हिमाचल में साफ मौसम के बीच NH-3 पर भूस्खलन से बढ़ी चिंता
हिमाचल में साफ मौसम के बीच NH-3 पर भूस्खलन से बढ़ी चिंता

Post by : Ram Chandar

Feb. 24, 2026 9:51 a.m. 162

शिमला: मौसम विज्ञान केंद्र, शिमला ने 24 फरवरी 2026 के लिए हिमाचल प्रदेश का विस्तृत मौसम पूर्वानुमान जारी किया है। विभाग के अनुसार राज्य के अधिकांश क्षेत्रों में मौसम साफ और शुष्क बना रहेगा। आसमान खुला रहने और धूप खिलने के कारण दिन के तापमान में धीरे-धीरे वृद्धि होने की संभावना है, जबकि सुबह और रात के समय हल्की ठंड बनी रह सकती है।

मौसम विभाग के मुताबिक, राजधानी शिमला में अधिकतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 8 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। ऊना जिले में अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जबकि न्यूनतम तापमान 8 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। वहीं कांगड़ा में अधिकतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस रहने के आसार जताए गए हैं। विभाग ने कहा है कि साफ मौसम के चलते मैदानी और निचले क्षेत्रों में दिन के समय गर्माहट बढ़ेगी।

इस बीच, साफ मौसम के बावजूद प्रदेश में भूस्खलन की घटना ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। रविवार रात राष्ट्रीय राजमार्ग-3 (मंडी–कोटली–धर्मपुर–हमीरपुर) पर अचानक पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा गिर गया। भूस्खलन के कारण मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गया और करीब 12 घंटे तक यातायात प्रभावित रहा। सोमवार सुबह लगभग 11 बजे संबंधित विभाग द्वारा मलबा हटाने के बाद मार्ग को वाहनों की आवाजाही के लिए बहाल किया गया।

राहत की बात यह रही कि भूस्खलन के समय सड़क पर वाहनों की संख्या कम थी, जिससे किसी प्रकार की जनहानि या बड़ा हादसा नहीं हुआ। हालांकि सुबह के समय लोगों को काम पर जाने और बच्चों को स्कूल व कॉलेज पहुंचने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। कई वाहन लंबे समय तक जाम में फंसे रहे, जिससे यात्रियों को असुविधा झेलनी पड़ी।

घटना की सूचना मिलते ही लोक निर्माण विभाग और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। बैकहो मशीन और अन्य उपकरणों की सहायता से मलबा हटाने का कार्य युद्धस्तर पर शुरू किया गया। कुछ ही घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद सड़क को यातायात के लिए खोल दिया गया।

स्थानीय लोगों का कहना है कि बिना बारिश के इस तरह का भूस्खलन होना चिंता का विषय है। उनका मानना है कि यदि सूखे मौसम में ही पहाड़ दरक रहे हैं, तो बरसात के दौरान स्थिति और गंभीर हो सकती है। क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से इस मार्ग पर सुरक्षा के अतिरिक्त इंतजाम करने और नियमित निगरानी की मांग की है।

गौरतलब है कि इस राष्ट्रीय राजमार्ग पर इन दिनों चौड़ीकरण और निर्माण कार्य जारी है। निर्माण गतिविधियों के कारण कई स्थानों पर पहाड़ों की कटाई की गई है, जिससे भूस्खलन की आशंका बढ़ गई है। हैरानी की बात यह भी सामने आई कि जिस स्थान पर भूस्खलन हुआ, वहां सुरक्षा दीवार का निर्माण किया गया था, लेकिन इसके बावजूद ऊपर से पहाड़ का हिस्सा दरक गया।

लगाधार पंचायत के पूर्व प्रधान राकेश राणा ने बताया कि भूस्खलन रविवार रात करीब 11 बजे हुआ। उस समय यातायात कम था, जिससे बड़ा हादसा टल गया। उन्होंने कहा कि सुबह के समय सड़क बंद होने के कारण लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा और कई कर्मचारी तथा छात्र देर से अपने गंतव्य तक पहुंचे।

साफ मौसम में इस तरह की घटना सामने आने से क्षेत्र के लोगों में भय का माहौल है। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से संवेदनशील स्थानों की पहचान कर वहां सुरक्षात्मक उपायों को और मजबूत करने की मांग की है, ताकि भविष्य में किसी बड़ी दुर्घटना से बचा जा सके। वहीं मौसम विभाग ने लोगों को मौसम में हो रहे बदलावों को देखते हुए सतर्क रहने और पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी है।

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