Post by : Ram Chandar
ऊना (हिमाचल प्रदेश) हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले में इस वर्ष गेहूं की खरीद प्रक्रिया 8 अप्रैल से 15 जून तक निर्धारित की गई है। जिला नियंत्रक, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले (डीएफएससी) राजीव शर्मा ने शनिवार को जानकारी दी कि इस खरीद के लिए रामपुर अनाज मंडी और टकारला अनाज मंडी को केंद्र बनाया गया है, जहां किसान अपनी उपज बेच सकते हैं। इस खरीद प्रक्रिया को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए हिमाचल प्रदेश राज्य नागरिक आपूर्ति निगम को नोडल एजेंसी के रूप में नियुक्त किया गया है।
सरकार ने इस साल गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2,585 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है, जिससे किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य सुनिश्चित किया जा सके। इस व्यवस्था का उद्देश्य किसानों की मेहनत का उचित प्रतिफल देना और उन्हें बाज़ार में लाभकारी सौदा करने का अवसर प्रदान करना है। इसके तहत किसानों को यह सुविधा दी जा रही है कि वे अपनी फसल की बिक्री के लिए 1 मार्च के बाद ऑनलाइन पोर्टल पर पंजीकरण करवा सकते हैं, ताकि खरीद प्रक्रिया में आसानी और पारदर्शिता बनी रहे।
डीएफएससी ने बताया कि इस वर्ष खरीदी गई फसल की बिक्री के लिए टोकन सेवा भी उपलब्ध कराई जाएगी। इस सेवा के माध्यम से किसान अपने निर्धारित समय पर ऑनलाइन टोकन बुक कर सकेंगे और मंडी में अपनी उपज बेच सकेंगे। यह प्रणाली किसानों को घर बैठे अपनी फसल बेचने की सुविधा प्रदान करेगी और लंबी कतारों और भीड़भाड़ से बचाएगी।
इसके अतिरिक्त, खरीदी गई गेहूं की राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में जमा की जाएगी। यह प्रक्रिया पूरी तरह से ऑनलाइन, सुरक्षित और पारदर्शी होगी, ताकि किसानों को भुगतान में किसी प्रकार की दिक्कत या विलंब का सामना न करना पड़े। इस प्रकार, इस वर्ष ऊना जिले में गेहूं की खरीद किसानों के लिए न केवल आसान और सुरक्षित बनेगी, बल्कि उनकी आर्थिक सुरक्षा और लाभ सुनिश्चित करने में भी मददगार साबित होगी।
इस व्यवस्था से किसानों को यह आश्वासन मिलता है कि उनका उत्पाद उचित मूल्य पर खरीदा जाएगा और उन्हें अपनी मेहनत का पूरा लाभ मिलेगा। राज्य सरकार की यह पहल किसानों के हितों की सुरक्षा और कृषि क्षेत्र को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
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