सिरमौर सूरजपुर में वन माफिया पर कार्रवाई, खैर की लकड़ी बरामद
सिरमौर सूरजपुर में वन माफिया पर कार्रवाई, खैर की लकड़ी बरामद

Post by : Ram Chandar

Feb. 21, 2026 5:49 p.m. 111

सिरमौर (पांवटा साहिब) पांवटा साहिब उपमंडल के सूरजपुर क्षेत्र में वन माफिया के खिलाफ वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए खैर की लकड़ी की अवैध तस्करी का पर्दाफाश किया है। माजरा रेंज की वन टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि तिरुपति वैलनेस फैक्ट्री के पिछले हिस्से में अवैध रूप से खैर की लकड़ी का कारोबार चल रहा है। सूचना मिलने के तुरंत बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन तस्करों ने अधिकारियों को देख लिया और अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए।

वन विभाग की टीम ने मौके से सिल्वर रंग की हुंडई सैंट्रो कार बरामद की, जिसमें अवैध कटान से प्राप्त खैर के 11 बिलेट्स (लकड़ी के टुकड़े) भरे हुए थे। इस कार्रवाई में माजरा रेंज के बीओ राम करण और फॉरेस्ट गार्ड दीपक व विकास शामिल रहे। वन विभाग के अधिकारी आदित्य शर्मा ने बताया कि बरामद की गई कार और लकड़ी को कब्जे में ले लिया गया है। फरार आरोपियों के खिलाफ वन अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर गहन जांच शुरू कर दी गई है।

आधिकारिक बयान में कहा गया कि आरोपियों की पहचान के प्रयास जारी हैं और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि विभाग अवैध कटान और तस्करी के खिलाफ सख्ती से अभियान जारी रखेगा। पिछले कुछ महीनों में यह अभियान और तेज कर दिया गया है ताकि जंगलों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और अवैध लकड़ी की तस्करी को रोकने में प्रभावी कदम उठाए जा सकें।

वन विभाग का कहना है कि ऐसे अभियान न केवल वन संपदा की सुरक्षा में सहायक हैं, बल्कि यह स्थानीय समुदाय को भी जागरूक करने का माध्यम हैं। इससे आसपास के क्षेत्रों में अवैध कटान करने वालों के लिए चेतावनी का संदेश भी जाएगा। विभाग ने लोगों से अपील की है कि यदि उन्हें अवैध कटान या तस्करी की जानकारी मिलती है तो तुरंत वन अधिकारियों को सूचित करें।

इस कार्रवाई से यह संदेश स्पष्ट हो गया है कि वन विभाग अवैध कटान और लकड़ी की तस्करी को कतई बर्दाश्त नहीं करेगा। अधिकारी यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि जंगलों की प्राकृतिक संपदा सुरक्षित रहे और वन्य जीवन को कोई खतरा न पहुंचे। भविष्य में भी विभाग ऐसे अभियान समय-समय पर जारी रखेगा और उन सभी व्यक्तियों या समूहों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेगा, जो वन कानून का उल्लंघन करते हैं।

इस मामले में स्थानीय प्रशासन और वन विभाग का सहयोग भी महत्वपूर्ण रहा। उन्होंने कहा कि समुदाय की भागीदारी और जागरूकता से ही अवैध कटान पर रोक लगाई जा सकती है। अधिकारियों का कहना है कि जंगलों की सुरक्षा केवल विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि स्थानीय लोगों और समाज की भी साझा जिम्मेदारी है।

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