Post by : Khushi Joshi
हिमाचल प्रदेश की बेटियां आज हर क्षेत्र में अपनी मेहनत और प्रतिभा के बल पर प्रदेश और देश का नाम रोशन कर रही हैं। जिला ऊना के हरोली विधानसभा क्षेत्र से ताल्लुक रखने वाली कोमल बीटन ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक बड़ी उपलब्धि हासिल कर हिमाचल का मान बढ़ाया है। उपतहसील दुलैहड़ के गांव बीटन की रहने वाली कोमल बीटन को अमेरिकन सोसायटी फॉर माइक्रोबायोलॉजी द्वारा प्रतिष्ठित “यंग एंबैसेडर” के रूप में चुना गया है। यह सम्मान न केवल ऊना जिले बल्कि पूरे हिमाचल प्रदेश और देश के लिए गर्व का विषय बन गया है।
एक साधारण परिवार से निकलकर कोमल ने यह मुकाम अपनी कड़ी मेहनत, अनुशासन और लगन के दम पर हासिल किया है। कोमल की प्रारंभिक शिक्षा गांव बीटन के एक निजी स्कूल में हुई, जहां उन्होंने पांचवीं कक्षा तक पढ़ाई की। इसके बाद उन्होंने छठी से बारहवीं तक की शिक्षा सेंट सोल्जर डिवाइन पब्लिक स्कूल, नया नंगल से उत्कृष्ट अंकों के साथ पूरी की। बचपन से ही विज्ञान के प्रति गहरी रुचि रखने वाली कोमल ने आगे चलकर मोहाली स्थित प्रतिष्ठित भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान से बीएस-एमएस की डिग्री प्राप्त की।
कोमल की प्रतिभा और शोध क्षमता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वर्ष 2021 में उन्हें अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ मिसिसिपी मेडिकल सेंटर में पीएचडी के लिए शत-प्रतिशत स्कॉलरशिप मिली। पिछले चार वर्षों से कोमल अमेरिका में माइक्रोबायोलॉजी और इम्यूनोलॉजी के क्षेत्र में गहन शोध कार्य कर रही हैं। उनके इसी उत्कृष्ट शोध, नेतृत्व क्षमता और वैज्ञानिक योगदान को देखते हुए उन्हें अब अमेरिकन सोसायटी फॉर माइक्रोबायोलॉजी ने यंग एंबैसेडर के रूप में चुना है, जो किसी भी युवा शोधकर्ता के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जाती है।
कोमल के पिता बालू राम बीटन इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन में कार्यरत हैं और सामाजिक कार्यों से भी जुड़े हुए हैं। परिवार के सहयोग और संस्कारों ने कोमल को आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। कोमल की इस सफलता से गांव बीटन, हरोली क्षेत्र और पूरे ऊना जिले में खुशी का माहौल है। लोग इसे हिमाचल की बेटियों की बढ़ती ताकत और आत्मविश्वास का प्रतीक मान रहे हैं।
कोमल की इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर हिमाचल प्रदेश के उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने उन्हें और उनके परिवार को शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि कोमल ने अपनी मेहनत से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हिमाचल का नाम रोशन किया है और वह प्रदेश की युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा हैं। इसके अलावा स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने भी कोमल और उनके परिजनों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
कोमल बीटन की सफलता यह साबित करती है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत सच्ची हो, तो हिमाचल की बेटियां भी दुनिया के किसी भी मंच पर अपनी पहचान बना सकती हैं।
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