Post by : Himachal Bureau
हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में स्थित सुप्रसिद्ध धार्मिक स्थल और पर्यटन केंद्र, बिजली महादेव की पहाड़ियों में देर शाम एक भीषण आग लगने की घटना सामने आई है। यह आग इतनी तीव्र थी कि देखते ही देखते पूरे क्षेत्र में फैल गई और आसपास के हरे-भरे जंगलों को अपनी चपेट में ले लिया। वन संपदा की यह घटना लाखों रुपये के नुकसान का कारण बनी है, क्योंकि इलाके की बहुमूल्य वन संपदा और पेड़-पौधे आग की भेंट चढ़ गए।
स्थानीय लोगों और अधिकारियों के अनुसार आग की लपटें इतनी ऊँची और तेज थीं कि दूर-दूर से उन्हें देखा जा सकता था। आग ने देर रात तक तांडव मचाया, जिससे न केवल वन्य जीवों और पेड़-पौधों को नुकसान हुआ, बल्कि आसपास के पारिस्थितिक तंत्र भी प्रभावित हुआ। यह क्षेत्र पहले ही प्राकृतिक सुंदरता और जैव विविधता के लिए प्रसिद्ध है, लेकिन आग ने इसे गंभीर संकट में डाल दिया।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस क्षेत्र में हाल के दिनों में दूसरी बड़ी आग लगी है। पहले की घटना की तरह इस बार भी आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार यह प्राकृतिक कारणों के साथ-साथ मानव लापरवाही या शरारती गतिविधियों के कारण भी हो सकती है।
स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से तत्काल सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है। उनका कहना है कि बार-बार आग लगने से न केवल वन संपदा और जैव विविधता को नुकसान हो रहा है, बल्कि पर्यटकों और स्थानीय लोगों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ रही है।
वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और अरण्यपाल (CF) संदीप शर्मा ने बताया कि विभाग इस घटना को गंभीरता से ले रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आग लगने के पीछे शरारती तत्वों या जानबूझकर आग लगाने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने लोगों से अपील की है कि जंगलों और पहाड़ियों में आग न लगाएं और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत वन विभाग या पुलिस को दें।
विभागीय टीम ने आग बुझाने के लिए रातभर कठिन परिश्रम किया। फायर ब्रिगेड, वन रक्षक और स्थानीय ग्रामीण मिलकर आग को फैलने से रोकने का प्रयास कर रहे थे। साथ ही आसपास के वन्य जीवों की सुरक्षा और घायलों को तत्काल सहायता प्रदान की गई।
स्थानीय प्रशासन और वन विभाग का कहना है कि आगामी दिनों में इलाके में सुरक्षा व्यवस्था और आग रोकने के उपायों को और कड़ा किया जाएगा। इसके अलावा जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को आग के खतरों और जंगल की सुरक्षा के महत्व के बारे में जानकारी दी जाएगी।
कुल्लू जिले में बिजली महादेव के आसपास की पहाड़ियाँ धार्मिक और पर्यटन दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। इस क्षेत्र में लगने वाली आग न केवल प्राकृतिक संपदा को नुकसान पहुंचाती है, बल्कि पर्यटन उद्योग पर भी असर डालती है। अधिकारियों का कहना है कि यह घटना भविष्य में ऐसी आपदाओं को रोकने के लिए चेतावनी भी है, और इसे गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
इस गंभीर आग की घटना ने स्थानीय लोगों और पर्यटकों में चिंता और भय का माहौल पैदा कर दिया है। लोगों का कहना है कि प्रशासन को नियमित गश्त और निगरानी के माध्यम से पहाड़ियों और जंगलों में सुरक्षा को मजबूत करना चाहिए, ताकि इस तरह की घटनाएँ भविष्य में न हों।
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