रामपुर में दूध उत्पादक संघ की बैठक, किसानों की समस्याओं और 23 अप्रैल के प्रदर्शन पर हुई चर्चा
रामपुर में दूध उत्पादक संघ की बैठक, किसानों की समस्याओं और 23 अप्रैल के प्रदर्शन पर हुई चर्चा

Author : Beli Ram Ani, District Kullu

April 4, 2026 11:17 a.m. 161

दूध उत्पादक संघ कमेटी रामपुर की एक महत्वपूर्ण बैठक आज किसान मजदूर भवन चाटी में सफलतापूर्वक आयोजित की गई। इस बैठक में क्षेत्र के विभिन्न इलाकों से आए दूध उत्पादकों और किसान संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया और अपनी समस्याओं को खुलकर सामने रखा। बैठक में मुख्य रूप से 23 अप्रैल को दतनगर में होने वाले प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।

इस बैठक में निरमंड, रामपुर, आनी, ननखड़ी, कुमारसैन, नारकंडा, निथर, करसोग और छतरी क्षेत्र से बड़ी संख्या में कमेटी के सदस्य शामिल हुए। सभी ने एकजुट होकर दूध उत्पादकों से जुड़ी समस्याओं पर अपने विचार साझा किए और समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाने की बात कही।

बैठक को संबोधित करते हुए हिमाचल किसान सभा के राज्य महासचिव राकेश सिंहा, डॉ. ओंकार शाद, दूध उत्पादक संघ के संयोजक प्रेम चौहान, रणजीत ठाकुर, किसान सभा के राज्य सचिव देवकी नंद और निर्माण ब्लॉक के अध्यक्ष पूर्ण ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार ने हाल ही में बजट में दूध के दाम बढ़ाए हैं, जो एक सकारात्मक कदम है। इसके लिए किसान सभा सरकार का धन्यवाद करती है।

हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि दूध के दाम बढ़ने के बावजूद जमीनी स्तर पर किसानों को इसका पूरा लाभ नहीं मिल रहा है। गांवों में दूध की गुणवत्ता मापने के लिए जरूरी मशीनें उपलब्ध नहीं हैं, जिसके कारण किसानों को उनके दूध का सही मूल्य नहीं मिल पाता। इसके अलावा दूध की पेमेंट समय पर न मिलने की समस्या भी लगातार बनी हुई है। कई किसानों को दो-दो महीने तक भुगतान नहीं मिल रहा है, जिससे उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है और परिवार का पालन-पोषण करना मुश्किल हो रहा है।

बैठक में यह भी बताया गया कि इन समस्याओं को पहले भी दतनगर में मिल्क फेडरेशन और सरकार के सामने उठाया गया था, लेकिन अभी तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है। इससे दूध उत्पादकों में निराशा और आक्रोश बढ़ रहा है।

इसके अलावा पशु औषधालयों में डॉक्टरों के खाली पद होने से भी पशुपालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बीमार पशुओं का समय पर इलाज नहीं हो पाता, जिससे उत्पादन पर भी असर पड़ता है।

दूध उत्पादक संघ ने सरकार से मांग की है कि दूध की पेमेंट हर महीने समय पर सीधे किसानों के बैंक खातों में डाली जाए। सभी सोसायटियों में दूध की गुणवत्ता जांचने के लिए टेस्टिंग मशीनें उपलब्ध करवाई जाएं, ताकि किसानों को उनके दूध का सही दाम मिल सके। इसके साथ ही पशु औषधालयों में डॉक्टरों के खाली पद जल्द भरे जाएं और अच्छी गुणवत्ता का सीमन उपलब्ध करवाया जाए, जिससे पशुपालन को बढ़ावा मिल सके।

बैठक में यह भी तय किया गया कि यदि इन मांगों पर जल्द कोई कार्रवाई नहीं होती है, तो 23 अप्रैल को दतनगर में बड़े स्तर पर प्रदर्शन किया जाएगा। इस प्रदर्शन में अधिक से अधिक दूध उत्पादकों और किसानों को शामिल होने का आह्वान किया गया।

इस अवसर पर तुला राम, सुभाष, करतार, रामलाल, हरविंदर, टिकम, निहाल चंद, काकू, सानू देवी और भीष्म नेगी सहित कई अन्य सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने एकजुट होकर अपनी आवाज उठाने और अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करने का संकल्प लिया।

यह बैठक किसानों की समस्याओं को सामने लाने और उनके समाधान के लिए एक मजबूत कदम साबित हुई है। इसके माध्यम से दूध उत्पादकों ने यह संदेश दिया है कि वे अपनी मांगों को लेकर गंभीर हैं और जरूरत पड़ने पर बड़े स्तर पर आंदोलन करने से भी पीछे नहीं हटेंगे।

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