साल 2026 का पहला चंद्र ग्रहण: प्रभाव, अवधि और धार्मिक नियमों की पूरी जानकारी
साल 2026 का पहला चंद्र ग्रहण: प्रभाव, अवधि और धार्मिक नियमों की पूरी जानकारी

Post by : Himachal Bureau

Feb. 19, 2026 5:07 p.m. 124

साल 2026 का पहला चंद्र ग्रहण आने वाला है और यह साल का सबसे लंबा ग्रहण माना जा रहा है। हिंदू पंचांग के अनुसार यह ग्रहण 3 मार्च 2026 को दोपहर से शाम तक रहेगा। इसके तुरंत बाद रात को होलिका दहन होगा और अगले दिन यानी 4 मार्च को होली का त्यौहार मनाया जाएगा। यह ग्रहण पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र और सिंह राशि में लगने वाला है।

भारत में यह ग्रहण केवल कुछ हिस्सों में दिखाई देगा, इसलिए यहाँ सूतक काल मान्य होगा। सूतक काल के दौरान विशेष सावधानियां बरतने की सलाह दी जाती है।

चंद्र ग्रहण 3 मार्च 2026 को भारतीय समयानुसार दोपहर 3 बजकर 20 मिनट पर शुरू होगा और शाम 6 बजकर 47 मिनट पर समाप्त होगा। इस प्रकार इसकी कुल अवधि लगभग 3 घंटे 27 मिनट रहेगी। ग्रहण का सूतक काल इसके 9 घंटे पहले शुरू हो जाएगा। भारत में सूतक काल की शुरुआत 3 मार्च की सुबह 6 बजकर 20 मिनट से होगी।

सूतक काल के दौरान कई धार्मिक और सामाजिक नियमों का पालन करना चाहिए। इस समय पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठान कर सकते हैं, लेकिन नए कार्य शुरू करना, भोजन पकाना, यात्रा करना या किसी मांगलिक कार्य में भाग लेना वर्जित है। साथ ही गर्भवती महिलाएं, बुजुर्ग, बच्चे और रोगी इस दौरान घर से बाहर न निकलें। मूर्तियों को छूने और ग्रहण के दौरान संवेदनशील कार्य करने से भी बचना चाहिए।

भारत में ग्रहण दिखाई देने वाले हिस्से

यह चंद्र ग्रहण भारत के कुछ हिस्सों में स्पष्ट रूप से दिखाई देगा। विशेष रूप से बंगाल के उत्तर-पूर्वी हिस्सों और पूर्वोत्तर राज्यों जैसे मिजोरम, नागालैंड, मणिपुर, असम और अरुणाचल प्रदेश में इसे देखा जा सकेगा। पश्चिम बंगाल में भी यह ग्रहण दिखाई देगा। इसके अलावा दिल्ली, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और राजस्थान में यह आंशिक रूप से देखा जा सकेगा।

भारत के अलावा यह ग्रहण पूरे एशिया में दिखाई देगा। इसमें पाकिस्तान, अफगानिस्तान, ईराक और ईरान शामिल हैं। इसके साथ ही न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया, अंटार्कटिका, अमेरिका के उत्तरी और दक्षिणी हिस्से, और रूस में भी इसे देखा जा सकेगा।

राशियों पर चंद्र ग्रहण का प्रभाव

  • मेष राशि: इस राशि के जातकों के लिए ग्रहण अनुकूल नहीं माना जा रहा। इस दौरान भागदौड़ बढ़ सकती है और खर्चे पहले से अधिक हो सकते हैं।

  • कर्क राशि: आर्थिक नुकसान और आय के साधन कमजोर हो सकते हैं। व्यापार में घाटा और अनावश्यक यात्रा के योग बन सकते हैं।

  • सिंह राशि: ग्रहण सिंह राशि में लग रहा है, इसलिए इसका असर इस राशि पर अधिक होगा। स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां, चोट या दुर्घटना का डर, और आर्थिक दबाव बन सकता है। संपत्ति को लेकर विवाद की संभावना भी रहती है।

  • वृश्चिक राशि: स्वास्थ्य और मानसिक तनाव पर ध्यान देना होगा। करियर में संघर्ष की स्थिति और कर्ज से बचने की आवश्यकता रहेगी।

  • मीन राशि: बनते कार्य रुक सकते हैं। पारिवारिक तनाव बढ़ सकता है और संतान के मामले में चिंता बनी रह सकती है।

हिंदू धर्म में चंद्र ग्रहण को विशेष महत्व दिया जाता है। यह न केवल धार्मिक दृष्टि से बल्कि सामाजिक और स्वास्थ्य दृष्टि से भी महत्वपूर्ण होता है। ग्रहण के दौरान सावधानी और अनुशासन बनाए रखना जरूरी है। होलिका दहन और होली जैसे पर्व के समय ग्रहण का होना इस त्योहार की मान्यताओं को और भी विशेष बनाता है।

साल 2026 का यह पहला चंद्र ग्रहण न केवल खगोलीय दृष्टि से महत्वपूर्ण है बल्कि यह धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। ग्रहण और सूतक काल के नियमों का पालन करना, स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए आवश्यक है। भारत और विश्व के कई हिस्सों में यह ग्रहण देखा जाएगा। राशियों पर इसके प्रभाव के अनुसार सावधानियां बरतकर यह समय सुरक्षित और लाभकारी बनाया जा सकता है।

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