ऊना-हमीरपुर मार्ग पर 860 मीटर लंबा नया पुल बनेगा दूरी घटेगी 22 किमी
ऊना-हमीरपुर मार्ग पर 860 मीटर लंबा नया पुल बनेगा दूरी घटेगी 22 किमी

Post by : Ram Chandar

Feb. 24, 2026 11:11 a.m. 2434

ऊना: हिमाचल प्रदेश के ऊना और हमीरपुर जिलों के बीच यातायात सुविधा को बेहतर बनाने और समय व ईंधन की बचत सुनिश्चित करने के लिए गोबिंद सागर झील पर लठियाणी और मंदली के बीच बहुप्रतीक्षित पुल का निर्माण कार्य फरवरी के प्रथम सप्ताह से शुरू कर दिया गया है। यह परियोजना दशकों से लंबित थी और स्थानीय लोगों और व्यापारिक समुदाय के लिए इस परियोजना के शुरू होने की खबर ने उत्साह की लहर पैदा कर दी है।

लगभग 860 मीटर लंबे इस अत्याधुनिक पुल की प्रारंभिक स्वीकृति 871 करोड़ रुपये की थी, जिसे अब संशोधित कर बढ़ाया गया है। अधिकारियों के अनुसार, निर्माण कार्य में आधुनिक इंजीनियरिंग तकनीक और सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। पुल के डिजाइन और निर्माण में स्थानीय भूगोल और पर्यावरणीय परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए यह सुनिश्चित किया गया है कि पुल लंबे समय तक टिकाऊ और मजबूत बने।

विशेषज्ञों का कहना है कि इस पुल के बनने के बाद ऊना और हमीरपुर के बीच की दूरी लगभग 22 किलोमीटर घट जाएगी। वर्तमान में इस मार्ग पर लोगों को लंबा और घुमावदार रास्ता तय करना पड़ता है, जिससे न केवल समय की बर्बादी होती है बल्कि ईंधन और संसाधनों की भी काफी बर्बादी होती है। पुल के निर्माण के बाद राहगीरों और वाहनों को यात्रा में सुविधा होगी, समय की बचत होगी और परिवहन प्रणाली अधिक कुशल और व्यवस्थित होगी।

पुल का निर्माण स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए भी लाभकारी साबित होगा। इससे स्थानीय रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और आसपास के क्षेत्रों में व्यापारिक गतिविधियों को गति मिलेगी। अधिकारियों ने बताया कि परियोजना जल्द पूरी होने की संभावना है और समय पर पूरा करने के लिए पर्याप्त संसाधनों और कुशल कर्मचारियों की तैनाती की गई है।

स्थानीय प्रशासन ने बताया कि पुल निर्माण के दौरान सड़क सुरक्षा और यातायात नियंत्रण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। निर्माण कार्य के समय पर्यावरणीय सुरक्षा, जलस्तर नियंत्रण और झील के आसपास के जीव-जंतु तथा पर्यावरणीय प्रभावों का भी ध्यान रखा जाएगा।

इस परियोजना के शुरू होने से क्षेत्र में आने वाले वर्षों में यातायात व्यवस्था में सुधार होने की उम्मीद जताई जा रही है। यह पुल केवल दूरी घटाने का काम ही नहीं करेगा, बल्कि स्थानीय लोगों के जीवन स्तर में सुधार और आर्थिक गतिविधियों में वृद्धि के लिए भी एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

सारांश में, गोबिंद सागर झील पर बन रहा यह पुल न केवल ऊना और हमीरपुर के बीच की दूरी को कम करेगा, बल्कि प्रदेश में यातायात सुविधा, समय की बचत, ईंधन की बचत, स्थानीय रोजगार और आर्थिक विकास में भी एक महत्वपूर्ण योगदान देगा। यह परियोजना हिमाचल प्रदेश के अवसंरचना विकास में मील का पत्थर साबित होने जा रही है।

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