सुंदरनगर में एलपीजी गैस संकट गहराया, लोग घंटों लाइन में लगकर लौट रहे खाली हाथ
सुंदरनगर में एलपीजी गैस संकट गहराया, लोग घंटों लाइन में लगकर लौट रहे खाली हाथ

Post by : Himachal Bureau

March 27, 2026 11:08 a.m. 115

मंडी जिले के सुंदरनगर में घरेलू एलपीजी गैस की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है। गुरुवार सुबह से ही बड़ी संख्या में लोग गैस सिलेंडर लेने के लिए गोदामों के बाहर पहुंच गए थे। हालात यह रहे कि सैकड़ों उपभोक्ता सुबह करीब 6 बजे से लंबी लाइनों में खड़े हो गए, लेकिन कई घंटों तक इंतजार करने के बावजूद उन्हें सिलेंडर नहीं मिल पाया। दोपहर 11 बजे तक भी कई लोग खाली हाथ ही लौटने को मजबूर हुए, जिससे लोगों में भारी नाराजगी देखने को मिली।

लोगों में बढ़ता आक्रोश और असंतोष

स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पूरा संकट गैस एजेंसियों की लापरवाही और मनमानी का नतीजा है। उपभोक्ताओं का आरोप है कि वितरण व्यवस्था पूरी तरह से प्रभावित हो गई है और कुछ चुनिंदा लोगों को ही आसानी से सिलेंडर उपलब्ध कराया जा रहा है, जबकि आम जनता को घंटों इंतजार करना पड़ता है। इस असमान व्यवस्था के कारण लोगों में लगातार गुस्सा और असंतोष बढ़ता जा रहा है और वे प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

आने-जाने का अतिरिक्त खर्च भी बना बड़ा बोझ

गैस सिलेंडर लेने के लिए उपभोक्ताओं को अपने घर से दूर स्थित गोदामों तक ऑटो या अन्य साधनों से पहुंचना पड़ता है, जिसमें लगभग 400 रुपये तक का अतिरिक्त खर्च आ रहा है। कई लोग बार-बार चक्कर लगाने को मजबूर हैं, जिससे उनका समय और पैसा दोनों बर्बाद हो रहा है। इसके बावजूद जब उन्हें सिलेंडर नहीं मिलता तो उनकी परेशानी और बढ़ जाती है, जिससे आम जनता पर आर्थिक बोझ भी लगातार बढ़ रहा है।

स्थानीय लोगों ने यह भी आरोप लगाया है कि बाजार में गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी की जा रही है और उन्हें अधिक कीमतों पर बेचा जा रहा है। उनका कहना है कि एक तरफ आम लोग घंटों लाइनों में खड़े रहते हैं, वहीं दूसरी तरफ कुछ लोग आसानी से और महंगे दामों पर सिलेंडर प्राप्त कर रहे हैं। यदि यह आरोप सही हैं, तो यह व्यवस्था में गंभीर खामी और मिलीभगत की ओर इशारा करता है।

प्रशासन के दावों पर उठे सवाल

प्रशासन की ओर से लगातार यह दावा किया जा रहा है कि क्षेत्र में गैस का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है, लेकिन जमीनी स्थिति इससे बिल्कुल अलग दिखाई दे रही है। उपभोक्ताओं का कहना है कि अगर वास्तव में पर्याप्त गैस मौजूद है, तो फिर आम लोगों तक इसकी आपूर्ति क्यों नहीं हो पा रही। इस विरोधाभास ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। उपभोक्ता विनोद कुमार ने बताया कि उनके पास डीएससी नंबर होने के बावजूद उन्हें सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने कहा कि उन्होंने लगभग तीन महीने पहले अंतिम बार सिलेंडर लिया था, लेकिन उसके बाद से लगातार प्रयास करने के बावजूद उन्हें नया सिलेंडर नहीं मिल सका है। इससे उनकी घरेलू व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई है।

एक महिला उपभोक्ता ने बताया कि वह पिछले चार दिनों से लगातार गैस एजेंसी के संपर्क में हैं। उनकी बुकिंग पहले से हो चुकी है, फिर भी उन्हें सिलेंडर उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है, जिससे उन्हें रोजमर्रा की जिंदगी में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही गैस वितरण व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया और कालाबाजारी पर सख्त रोक नहीं लगाई गई, तो वे सड़क पर उतरकर आंदोलन करने को मजबूर होंगे। लोगों का कहना है कि अब यह समस्या बर्दाश्त से बाहर हो चुकी है और इसका तुरंत समाधान जरूरी है।

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