बिजली बोर्ड के तकनीकी कर्मचारियों को मोबाइल और सुरक्षा भत्ता मिलेगा
बिजली बोर्ड के तकनीकी कर्मचारियों को मोबाइल और सुरक्षा भत्ता मिलेगा

Post by : Himachal Bureau

Feb. 24, 2026 5:26 p.m. 125

बिजली बोर्ड में दिन-रात फील्ड में सेवाएं देने वाले तकनीकी कर्मचारियों को अब मोबाइल भत्ता और प्रोटेक्शन अलाऊंस दिया जाएगा। बोर्ड प्रबंधन ने इस संबंध में हाल ही में आदेश जारी कर दिए हैं। यह कदम बोर्ड द्वारा तकनीकी कर्मचारियों की लंबे समय से की जा रही मांग को पूरा करने के उद्देश्य से उठाया गया है। वहीं, बिजली बोर्ड तकनीकी कर्मचारी संघ के प्रयास भी इस निर्णय को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाए हैं।

2018 में छुटे हुए फील्ड स्टाफ को भी अब मोबाइल भत्ता मिलेगा। आदेशों के अनुसार, फोरमैन एम एंड टी, पी एंड टी, पीएचई, एचएम, फोरमैन सब स्टेशन, सब स्टेशन अटैैडैंट, इलैक्ट्रिशियन, एम एंड टी, पी एंड टी, पीएचई एचएम को 200 रुपए मासिक मोबाइल भत्ता मिलेगा। इसके अलावा, हैल्पर सब स्टेशन एम एंड टी, पी एंड टी, पीएचई एचएम को 150 रुपए मासिक मोबाइल भत्ता मिलेगा।

बिजली बोर्ड के तकनीकी कर्मचारी फोरमैन, लाइनमैन, एसएसए और हैल्पर विषम भौगोलिक परिस्थितियों और जानलेवा जोखिम के बीच काम करते हैं। यदि कनिष्ठ अभियंता या उच्च अधिकारी को मोबाइल सुविधा प्रदान की जाती है, तो ऐसे कर्मचारी जो सब-स्टेशन और पावर हाऊस में बैठकर वास्तविक फॉल्ट ठीक करते हैं और रात-बेरात सूचनाओं का आदान-प्रदान करते हैं, उन्हें अपने निजी खर्च पर विभागीय संचार क्यों करना चाहिए। इसी कारण तकनीकी कर्मचारी संघ ने लगातार यह मांग की कि फील्ड के सभी कर्मचारियों को भी मोबाइल भत्ता प्रदान किया जाए।

इसके अतिरिक्त, तकनीकी कर्मचारियों के लंबे समय से किए गए प्रयासों के बाद प्रोटेक्शन अलाऊंस भी दिया जाएगा। आदेशों के अनुसार, जेई इलैक्ट्रिकल, जेई टैस्ट, इलैक्ट्रिशियन, हैल्पर और हैल्पर सब स्टेशन को 100 रुपए प्रोटेक्शन अलाऊंस मिलेगा। इस भत्ते के रूप में कर्मचारियों को वर्ष भर में कुल 1,200 रुपए प्राप्त होंगे। प्रोटेक्शन विंग बनने से पहले इसमें कार्यरत कर्मचारी प्रोटेक्शन अलाऊंस से वंचित थे, जबकि वे जोखिमपूर्ण कार्य में शामिल थे।

तकनीकी कर्मचारी संघ के अध्यक्ष रणबीर सिंह ठाकुर और महासचिव चमन लाल शर्मा ने कहा कि संघ लंबे समय से बोर्ड प्रबंधन से यह मांग कर रहा था और पिछले वर्ष हुई बोर्ड बैठक में इसे दोहराया गया। उन्होंने कहा कि भले ही मोबाइल भत्ता 150 और 200 रुपए की राशि वर्तमान महंगाई के दौर में कम प्रतीत हो, यह तकनीकी कर्मचारी संघ के लिए नीतिगत रूप में एक महत्वपूर्ण जीत है।

बिजली बोर्ड कर्मचारी यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष नीतीश भारद्वाज और महासचिव प्रशांत शर्मा ने कहा कि प्रोटेक्शन विंग बनने के बाद इसमें कार्यरत कर्मचारी प्रोटेक्शन भत्ते से वंचित थे, जबकि उनके कार्य में जोखिम समान था। वर्तमान में बोर्ड में फील्ड स्टाफ को 75 रुपए से 100 रुपए प्रतिमाह मोबाइल भत्ता दिया जा रहा है, जिसे अब कुछ अन्य श्रेणियों तक भी विस्तारित किया गया है। उन्होंने सुझाव दिया कि मोबाइल रिचार्ज दरों में पिछले वर्षों में भारी वृद्धि हुई है, जबकि वर्तमान मोबाइल भत्ता लगभग 10 वर्ष पूर्व निर्धारित किया गया था। इसलिए मोबाइल भत्ता राशि को 150 रुपए से 400 रुपए प्रतिमाह तक बढ़ाने और इसे दोगुना करने पर विचार किया जाना चाहिए।

इस निर्णय से बिजली बोर्ड के फील्ड स्टाफ को वित्तीय सुरक्षा और सुविधा दोनों प्राप्त होंगी। तकनीकी कर्मचारियों की मेहनत और समर्पण को मान्यता देने के लिए बोर्ड प्रबंधन ने यह कदम उठाया है। इससे कर्मचारियों में मनोबल बढ़ेगा और वे और अधिक उत्साह के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन कर सकेंगे।

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