तकनीकी गतिविधियों को अंजाम देगी।

इस मिशन को शुरू करने से पहले कई बार तकनीकी समस्याएं सामने आई थीं, जिसके कारण इसकी लॉन्चिंग में देरी हुई। वैज्ञानिकों और इंजीनियरों ने इन सभी समस्याओं को ठीक करने के बाद ही मिशन को आगे बढ़ाया। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरिक्ष मिशनों में ऐसी चुनौतियां आम होती हैं और इन्हें पार करना ही असली सफलता होती है।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस मिशन की जमकर सराहना की। उन्होंने इसे पूरी तरह सफल बताते हुए कहा कि यह मिशन अंतरिक्ष के क्षेत्र में अमेरिका की ताकत और तकनीकी क्षमता को दर्शाता है। लॉन्च से कुछ घंटे पहले ही उन्होंने नासा की टीम को बधाई दी और इसे ऐतिहासिक कदम बताया।

यह मिशन आने वाले समय में चंद्रमा पर मानव भेजने के बड़े लक्ष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अगर यह मिशन सफल रहता है, तो भविष्य में और भी उन्नत मिशन भेजे जाएंगे, जिनमें इंसानों को चांद की सतह पर उतारने की योजना शामिल है। इस मिशन से दुनिया भर में अंतरिक्ष अनुसंधान को नई दिशा मिलने की उम्मीद है और यह मानव इतिहास में एक और बड़ी उपलब्धि के रूप में दर्ज हो सकता है।

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