किन्नौर की ऊंची चोटियों पर सीजन की पहली बर्फबारी, बारिश और ठंड से सेब बागवानों की बढ़ी चिंता
किन्नौर की ऊंची चोटियों पर सीजन की पहली बर्फबारी, बारिश और ठंड से सेब बागवानों की बढ़ी चिंता

Post by : Himachal Bureau

Sept. 26, 2026 3:38 p.m. 108

किन्नौर: हिमाचल प्रदेश के जनजातीय जिला किन्नौर के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में शनिवार को सीजन की पहली बर्फबारी दर्ज की गई। मौसम में अचानक आए बदलाव के बाद जिले के ऊपरी इलाकों में बर्फबारी और निचले क्षेत्रों में बारिश का दौर जारी है। लगातार बारिश और तापमान में गिरावट से पूरे जिले में ठंड बढ़ गई है।

छितकुल और कुन्नू-चरंग में गिरी बर्फ

शनिवार सुबह मौसम ने अचानक करवट ली। इसके बाद किन्नौर के ऊंचाई वाले सीमांत गांवों छितकुल और कुन्नू-चरंग सहित आसपास के क्षेत्रों में ताजा बर्फबारी हुई। वहीं भावानगर, रिकांगपिओ और टापरी जैसे निचले क्षेत्रों में बारिश जारी रही। अचानक बदले मौसम के कारण जिले के तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। ठंड बढ़ने के साथ स्थानीय लोगों ने गर्म कपड़े निकाल लिए हैं। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी के बाद मौसम में ठंडक और बढ़ गई है।

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सेब तुड़ाई पर पड़ा मौसम का असर

किन्नौर में इस समय सेब सीजन चल रहा है। कल्पा और पूह विकास खंडों में कई स्थानों पर सेब तुड़ाई का काम जोरों पर है। ऐसे में बारिश और बर्फबारी ने बागवानों की चिंता बढ़ा दी है। मौसम खराब होने से सेब तुड़ाई का काम प्रभावित हो रहा है। इसके साथ ही बागवानों के सामने तैयार फसल को सुरक्षित तरीके से मंडियों तक पहुंचाने की चुनौती भी बढ़ गई है। बारिश के बीच सेब की तुड़ाई और परिवहन दोनों प्रभावित होने की आशंका है।

तापमान और गिरा तो पेड़ों को नुकसान की चिंता

बागवानों को अब तापमान में और गिरावट की चिंता सता रही है। उनका कहना है कि यदि ठंड और बढ़ती है तथा ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी का दौर जारी रहता है तो सेब से लदे पेड़ों को नुकसान पहुंच सकता है। फिलहाल मौसम की स्थिति पर बागवानों की नजर बनी हुई है। सेब की तैयार फसल को समय पर बागों से निकालकर सुरक्षित स्थानों और मंडियों तक पहुंचाना उनके लिए जरूरी है।

प्रमुख सड़कें अभी खुली

मौसम खराब होने के बावजूद राहत की बात यह है कि किन्नौर जिले की प्रमुख सड़कें फिलहाल यातायात के लिए खुली हुई हैं। अभी तक किसी बड़े सड़क अवरोध, अप्रिय घटना या नुकसान की सूचना नहीं मिली है। हालांकि, ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी और निचले इलाकों में लगातार बारिश को देखते हुए स्थानीय लोगों और वाहन चालकों को मौसम पर नजर रखने की जरूरत है। आने वाले समय में मौसम का रुख सेब सीजन और सामान्य जनजीवन के लिए महत्वपूर्ण रहेगा।

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